अर्थतंत्र की खबरें: शेयर बाजार में भारी गिरावट, सेंसेक्स और निफ्टी 1.5 % फिसले और रुपया पहुंचा निचले स्तर पर
व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप में 1.05 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक में 1.13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

पश्चिम एशिया में जारी तनावों के बीच नकारात्मक वैश्विक संकेतों के चलते सप्ताह के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली और प्रमुख बेंचमार्क निफ्टी50 और सेंसेक्स 1.5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए।
बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1312.91 अंकों यानी 1.70 प्रतिशत की गिरावट के साथ 76,015.28 पर था, तो वहीं एनएसई निफ्टी50 360.30 अंक (1.49 प्रतिशत) गिरकर 23,815.85 पर पहुंच गया।
दिन के दौरान सेंसेक्स 76,638.09 पर खुलकर 1,300 अंकों या 1.5 प्रतिशत से अधिक गिरकर 75,957.40 के दिन के निचले स्तर पर आ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 23,970.10 पर खुलकर दिन के दौरान 1 प्रतिशत से अधिक गिरकर 23,799.10 के निचले स्तर पर पहुंच गया।
व्यापक बाजार में निफ्टी मिडकैप में 1.05 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक में 1.13 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
वहीं, सेक्टरवार देखें तो सबसे ज्यादा निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल में 3.73 प्रतिशत और निफ्टी रियल्टी में 3.05 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके साथ ही निफ्टी मीडिया, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी ऑयल एंड गैस में 2 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई। इसके अलावा, निफ्टी ऑटो, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज, निफ्टी मेटल और निफ्टी प्राइवेट बैक का प्रदर्शन भी खराब रहा।
निफ्टी पैक में सबसे ज्यादा टाटा कंज्यूमर के शेयरों में 8 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त देखने को मिली। इसके बाद मैक्स हेल्थ के शेयरों में 2.7 प्रतिशत की तेजी दर्ज की गई। इसके अलावा कोल इंडिया, सन फार्मा, एचयूएल, ग्रासिम, ओएनजीसी, अदाणी पोर्ट्स और एसबीआई लाइफ के शेयरों में भी तेजी देखने को मिली। इसके विपरीत, टाइटन, इंडिगो, एसबीआई, इटरनल, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, भारती एयरटेल और रिलायंस के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई और ये दिन के टॉप लूजर्स की लिस्ट में शामिल रहे।
पीएम मोदी की अपील के बाद ज्वेलरी शेयरों में भारी गिरावट, 9 प्रतिशत तक फिसले
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अपील के बाद सोमवार को ज्वेलरी शेयरों में भारी गिरावट देखी गई और शेयर 12 प्रतिशत तक फिसल गए, जिसमें टाइटन, कल्याण ज्वेलर्स, स्काई गोल्ड और ब्लूस्टोन ज्वेलरी एंड लाइफस्टाइल जैसी कंपनियों का नाम शामिल था।
दोपहर एक बजे टाइटन का शेयर 6.11 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 4,233 रुपए पर था। वहीं, कल्याण ज्वेलर्स का शेयर 8.91 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 387 रुपए पर था।
स्काई गोल्ड का शेयर 7.84 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 498.80 रुपए और ब्लूस्टोन ज्वेलरी एंड लाइफस्टाइल का शेयर 5.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 475 रुपए पर था।
रविवार को सिकंदराबाद में रैली को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने नागरिकों से अगले एक वर्ष तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने की अपील की थी, जिससे भारत के विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव कम हो सके। उन्होंने कहा, “वर्तमान परिस्थितियों में, विदेशी मुद्रा बचाना देश के लिए महत्वपूर्ण हो गया है।”
आयातित ईंधन पर भारत की निर्भरता का जिक्र करते हुए, प्रधानमंत्री मोदी ने ईंधन की बचत, अनावश्यक खर्चों में कटौती और भारत में बनने वाली चीजों की खपत को प्राथमिकता देने जैसे उपायों को आवश्यक बताया।
देश में 60 दिनों का तेल व गैस, 45 दिनों का रसोई गैस व 703 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार
भारत में ईंधन, यानी पेट्रोल-डीजल व गैस, का पर्याप्त भंडार है। देश में फिलहाल 60 दिनों का कच्चा तेल भंडार, 60 दिनों का प्राकृतिक गैस भंडार, तथा 45 दिनों का रसोई गैस भंडार उपलब्ध है। साथ ही, देश का विदेशी मुद्रा भंडार 703 अरब डॉलर के मजबूत स्तर पर बना हुआ है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने यह जानकारी दी।
