अर्थतंत्र की खबरें: शेयर बाजार में लगातार तीसरे सत्र में तेजी और कमजोर डॉलर से सोने और चांदी में तेजी

लगातार तीन सत्रों की बढ़त के साथ सेंसेक्स में लगभग 1,300 अंकों यानी 1.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं, एनएसई में तीन दिनों में 400 से अधिक अंकों यानी 1.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

फाइल फोटोः सोशल मीडिया
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वैश्विक बाजार के मिले-जुले संकेतों के बीच हफ्ते के आखिरी कारोबारी सत्र यानी शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार लगातार तीसरे दिन बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान आईटी, रियल्टी, फार्मा और हेल्थकेयर शेयरों में शानदार तेजी देखने को मिली।

बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 261.79 अंक यानी 0.34 प्रतिशत चढकर 77,763.91 पर पहुंच गया, तो वहीं निफ्टी 50 95.15 अंक यानी 0.39 प्रतिशत बढ़कर 24,270.85 पर पहुंच गया।

दिन के सत्र में सेंसेक्स अपने पिछले बंद 77,502.12 से 0.83 प्रतिशत यानी 650.22 अंकों की शानदार बढ़त के साथ 78152.34 पर खुला और दिन के कारोबार में यह 655.40 अंकों यानी 0.84 प्रतिशत की उछाल के साथ 78,157.52 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

वहीं, निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 24,175.70 से 0.82 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,375.65 पर खुला और दिन के कारोबार में यह 0.83 प्रतिशत की उछाल के साथ 24,378.15 के दिन के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।

लगातार तीन सत्रों की बढ़त के साथ सेंसेक्स में लगभग 1,300 अंकों यानी 1.7 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वहीं, एनएसई में तीन दिनों में 400 से अधिक अंकों यानी 1.7 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

इस तरह, इस सप्ताह सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में करीब 1 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जिससे लगातार चौथे सप्ताह बढ़त का सिलसिला जारी रहा।

व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप में 0.19 प्रतिशत की गिरावट आई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप में 0.04 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।

सेक्टरवार देखें तो निफ्टी रियल्टी सबसे अधिक लाभ कमाने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। इसके बाद निफ्टी हेल्थकेयर (1.8 प्रतिशत), निफ्टी आईटी (1.7 प्रतिशत), निफ्टी फार्मा (1.7 प्रतिशत) और निफ्टी मेटल (0.7 प्रतिशत) ने भी बेहतर प्रदर्शन किया। वहीं, निफ्टी पीएसयू बैंक सबसे अधिक गिरावट दर्ज करने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 1.5 प्रतिशत की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी एनर्जी (-1.30 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (-0.4 प्रतिशत), निफ्टी मीडिया (-0.4 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (-0.3 प्रतिशत) और निफ्टी बैंक (-0.16 प्रतिशत) का स्थान रहा।

निफ्टी 50 इंडेक्स में सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाले शेयरों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, मैक्स हेल्थकेयर, सन फार्मा, डॉ. रेड्डीज लैब्स, बजाज फिनसर्व, अपोलो हॉस्पिटल्स और भारती एयरटेल शामिल रहे, जबकि एक्सिस बैंक, एसबीआई, एलएंडटी, बजाज-ऑटो, एचडीएफसी लाइफ, कोटक बैंक और एनटीपीसी के शेयर सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में शामिल रहे।

कमजोर डॉलर से सोने और चांदी में तेजी, एक प्रतिशत से ज्यादा उछली कीमतें

सोने और चांदी की कीमतों में शुक्रवार के कारोबार में तेजी देखी जा रही है। इससे दोनों कीमती धातुओं का दाम करीब 4,300 रुपए तक बढ़ गया है।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने का 5 अगस्त, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,45,758 रुपए के मुकाबले 2,082 रुपए या 1.42 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,47,840 रुपए पर खुला।

सुबह 9:48 पर यह 2,102 रुपए या 1.44 प्रतिशत की तेजी के साथ 1,47,860 रुपए पर था।

सोने ने अब तक के कारोबार में 1,47,375 रुपए का न्यूनतम स्तर और 1,47,977 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ है।

