अर्थतंत्र की खबरें: लगातार पांचवें दिन दौड़ा शेयर बाजार और फेड के फैसले से सोना-चांदी धड़ाम

यह घरेलू शेयर बाजार में तेजी का लगातार पांचवां कारोबारी सत्र रहा। इस दौरान सेंसेक्स में कुल 3,577.43 अंक और निफ्टी में 1,006.4 अंक की बढ़त दर्ज की गई है।

फोटोः सोशल मीडिया
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 भू-राजनीतिक मोर्चे पर सकारात्मक घटनाक्रम और कच्चे तेल की कीमतों में जारी नरमी से स्थानीय शेयर बाजार बृहस्पतिवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में चढ़कर बंद हुए। सेंसेक्स में 254 अंक और निफ्टी में 82 अंक की बढ़त दर्ज की गई।

बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 254.36 अंक यानी 0.33 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,409.98 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 77,492.33 अंक के उच्चतम और 76,953 के निचले स्तर तक गया।

इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक निफ्टी भी 82.30 अंक यानी 0.34 प्रतिशत चढ़कर 24,168 अंक पर बंद हुआ।

यह घरेलू शेयर बाजार में तेजी का लगातार पांचवां कारोबारी सत्र रहा। इस दौरान सेंसेक्स में कुल 3,577.43 अंक और निफ्टी में 1,006.4 अंक की बढ़त दर्ज की गई है।

बृहस्पतिवार को सेंसेक्स की कंपनियों में इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), ट्रेंट, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एनटीपीसी, भारतीय स्टेट बैंक और एचडीएफसी बैंक प्रमुख रूप से बढ़त में रहीं। दूसरी तरफ, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, मारुति और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज के शेयरों में गिरावट रही।

अमेरिकी फेड के फैसले के बाद कीमती धातुओं में बड़ी गिरावट, सिल्वर 2.5 प्रतिशत से ज्यादा फिसला

अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने और फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर को अपरिवर्तित रखने के बाद गुरुवार के कारोबारी सत्र में मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने-चांदी की कीमतों में बड़ी गिरावट देखने को मिली।

गुरुवार के कारोबारी सत्र में एमसीएक्स सिल्वर जुलाई फ्यूचर्स अपने पिछले बंद 2,51,807 रुपए से 2.5 प्रतिशत से ज्यादा गिरकर दिन के 2,44,495 रुपए प्रति किलोग्राम के दिन के निम्नतम स्तर पर पहुंच गया, जबकि आज यह चांदी 2,48,000 पर खुला था।

खबर लिखे जाने तक (सुबह करीब 11.43 बजे) जुलाई डिलीवरी वाली चांदी 7,057 रुपए यानी 2.80 प्रतिशत गिरकर 2,44,750 रुपए प्रति किलोग्राम पर कारोबार करती नजर आई।

वहीं, एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाले सोने के वायदा भाव खबर लिखे जाने तक 2,378 रुपए यानी 1.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,51,501 रुपए प्रति 10 ग्राम पर ट्रेड करता नजर आया।

दिन के कारोबार में यह सोना अपने पिछले बंद 1,53,879 से 1.64 प्रतिशत गिरकर 1,51,348 रुपए प्रति 10 ग्राम के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया।

वैश्विक बाजार में, अमेरिका और ईरान के बीच अंतरिम शांति समझौते पर हस्ताक्षर होने के कारण सोने-चांदी की कीमतों में वृद्धि हुई, हालांकि फेडरल रिजर्व ने साल के अंत में ब्याज दरों में बढ़ोतरी का संकेत दिया है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फ्रांस में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान वर्साय पैलेस में फ्रांसीसी राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ भोजन करते हुए शांति समझौते पर हस्ताक्षर किए। ईरान की ओर से राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने हस्ताक्षर किए।


केंद्र ने ईपीएफ पर वित्त वर्ष 26 के लिए 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर को दी मंजूरी, 7 करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर को होगा फायदा

केंद्र सरकार ने कर्मचारी भविष्य निधि (ईपीएफ) जमा पर वित्त वर्ष 26 के लिए 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर को मंजूरी दे दी है। इससे कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) में योगदान देने वाले 7 करोड़ से अधिक सब्सक्राइबर्स को फायदा होगा।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईपीएफओ की निर्णय लेने वाली इकाई सेंट्रल बोर्ड ऑफ ट्रस्ट (सीबीटी) द्वारा 8.25 प्रतिशत की ब्याज दर को वित्त मंत्रालय ने मंजूरी दे दी है। ईपीएफ पर ब्याज दर इस महीने के आखिर में क्रेडिट हो सकती है।

केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मंडाविया की अध्यक्षता वाली सीबीटी ने 2 मार्च, 2026 को वित्त वर्ष 2026 के लिए ईपीएफ पर ब्याज दर को 8.25 प्रतिशत पर बनाए रखने का फैसला किया था।

यह लगातार तीसरा साल है जब रिटायरमेंट फंड बॉडी ने अपने सब्सक्राइबर्स के लिए ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं किया है।

सीबीटी के फैसले के बाद, मंजूरी के लिए प्रस्ताव वित्त मंत्रालय को भेजा गया था, क्योंकि सरकार ईपीएफ जमा राशि की गारंटी देती है।

मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद, अब ईपीएफओ ​​सदस्यों के खातों में ब्याज जमा करने की प्रक्रिया शुरू कर सकता है।

यह खबर ऐसे समय पर सामने आई है, जब सरकारी संस्था ​​अपने आने वाले ईपीएफओ ​​3.0 प्लेटफॉर्म के तहत बड़े डिजिटल सुधार लागू करने की तैयारी कर रहा है।

रुपया 14 पैसे की बढ़त के साथ 94.36 प्रति डॉलर पर

रुपया बृहस्पतिवार को 14 पैसे की बढ़त के साथ 94.36 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। अमेरिका-ईरान के बीच शांति समझौते के मद्देनजर घरेलू मुद्रा को समर्थन मिला।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, अमेरिका-ईरान शांति समझौते के तहत विभिन्न मुद्दों पर हस्ताक्षर किए जाने के बाद घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख ने भी निवेशकों की धारणा को बल दिया।

हालांकि, अमेरिकी फ़ेडरल रिजर्व के सख़्त रुख़ से विदेशी बाज़ार में अमेरिकी मुद्रा की मज़बूती ने डॉलर-रुपये की जोड़ी में बढ़त को सीमित कर दिया।

फेडरल रिजर्व ने उम्मीद के मुताबिक ब्याज दरों को स्थिर रखा, लेकिन संकेत दिया कि इस साल के कम से कम एक बार इसमें 0.25 की बढ़ोतरी हो सकती है।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.66 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह डॉलर के मुकाबले 94.18 से 94.71 के दायरे में रहा। अंत में यह 94.36 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर आ गया जो पिछले बंद भाव से 14 पैसे की बढ़त है।

रुपया बुधवार को 10 पैसे मजबूत होकर 94.50 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 100.59 पर रहा।

अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 2.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 77.70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा।

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