अर्थतंत्र की खबरें: रुपया फिर धड़ाम, 76 पैसे गिरकर सर्वकालिक निचले स्तर पर और सोना-चांदी में उछाल जारी
वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता और जोखिम लेने की धारणा कमजोर होने के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार पूंजी निकासी के दबाव में रुपये में गिरावट आई।

अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया बुधवार को 67 पैसे लुढ़ककर अब तक के सबसे निचले स्तर 91.64 (अस्थायी) पर बंद हुआ। वैश्विक बाजारों में बढ़ती अनिश्चितता और जोखिम लेने की धारणा कमजोर होने के बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार पूंजी निकासी के दबाव में रुपये में गिरावट आई।
बाजार सूत्रों ने कहा कि रुपया 16 दिसंबर, 2025 को 91.14 के अपने पिछले सबसे निचले स्तर पर पहुंचा था। इस महीने अब तक रुपये में 1.50 प्रतिशत की गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि इस गिरावट का कारण बढ़ती भू-राजनीतिक अनिश्चितता हो सकती है।
उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड मुद्दे और संभावित शुल्क को लेकर यूरोप में बढ़ते तनाव, साथ ही घरेलू बाजार में नकारात्मक रुख ने निवेश्कों की कारोबारी धारणा को और प्रभावित किया।
अंतरबैंक विदेशीमुद्रा विनिमय बाजार में, रुपया 91.05 पर खुला और डॉलर के मुकाबले 91.74 के कारोबार के निचले स्तर पर आ गया। कारोबार के अंत में रुपया 91.64 (अस्थायी) के सर्वकालिक निम्न स्तर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद स्तर से 67 पैसे कम था।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक, दिलीप परमार के मुताबिक, 21 नवंबर, 2025 के बाद यह एक दिन में सबसे बड़ी गिरावट है। मंगलवार को, रुपया सात पैसे टूटकर 90.97 पर बंद हुआ था।
भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद, सेंसेक्स 270 अंक फिसला
भारतीय शेयर बाजार बुधवार के कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 270.84 अंक या 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 81,909.63 और निफ्टी 75 अंक या 0.30 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 25,157.50 पर था।
बाजार को नीचे खींचने का काम कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, डिफेंस, पीएसयू बैंक और फाइनेंशियल सर्विसेज इंडेक्स ने किया, इन सभी में 1.66 प्रतिशत से लेकर 0.87 प्रतिशत की कमी देखी गई। दूसरे तरफ मेटल, ऑयलएंडगैस, इन्फ्रा, एनर्जी और कमोडिटीज में खरीदारी हुई।
लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में अधिक बिकवाली देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 661.70 अंक या 1.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57,423.65 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 149.85 अंक या 0.90 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 16,551.20 पर था।
सेंसेक्स पैक में इटरनल, अल्ट्राटेक सीमेंट, इंडिगो, अदाणी पोर्ट्स, पावर ग्रिड, टाटा स्टील, टीसीएस, बजाज फिनसर्व, टेक महिंद्रा और बजाज फाइनेंस गेनर्स थे। आईसीआईसीआई बैंक, ट्रेंट, बीईएल, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, एलएंडटी, एसबीआई, मारुति सुजुकी और कोटक महिंद्रा बैंक लूजर्स थे।
बाजार में बिकवाली का दबाव व्यापक बाजार में देखने को मिला। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) में बढ़ने वाले शेयरों की संख्या 1,437 और गिरने वाले शेयरों की संख्या 2,831 और 137 शेयर बिना किसी बदलाव के बंद हुए।
एसबीआई सिक्योरिटीज के टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च प्रमुख सुदीप शाह ने कहा कि निफ्टी की शुरुआत गिरावट के साथ हुई और शुरुआती कारोबार में ही इसने 24,920 का न्यूनतम स्तर छुआ। यहां से इंडेक्स में मजबूत खरीदारी देखने को मिली और यह 25,275-25,300 के स्तर तक पहुंच गया है। हालांकि, यह ऊपरी स्तर पर टिकने में कामयाब न रहा और 25,158 के स्तर पर बंद हुआ।
आने वाले समय में निफ्टी के लिए 24,950 से लेकर 24,900 एक अहम सपोर्ट होगा, जबकि 25,300 से लेकर 25,350 एक अहम रुकावट का जोन होगा।
सोना पहली बार 1.5 लाख रुपये के पार, चांदी 20,400 रुपये उछली
राष्ट्रीय राजधानी में मंगलवार को सोना मजबूत मांग आने से 5,100 रुपये की छलांग लगाते हुए पहली बार 1.5 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के पार पहुंच गया जबकि चांदी ने 20,400 रुपये के उछाल के साथ नया रिकॉर्ड बना दिया।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ ने कहा कि सोना दिल्ली में 5,100 रुपये की बढ़त के साथ 1,53,200 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी कर सहित) पर पहुंच गया। इसके साथ ही सोने ने 1.5 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम का अहम मनोवैज्ञानिक स्तर भी पार कर लिया। सोना सोमवार को 1,48,100 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुआ था।
चांदी की कीमतों ने भी स्थानीय सर्राफा बाजार में मजबूती दिखाते हुए नया उच्चतम स्तर छू लिया। सफेद धातु 20,400 रुपये यानी लगभग सात प्रतिशत बढ़कर 3,23,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) पर पहुंच गई।
सोमवार को चांदी की कीमतों में 10,000 रुपये की तेजी देखी गई थी, जिससे यह तीन लाख रुपये प्रति किलोग्राम के स्तर को पार कर गई थी।
विदेशी बाजारों में भी सोना और चांदी की मांग में तेजी रही। फॉरेक्स डॉटकॉम के आंकड़ों के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना पहली बार 4,700 डॉलर प्रति औंस का स्तर के पार पहुंचा। सोने में 66.38 डॉलर यानी 1.42 प्रतिशत की बढ़त के साथ कीमत 4,737.40 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी हाजिर चांदी ने नया रिकॉर्ड बनाया और 95.88 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
विश्लेषकों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अस्थिरता, सुरक्षित निवेश की मांग और आभूषणों एवं निवेशकों से आने वाली लगातार मांग के कारण कीमती धातुओं में यह तेजी देखी जा रही है।
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