चांदी में भी तेजी देखी जा रही है। चांदी का 4 सितंबर, 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,33,304 के मुताबले 3,191 रुपए या 1.36 प्रतिशत की तेजी देखने को मिली 2,36,495 रुपए पर खुला। खबर लिखे जाने तक यह 4,251 रुपए या 1.82 प्रतिशत की तेजी के साथ 2,37,555 रुपए पर था।

अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,36,495 रुपए का न्यूनतम स्तर और 2,38,216 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी में तेजी देखी जा रही है। कॉमेक्स पर सोना 1.60 प्रतिशत की तेजी के साथ 4,191 डॉलर प्रति औंस और चांदी 3.08 प्रतिशत की बढ़त के साथ 62.93 डॉलर प्रति औंस पर था।

जानकारों के मुताबिक, सोने में गिरावट की वजह डॉलर इंडेक्स में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतें नीचे आने के कारण महंगाई बढ़ने की संभावना कम होना है।


देश का विदेशी मुद्रा भंडार 5.65 अरब डॉलर घटकर 666.93 अरब डॉलर पर

देश का विदेशी मुद्रा भंडार 26 जून को समाप्त सप्ताह में 5.65 अरब डॉलर घटकर 666.93 अरब डॉलर रह गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।

इसके एक सप्ताह पहले विदेशी मुद्रा भंडार 96.3 करोड़ डॉलर बढ़कर 672.58 अरब डॉलर हो गया था।

पश्चिम एशिया संघर्ष शुरू होने से पहले 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार 728.49 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गया था। इसके बाद रुपये पर दबाव बढ़ने और आरबीआई द्वारा डॉलर बेचकर विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किए जाने के कारण इसमें लगातार कई हफ्तों तक गिरावट दर्ज की गई।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी 11 मई से कई बार सार्वजनिक रूप से देशवासियों से विदेशी मुद्रा की बचत करने की अपील की। उन्होंने विदेश यात्राएं कम करने, ईंधन की खपत घटाने और एक वर्ष तक सोने की खरीदारी से परहेज करने का आग्रह किया।

आरबीआई आंकड़ों के मुताबिक, 26 जून को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का प्रमुख हिस्सा मानी जाने वाली विदेशी मुद्रा आस्तियां (एफसीए) 15 करोड़ डॉलर घटकर 541.07 अरब डॉलर रह गईं।

डॉलर के संदर्भ में विदेशी मुद्रा आस्तियों में यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं के मूल्य में उतार-चढ़ाव का प्रभाव भी शामिल होता है।

आरबीआई के अनुसार, इस दौरान स्वर्ण भंडार का मूल्य 5.39 अरब डॉलर घटकर 102.54 अरब डॉलर रह गया।

रुपया 14 पैसे मजबूत होकर 95.21 प्रति डॉलर पर

रुपया शुक्रवार को 14 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.21 (अस्थायी) पर रहा। डॉलर सूचकांक के पिछले 15 महीनों के उच्च स्तर से नीचे आने से घरेलू मुद्रा को बल मिला।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि डॉलर सूचकांक में कमजोरी और कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद आयातकों की ओर से डॉलर की मजबूत मांग के कारण रुपये पर दबाव कायम है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.20 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह डॉलर के मुकाबले 95.16 से 95.35 के दायरे में रहा।

अंत में रुपया 95.21 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा, जो पिछले बंद भाव की तुलना में 14 पैसे की बढ़त है। रुपया बृहस्पतिवार को 19 पैसे की गिरावट के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.35 पर बंद हुआ था।

विशेषज्ञों के अनुसार, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) विदेशी मुद्रा भंडार को फिर से मजबूत करने के लिए सक्रिय रूप से डॉलर खरीद रहा है। फिलहाल देश का विदेशी मुद्रा भंडार घटकर लगभग 672.6 अरब डॉलर रह गया है, जबकि इस वर्ष फरवरी में यह 728.49 अरब डॉलर के उच्च स्तर पर पहुंच गया था।

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 100.75 पर रहा जो 15 माह के उच्च स्तर 101.6 से नीचे है।

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 0.22 प्रतिशत की गिरावट के साथ 71.96 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स 261.79 अंक चढ़कर 77,763.91 अंक पर जबकि निफ्टी 95.15 अंक की बढ़त के साथ 24,270.85 अंक पर पहुंच गया।