इसके साथ ही सरकार ने बताया कि भारत तेल शोधन करने वाला दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा देश है और चौथा सबसे बड़ा पेट्रोलियम उत्पाद निर्यातक भी है। भारत वर्तमान समय में 150 से अधिक देशों को निर्यात कर रहा है तथा घरेलू मांग भी पूरी की जा रही है।
बता दें कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को पश्चिम एशिया की स्थिति पर गठित मंत्रियों के अनौपचारिक समूह की पांचवीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में बताया गया कि पश्चिम एशिया संकट के बावजूद भारत में पिछले 70 दिनों से पेट्रोलियम कीमतों को स्थिर रखा गया है, जबकि कई देशों में कीमतों में 30 से 70 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है।
हालांकि, वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के कारण भारतीय तेल कंपनियां प्रतिदिन लगभग 1,000 करोड़ रुपए का नुकसान उठा रही हैं और वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही में नुकसान करीब 2 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच रहा है। इसके बावजूद सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि अंतरराष्ट्रीय कीमतों का पूरा बोझ आम नागरिकों पर न पड़े।
बैठक में राजनाथ सिंह ने कहा कि वर्तमान में ईंधन संरक्षण केवल तत्काल बचत के लिए नहीं, बल्कि भविष्य की दीर्घकालिक क्षमता निर्माण और ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यदि संकट लंबा चलता है तो अपनी तैयारी बनाए रखने के लिए अभी से जिम्मेदार तरीके से खपत की संस्कृति विकसित करना आवश्यक है।
रुपया 82 पैसे टूटकर सर्वकालिक निचले स्तर 95.31 प्रति डॉलर पर
रुपया सोमवार को 82 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सर्वकालिक निचले स्तर 95.31 (अस्थायी) पर आ गया। अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर ईरान की प्रतिक्रिया को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा खारिज करने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से घरेलू मुद्रा पर दबाव है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नागरिकों से सोना खरीदने से बचने और मितव्ययिता उपायों को अपनाने का आग्रह करने से बाजार की धारणा और कमजोर हो गई। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि अमेरिकी डॉलर के मजबूत रुख और विदेशी पूंजी की भारी निकासी ने रुपये पर और दबाव डाला।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया, अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.97 पर खुला। दिन में 94.87 से 95.34 प्रति डॉलर के बीच कारोबार करता रहा। अंत में यह अबतक के सबसे निचले स्तर 95.31 प्रति डॉलर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 82 पैसे की भारी गिरावट है।रुपया शुक्रवार को 94.49 पर बंद हुआ था।
फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के कोष प्रमुख एवं कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, ‘‘ राजकोषीय घाटे को कम रखने के लिए विदेशी मुद्रा बचाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री मोदी ने पेट्रोल, सोना, विदेश यात्राओं आदि की खरीद में कमी लाने का आह्वान किया है। अल्पकालिक रूप से इन कदमों का असर वृद्धि की गति में सुस्ती के रूप में दिखेगा।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ वहीं ट्रंप ने ईरान के शांति प्रस्तावों पर दिए गए जवाब से सहमति नहीं जताई लेकिन इससे तेल की कीमतें 105 अमेरिकी डॉलर के स्तर तक और डॉलर सूचकांक 98 के स्तर से ऊपर पहुंच गया। परिणामस्वरूप इनकी मांग में तेजी बनी रही। मंगलवार को रुपये के 94.75 और 95.50 के बीच रहने का अनुमान है।’’
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.13 प्रतिशत की बढ़त के साथ 98.02 पर रहा।
घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स 1,312.91 अंक या 1.70 प्रतिशत टूटकर 76,015.28 अंक पर जबकि निफ्टी 360.30 अंक या 1.49 प्रतिशत फिसलकर 23,815.85 अंक बंद हुआ। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 2.52 प्रतिशत की तेजी के साथ 103.8 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गया।
शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुक्रवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने 4,110.60 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
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