अर्थतंत्र की खबरें: शेयर बाजार ने भरा दम, त्योहारी सीजन में झूमे निवेशक, इस कंपनी में फ्रॉड की खबर ने बढ़ाई चिंता!

भारतीय शेयर बाजारों ने सप्ताह की मजबूत शुरुआत की। इसके पीछे मुख्य कारण उम्मीद से बेहतर दूसरी तिमाही के नतीजे और घरेलू स्तर पर सकारात्मक संकेत रहे।

फोटो: IANS
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भारतीय शेयर बाजार सोमवार के कारोबारी सत्र में बड़ी तेजी के साथ बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 1,233.25 अंक या 1.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 75,692.78 और निफ्टी 387.70 अंक या 1.68 प्रतिशत की तेजी के साथ 23,440.80 पर बंद हुआ।

बाजार की तेजी को सहारा कमोडिटीज और एनर्जी स्टॉक्स से मिला। सूचकांकों में निफ्टी ऑयलएंडगैस 5.95 प्रतिशत और निफ्टी कमोडिटीज 4.01 प्रतिशत की तेजी के साथ टॉप गेनर्स थे। इसके अलावा, निफ्टी एनर्जी 3.92 प्रतिशत, निफ्टी इन्फ्रा 3.70 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 3.21 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 2.70 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 2.34 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया मैन्युफैक्चरिंग 2.23 प्रतिशत और निफ्टी इंडिया डिफेंस 1.40 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे अधिक तेजी दिखाने वाले सूचकांक थे।

दूसरी तरफ, निफ्टी मीडिया -0.76 प्रतिशत, निफ्टी आईटी -0.50 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक -0.14 प्रतिशत और निफ्टी फार्मा -0.07 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुए।

लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप भी बढ़त के साथ बंद हुआ। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 682.15 अंक या 1.19 प्रतिशत की तेजी के साथ 57,983.40 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 131.70 अंक या 0.71 प्रतिशत की तेजी के साथ बंद हुआ।

सेंसेक्स पैक में रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील, अल्ट्राटेक सीमेंट, एसबीआई, एनटीपीसी, मारुति सुजुकी, बजाज फाइनेंस, एलएंडटी, बीईएल, एचयूएल, एशियन पेंट्स, बजाज फिनसर्व, इंटरग्लोब एविएशन, एचडीएफसी बैंक, एमएंडएम, ट्रेंट, भारती एयरटेल, पावर ग्रिड, टाइटन, अदाणी पोर्ट्स, इटरनल, आईटीसी और एचसीएल टेक गेनर्स थे। इन्फोसिस, कोटक महिंद्रा बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, सन फार्मा, एक्सिस बैंक, टेक महिंद्रा और टीसीएस लूजर्स थे।

जानकारों ने कहा कि भारतीय शेयर बाजारों ने सप्ताह की मजबूत शुरुआत की। इसके पीछे मुख्य कारण उम्मीद से बेहतर दूसरी तिमाही के नतीजे और घरेलू स्तर पर सकारात्मक संकेत रहे। अक्टूबर में यात्री वाहनों की बिक्री में वृद्धि ने त्योहारी सीजन की अच्छी मांग को दर्शाया, जिससे बाजार का उत्साह और बढ़ा। साथ ही, सकल जीएसटी कलेक्शन में बढ़ोतरी ने घरेलू खपत और आर्थिक गतिविधियों की मजबूती को पुष्टि की।

माइक्रो फाइनेंस कंपनी स्पंदना स्फूर्ति में हुआ साइबर फ्रॉड, 82 खातों में ट्रांसफर की गई राशि

माइक्रो फाइनेंस कंपनी स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल ने सोमवार को 7.8 करोड़ रुपए के साइबर फ्रॉड की जानकारी दी और कहा कि यह राशि कंपनी के एक बैंक खाते से डेबिट हुई है।

एक्सचेंज फाइलिंग में कंपनी ने बताया कि इस घटना के दौरान डेबिट हुई राशि को 82 अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किया गया है। घटना पता चलने पर तत्काल प्रभाव से कंपनी ने अपनी प्रभावित सेवाओं को रोक दिया।

कंपनी ने खाते से संबंधित बैंक को इस मामले की जानकारी दी है और ट्रांजेक्शन वापस करने, लाभार्थी के खातों को फ्रीज करने और विस्तृत जांच करने का अनुरोध किया है।

