अर्थतंत्र की खबरें: शेयर बाजार में बड़ी गिरावट निवेशकों के 10 लाख करोड़ रुपए साफ और रुपया में फिसला
इस भारी गिरावट के चलते निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले दिन के करीब 440 लाख करोड़ रुपए से घटकर लगभग 430 लाख करोड़ रुपए हो गया, जिससे एक ही दिन में निवेशकों को लगभग 10 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

अमेरिका-ईरान संघर्ष के लंबे समय तक चलने से गैस आपूर्ति संकट गहराने के कारण हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भी भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली और प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स व निफ्टी लाल निशान में बंद हुए। यह लगातार तीसरा दिन रहा जब घरेलू बाजार में गिरावट देखी गई।
बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1.93 प्रतिशत या 1470.50 अंक गिरकर 74,563.92 पर पहुंच गया। वहीं, एनएसई निफ्टी 488.05 अंक यानी 2.06 प्रतिशत गिरकर 23,151.10 पर पहुंच गया।
दिन के कारोबार में सेंसेक्स 75,444.22 पर खुलकर दिन के निचले स्तर 74,454.60 पर पहुंच गया, तो वहीं निफ्टी50 23,462.50 पर खुला और एक समय 23,112 के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया।
व्यापक बाजार में भी बेंचमार्क सूचकांकों से ज्यादा की गिरावट देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 2.65 प्रतिशत तो निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 2.51 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, सेक्टरवार देखें तो निफ्टी मेटल में 5 प्रतिशत की गिरावट आई और यह सेक्टोरल इंडेक्स में सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ। निफ्टी पीएसयू बैंक (3.72 प्रतिशत की गिरावट) और निफ्टी मीडिया (3.56 प्रतिशत की गिरावट) का प्रदर्शन भी खराब रहा।
इसके अलावा, निफ्टी ऑटो में 3.60 प्रतिशत, निफ्टी बैंक में 2.44 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 2.04 प्रतिशत, निफ्टी आईटी में 1.72 प्रतिशत तो निफ्टी एफएमसीजी में 0.55 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
दिन के कारोबार में इस भारी गिरावट के चलते निवेशकों को भारी नुकसान हुआ। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप पिछले दिन के करीब 440 लाख करोड़ रुपए से घटकर लगभग 430 लाख करोड़ रुपए हो गया, जिससे एक ही दिन में निवेशकों को लगभग 10 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
सोने में मुनाफावसूली जारी, दाम 1.60 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के नीचे फिसला
सोने और चांदी की कीमत में शुक्रवार को गिरावट देखी जा रही है। इससे सोने का दाम फिर से 1.60 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के नीचे और चांदी की कीमत 2.60 लाख रुपए प्रति किलो के नीचे लुढ़क गई है।
इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) की ओर से दोपहर 12 बजे जारी की गई कीमतों के अनुसार, 24 कैरेट सोने का दाम 1,748 रुपए कम होकर 1,58,555 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,60,303 रुपए प्रति 10 ग्राम था।
22 कैरेट सोने का दाम 1,46,838 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,45,236 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है। 18 कैरेट सोने की कीमत 1,20,227 रुपए प्रति 10 ग्राम से कम होकर 1,18,916 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है।
चांदी की कीमत 8,350 रुपए कम होकर 2,59,951 रुपए प्रति किलो हो गई है, जो कि पहले 2,68,301 रुपए प्रति किलो थी। आईबीजेए की ओर से दिन दो बार दोपहर 12 बजे और शाम 5 बजे कीमतें जारी की जाती हैं।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स), पर दोपहर 12:30 बजे, सोने के 2 अप्रैल, 2026 के कॉन्ट्रैक्ट 0.40 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,59,632 रुपए और चांदी के 5 मई, 2026 के कॉन्ट्रैक्ट 1.81 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,63,099 रुपए पर थे।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी की कीमतों में कमजोरी देखी जा रही है। सोना 0.64 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 5,092 डॉलर प्रति औंस और चांदी 3 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 82 डॉलर प्रति औंस पर है।
रुपया 20 पैसे टूटकर 92.45 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद
पश्चिमी एशिया में जारी संघर्ष के बीच कच्चे तेल की कीमतें 101 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच जाने के बीच रुपया शुक्रवार को 20 पैसे टूटकर 92.45 प्रति डॉलर (अस्थायी) के नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि डॉलर के मजबूत रुख, विदेशी निवेशकों की भारी बिकवाली और घरेलू शेयर बाजारों में कमजोर रुझान ने रुपये पर और दबाव डाला।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 92.33 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 92.47 के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। कारोबार के अंत में रुपया 92.45 प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 20 पैसे की गिरावट दर्शाता है।
रुपया बृहस्पतिवार को 24 पैसे टूटकर 92.25 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘घरेलू बाजारों में कमजोरी और डॉलर के मजबूत होने से रुपया शुक्रवार को नए रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और विदेशी निवेशकों द्वारा निरंतर निकासी ने भी रुपये पर दबाव डाला।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध के कारण वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति से रुपये के गिरावट में रहने की आशंका है। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें और मुद्रास्फीति की चिंता रुपये पर और दबाव डाल सकती हैं। ’’
चौधरी ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये के 92.10 से 92.80 के बीच कारोबार करने के आसार हैं।
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