अर्थतंत्र की खबरें: कच्चे तेल के दाम घटने से शेयर बाजार उछला, भारत और अमेरिका के बीच व्यापार वार्ता शुरू
कारोबारियों के अनुसार, इसके अलावा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर की बढ़ती उम्मीद और घरेलू बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों के शुद्ध रूप से लिवाल बनने से भी बाजार को समर्थन को मिला।

कच्चे तेल के दाम में नरमी और बैंक, वित्तीय तथा आईटी शेयरों में लिवाली से स्थानीय शेयर बाजार में बुधवार को तेजी लौटी और दोनों मानक सूचकांक लाभ में रहे। बीएसई सेंसक्स 791 अंक चढ़ गया जबकि एनएसई निफ्टी में 197 अंक की तेजी रही।
कारोबारियों के अनुसार, इसके अलावा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर की बढ़ती उम्मीद और घरेलू बाजार में विदेशी संस्थागत निवेशकों के शुद्ध रूप से लिवाल बनने से भी बाजार को समर्थन को मिला।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 790.54 अंक यानी 1.04 प्रतिशत के लाभ में रहा। कारोबार के दौरान एक समय यह 989.69 अंक तक चढ़ गया था।
बीएसई में सूचीबद्ध 2,215 शेयर लाभ में रहे, जबकि 2,034 में गिरावट आई। वहीं 181 के भाव अपरिवर्तित रहे।
पचास शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 197.55 अंक यानी 0.83 प्रतिशत बढ़कर 24,021.65 अंक पर बंद हुआ।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘एशियाई बाजारों से मिले सकारात्मक संकेत, होर्मुज जलडमरूमध्य में आवाजाही बेहतर होने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई भारी गिरावट और भारत-अमेरिका के बीच जल्द ही व्यापार समझौता होने की उम्मीद के चलते घरेलू शेयर बाजार बढ़त के साथ बंद हुए।’’
सेंसेक्स की कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन, ट्रेंट, टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, इन्फोसिस, एचडीएफसी बैंक और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज प्रमुख रूप से लाभ में रहीं।
दूसरी तरफ, नुकसान में रहने वाले शेयरों में एनटीपीसी, टाटा स्टील, मारुति और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल हैं।
रुपया 11 पैसे चढ़कर 94.65 प्रति डॉलर पर
रुपया बुधवार को 11 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.65 (अस्थायी) पर रहा। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट से घरेलू मुद्रा को बल मिला।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 2.05 प्रतिशत की गिरावट के साथ 75.50 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख और विदेशी पूंजी के निवेश प्रवाह ने भी रुपये को समर्थन दिया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.88 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 94.59 से 94.93 के दायरे में रहा। अंत में यह 94.65 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा जो पिछले बंद स्तर से 11 पैसे अधिक है। रुपया मंगलवार को 13 पैसे टूटकर 94.76 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान में अनुसंधान विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘ हमारा अनुमान है कि अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने, फेडरल रिजर्व के कड़े रुख और कमजोर वैश्विक बाजारों के कारण रुपया नकारात्मक रुख के साथ कारोबार कर सकता है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान वार्ता में प्रगति निचले स्तर पर रुपये को समर्थन दे सकती है। डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 94.45 से 95.10 के दायरे में रहने के आसार हैं।’’
राजेश एक्सपोर्ट्स पर ईडी का बड़ा एक्शन
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के कथित उल्लंघन से जुड़े मामले में राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड (आरईएल) और उससे जुड़े लोगों के खिलाफ जांच के तहत बेंगलुरु और मुंबई स्थित कंपनी के 9 परिसरों पर तलाशी और जब्ती अभियान चलाया है। इसकी जानकारी बुधवार को जारी एक आधिकारिक बयान में दी गई।
ईडी की जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। जांच एजेंसी के अनुसार, राजेश एक्सपोर्ट्स लिमिटेड अपने विदेशी लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में विफल रही है।
कंपनी ने आयात, निर्यात, विदेशी निवेश और विदेशी व्यापार से जुड़े बकाया भुगतान एवं प्राप्तियों के निपटान से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं किए, जिसके कारण इन ट्रांजेक्शन्स की वास्तविकता की जांच करना लगभग असंभव हो गया है।
ईडी के अनुसार, कंपनी द्वारा अफ्रीकी खदानों (अफ्रीकन माइंस) में किए गए 1,035 करोड़ रुपए के निवेश से जुड़े दस्तावेज और रिकॉर्ड न तो तलाशी के दौरान मिले और न ही कंपनी अब तक उन्हें उपलब्ध करा सकी है।
जांच में यह भी सामने आया है कि कंपनी संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) और अन्य विदेशी क्षेत्रों में स्थित संदिग्ध कंपनियों के साथ व्यापारिक देनदारियों और प्राप्तियों का समायोजन (सेट-ऑफ) कर रही थी।
ईडी के मुताबिक, इन लेनदेन में शामिल राशि लगभग 3,000 करोड़ रुपए है और इसकी जांच की जा रही है।
तलाशी के दौरान किए गए भौतिक सत्यापन में कंपनी के स्टॉक रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक के बीच बड़ा अंतर पाया गया।
भारत-अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए कई बैठक कीं
भारत और अमेरिका ने द्विपक्षीय व्यापार वार्ता को आगे बढ़ाने के लिए कई बैठक की हैं। इसमें दोनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को गहरा करने पर बातचीत की गई। यह जानकारी केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की ओर से बुधवार को दी गई।
केंद्रीय मंत्री गोयल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा, "अमेरिका व्यापार प्रतिनिधि एंबेसडर जेमिसन ग्रीर और उनके प्रतिनिधिमंडल के साथ सुबह कई बैठक हुई हैं।
इसमें भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता को लेकर प्रगति की समीक्षा की गई, साथ ही दोंनों देशों के बीच आर्थिक साझेदारी को गहरा करने के रास्ते तलाशे गए।"
उन्होंने आगे कहा कि मैं एंबेसडर ग्रीर के नेतृत्व और हमारी बातचीत को रचनात्मक और प्रगतिशील ढंग से आगे बढ़ाने में दोनों टीमों के लगातार प्रयासों की सराहना करता हूं।
इससे पहले मंगलवार को गोयल ने ग्रीर और भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की और एक संतुलित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के तरीकों पर चर्चा की। गोयल ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच एक मजबूत और बढ़ती हुई आर्थिक साझेदारी है।
मंत्री ने पोस्ट किया, "हमने 7 फरवरी 2026 के संयुक्त बयान के अनुरूप, एक संतुलित और दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद व्यापार समझौते की बातचीत को आगे बढ़ाने पर सार्थक चर्चा की।"
भारत और अमेरिका एक द्विपक्षीय व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहे हैं, जिससे नए आर्थिक अवसर खुल सकते हैं और दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध और मजबूत हो सकते हैं।
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