इसके अलावा, कंपनी ने बताया कि 'नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल' पर भी शिकायत दर्ज कराई गई है। इसके अलावा, साइबर फ्रॉड के लिए बीमा के तहत क्लेम भी दायर किया जा रहा है। इस मामले की जानकारी अन्य संबंधित अधिकारियों को भी दी जा रही है।

स्पंदना स्फूर्ति फाइनेंशियल ने एक्सचेंज फाइलिंग में आगे कहा कि कंपनी इस मामले की जांच कर रही है और आगे जो भी अपडेट होगा। उसकी जानकारी एक्सचेंजों को दे दी जाएगी।

कंपनी ने दूसरी तिमाही के लिए 18 करोड़ रुपए का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया है। वहीं, स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट 35 करोड़ रुपए रहा।


भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौते से व्यापार और निवेश के खुलेंगे नए अवसर

भारत और न्यूजीलैंड द्विपक्षीय संबंध एक नए चरण में प्रवेश कर रहे हैं। दोनों देश पारंपरिक कूटनीतिक मित्रता से आगे बढ़कर व्यापार, निवेश, प्रौद्योगिकी, कृषि और रणनीतिक सहयोग पर आधारित व्यापक साझेदारी की ओर जा रहे हैं। यह जानकारी एक लेख में दी गई।

ग्रीक समाचार पोर्टल डायरेक्टस में प्रकाशित एक लेख के अनुसार, भारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) इस दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इससे दोनों देशों के कारोबारियों, किसानों, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (एमएसएमई), उद्यमियों और युवा पेशेवरों के लिए नए अवसर पैदा होंगे।

लेख में कहा गया है कि इस समझौते का महत्व केवल सीमा शुल्क में कटौती तक सीमित नहीं है। यह बाजार तक पहुंच बढ़ाने, आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने, निवेश को बढ़ावा देने, कौशल एवं प्रौद्योगिकी के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने और एक-दूसरे की पूरक क्षमताओं वाली दोनों अर्थव्यवस्थाओं के बीच मजबूत कारोबारी संबंध बनाने का ढांचा प्रदान करता है।

'रोडमैप टू 2030' से मजबूत हुई व्यापक रणनीतिक साझेदारी इस आर्थिक जुड़ाव को दीर्घकालिक दिशा प्रदान करती है। एफटीए और इसके साथ जुड़ी सहयोग पहल मिलकर भारत और न्यूजीलैंड को अधिक विविधतापूर्ण, मजबूत और पारस्परिक रूप से लाभकारी संबंध बनाने में मदद कर सकती हैं।

इस एफटीए की सबसे महत्वपूर्ण विशेषताओं में से एक न्यूजीलैंड की ओर से भारत के सभी 8,284 उत्पाद श्रेणियों के निर्यात पर तत्काल शून्य शुल्क की सुविधा देना है। इससे भारतीय निर्यातकों को कीमतों के मामले में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त हासिल करने, विदेशी बाजारों में विविधता लाने और विकसित अर्थव्यवस्था में अपनी मौजूदगी मजबूत करने का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा।

श्रम-प्रधान और विनिर्माण क्षेत्र से जुड़े उद्योगों को इस समझौते से विशेष लाभ मिलने की संभावना है। फार्मास्यूटिकल्स, कपड़ा, इंजीनियरिंग सामान, मशीनरी, रत्न एवं आभूषण, खेल के सामान, जूते और चमड़े के उत्पाद उन क्षेत्रों में शामिल हैं, जिनमें निर्यात की काफी संभावनाएं हैं। ये उद्योग बेहतर बाजार पहुंच का लाभ उठाकर उत्पादन बढ़ा सकते हैं, नए ऑर्डर हासिल कर सकते हैं और अपने वितरण नेटवर्क को मजबूत कर सकते हैं।

बैंक ऑफ इंडिया ने एफडी पर ब्याज दरें बढ़ाईं, 500 दिन की जमा पर 7.5 प्रतिशत तक ब्याज की पेशकश

सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक ऑफ इंडिया (बीओआई) ने चुनिंदा परिपक्वता अवधि वाली सावधि जमा (एफडी) पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की है।

इसके साथ ही बैंक ने अति वरिष्ठ नागरिकों के लिए 7.5 प्रतिशत तक का प्रतिफल देने वाली 500 दिन की एक विशेष जमा योजना भी शुरू की है।

बीओआई ने सोमवार को बयान में कहा कि इस विशेष 'स्टार अक्षय फिक्स्ड डिपॉजिट' योजना के तहत बैंक आम ग्राहकों को 6.85 प्रतिशत, वरिष्ठ नागरिकों को 7.35 प्रतिशत और अति वरिष्ठ नागरिकों को 7.5 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर की पेशकश कर रहा है।

ये संशोधित दरें दो नवंबर, 2026 से प्रभावी होंगी और ये तीन करोड़ रुपये से कम तथा तीन करोड़ रुपये से लेकर 10 करोड़ रुपये से कम की उन जमाओं पर लागू होंगी, जिनकी अवधि एक साल से लेकर तीन साल तक है।

तीन करोड़ रुपये से कम की जमाओं के लिए, एक साल की अवधि के लिए ब्याज दर बढ़ाकर 6.6 प्रतिशत और एक साल से अधिक से लेकर तीन साल से कम की अवधि के लिए 6.7 प्रतिशत कर दी गई है।


दिवाली से पहले सोने की कीमतों में 500 रुपये की तेजी, चांदी स्थिर

दिवाली से पहले आभूषण विक्रेताओं और खुदरा कारोबारियों की ओर से खरीदारी बढ़ने से राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को सोने की कीमत 500 रुपये बढ़कर 1,42,500 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गई। अक्टूबर में भारी गिरावट के बाद दिवाली की मांग से सोने की कीमतों में मामूली सुधार हुआ है।

99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने का भाव शनिवार को 1.42 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था। हालांकि, चांदी की कीमत 1.86 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर स्थिर रही। इसमें सभी कर शामिल हैं।

कारोबारियों ने कहा कि त्योहार से पहले आभूषण विक्रेताओं और खुदरा कारोबारियों की खरीदारी बढ़ने से कीमती धातुओं की घरेलू कीमतों को समर्थन मिला। डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी से भी डॉलर मूल्यवर्ग वाले सोने-चांदी की लागत बढ़ी।

अक्टूबर में आई भारी गिरावट के बाद सोने की कीमतों में यह सुधार हुआ है। 30 सितंबर को सोने का भाव 1,49,300 रुपये प्रति 10 ग्राम था, जिसमें अब तक 7,300 रुपये की गिरावट आ चुकी है। इसी अवधि में चांदी की कीमत 46,000 रुपये घटकर 2.32 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से नीचे आ गई।

ब्रोकरेज फर्म लेमन के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने कहा, ‘‘अक्टूबर के अंत में भारी बिकवाली के बाद सोमवार को सोने की कीमतों में सुधार की कोशिश हुई।’’ हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें अब भी बहुमूल्य धातुओं पर दबाव बना रही हैं।

वैश्विक बाजार में हाजिर सोना 24.18 डॉलर यानी करीब एक प्रतिशत बढ़कर 3,899.73 डॉलर प्रति औंस हो गया, जबकि चांदी दो प्रतिशत से अधिक की तेजी के साथ 50.25 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

शुक्रवार को सोने की कीमत में करीब चार प्रतिशत की भारी गिरावट आई थी और यह 3,875.55 डॉलर प्रति औंस पर आ गया था, जो एक साल से अधिक समय का निचला स्तर था।

रुपया 10 पैसे टूटकर 94.86 प्रति डॉलर पर

विदेशी बाजारों में अमेरिकी डॉलर में मजबूती के बीच रुपया सोमवार को 10 पैसे टूटकर 94.86 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में डॉलर के मुकाबले तेज सुधार के बाद रुपये में निकट अवधि में स्थिरता के संकेत दिख रहे हैं। हालांकि, घरेलू शेयर बाजार में तेजी और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी ने रुपये की गिरावट को सीमित किया।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.90 प्रति डॉलर पर कमजोर खुला। कारोबार के दौरान यह और टूटकर 95.04 के निचले स्तर तक पहुंच गया। हालांकि, कारोबारी सत्र के अंतिम घंटे में रुपये ने कुछ नुकसान की भरपाई की और अंत में पिछले बंद भाव के मुकाबले 10 पैसे की गिरावट के साथ 94.86 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। रुपया शुक्रवार को 50 पैसे मजबूत होकर 94.76 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

लेमन के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने कहा, ‘‘एशियाई मुद्राओं में कमजोरी और वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के कारण डॉलर की मांग प्रभावित हो रही है, जिससे रुपये की तेजी अभी कमजोर पड़ सकती है।’’

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