अर्थतंत्र की खबरें: कच्चे तेल में कमजोरी से शेयर बाजार की तूफानी रफ्तार जारी और सोना-चांदी की भी बड़ी छलांग

दलाल स्ट्रीट पर "दिवाली की आतिशबाजी" जारी है, जहां रिस्क लेने की क्षमता बढ़ने के साथ मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के नतीजों से वैश्विक धारणा में सुधार हुआ है।

फोटो: IANS
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कच्चे तेल में गिरावट से भारतीय शेयर बाजार बुधवार को लगातार पांचवें सत्र में बढ़त के साथ बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 383.55 अंक या 0.50 प्रतिशत की बढ़त के साथ 77,301.40 और निफ्टी 149.75 अंक या 0.63 प्रतिशत की मजबूती के साथ 23,960.60 पर बंद हुआ।

बाजार में व्यापक स्तर पर खरीदारी देखी गई। लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप भी बढ़त के साथ बंद हुए। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 909.25 अंक या 1.55 प्रतिशत की तेजी के साथ 59,505.50 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 373.55 अंक या 2.00 प्रतिशत की बढ़त के साथ 19,026.40 पर बंद हुआ।

सूचकांकों में निफ्टी मीडिया 5.15 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 2.85 प्रतिशत और निफ्टी मेटल 2.80 प्रतिशत टॉप गेनर्स थे। इसके अलावा, निफ्टी इंडिया डिफेंस 2.49 प्रतिशत, निफ्टी एनर्जी 2.17 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 2.04 प्रतिशत, निफ्टी कमोडिटीज 1.65 प्रतिशत और निफ्टी ऑयल एंड गैस 1.54 प्रतिशत की तेजी के साथ सबसे ज्यादा बढ़ने वाले सूचकांक थे।

सूचकांकों में केवल निफ्टी आईटी ही 1.50 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।

सेंसेक्स पैक में बीईएल, टाइटन, इंडिगो, बजाज फाइनेंस,आईटीसी, अदाणी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, एमएंडएम, एचडीएफसी बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, एसबीआई, मारुति सुजुकी, पावर ग्रिड, ट्रेंट, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एनटीपीसी, सन फार्मा, एक्सिस बैंक, आईसीआईसीआई बैंक और भारती एयरटेल गेनर्स थे। टीसीएस, एचसीएल टेक, इन्फोसिस, इटरनल, कोटक महिंद्रा बैंक, एशियन पेंट्स, टेक महिंद्रा, एलएंडटी और एचयूएल लूजर्स थे।

जानकारों ने कहा कि दलाल स्ट्रीट पर "दिवाली की आतिशबाजी" जारी है, जहां रिस्क लेने की क्षमता बढ़ने के साथ मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। अमेरिका के मध्यावधि चुनावों के नतीजों से वैश्विक धारणा में सुधार हुआ है। इससे व्यापार और टैरिफ नीतियों को लेकर अधिक संतुलित रुख अपनाने की उम्मीदें जगी हैं, जिससे उभरते बाजारों में एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशकों) का निवेश बढ़ सकता है।

सोना 4,800 रुपये की छलांग के साथ 1.46 लाख रुपये पर, चांदी 9,000 रुपये मजबूत

राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल आया। त्योहारी मांग बढ़ने और वैश्विक बाजारों में कीमतों में तेज सुधार के बीच सोना 4,800 रुपये बढ़कर 1,46,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत मंगलवार को 1,41,800 रुपये प्रति 10 ग्राम थी, जो बुधवार को बढ़कर (सभी करों सहित) 1,46,600 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गई।

चांदी की कीमतों में भी तेजी रही। यह 9,000 रुपये उछलकर (सभी करों सहित) 1.93 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में इसका भाव 1.84 लाख रुपये प्रति किलोग्राम था।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मजबूत सुधार और घरेलू बाजार में त्योहारी मांग बढ़ने से बुधवार को सोने की कीमतों में तेजी आई।

ब्रिकवर्क रेटिंग्स के शोध प्रमुख राजीव शरण के अनुसार, कीमतों में यह सुधार त्योहारी खरीदारी की तैयारी कर रहे ग्राहकों को कुछ राहत दे सकता है। अक्टूबर में अपने उच्चतम स्तर से सोने की कीमतों में करीब आठ प्रतिशत की गिरावट आई थी।

उन्होंने कहा कि अमेरिकी डॉलर की मजबूती, बॉन्ड पर प्रतिफल बढ़ने और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ओर से ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर पड़ने के कारण हाल में सोने की कीमतों में गिरावट आई थी। इससे कारोबारियों ने मुनाफावसूली की।

शरण ने कहा कि पिछले धनतेरस के मुकाबले इस बार सोने की कीमतों में अपेक्षाकृत कम तेजी आई है। पिछले त्योहारी सत्र के बाद से सोना पांच से सात प्रतिशत ही महंगा हुआ है, जबकि पिछले धनतेरस पर इसकी कीमतों में सालाना आधार पर करीब 65 प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।


रुपया 17 पैसे मजबूत होकर 94.58 प्रति डॉलर पर

रुपये में बुधवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में तेजी रही और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 17 पैसे मजबूत होकर 94.58 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा।

कच्चे तेल की कीमतों में नरमी, अमेरिकी डॉलर में कमजोरी और विदेशी पूंजी प्रवाह से रुपये को समर्थन मिला।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि घरेलू शेयर बाजार में तेजी और अमेरिका के मध्यावधि चुनाव के नतीजों से वैश्विक निवेशकों की धारणा में सुधार ने भी रुपये को मजबूती दी।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.61 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 94.50 के उच्चतम स्तर तक पहुंचा और 94.87 के निचले स्तर तक आया। अंत में रुपया पिछले बंद भाव के मुकाबले 17 पैसे की बढ़त के साथ 94.58 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। रुपया मंगलवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.75 पर बंद हुआ था, जो नौ पैसे की बढ़त है।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अमेरिका के मध्यावधि चुनाव के नतीजों से वैश्विक धारणा में सुधार हुआ है। इससे व्यापार और शुल्क नीतियों को लेकर अधिक संतुलित रुख अपनाए जाने की उम्मीद बढ़ी है, जिससे उभरते बाजारों में विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) का निवेश बढ़ सकता है।

अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में डेमोक्रेट्स की जीत से भारत को मिल सकता है फायदा, कच्चे तेल और डॉलर पर रह सकती है नजर

अमेरिका के मिडटर्म चुनाव (मध्यावधि चुनाव) में डेमोक्रेटिक पार्टी की जीत ने वैश्विक वित्तीय बाजारों में हलचल तेज कर दी है। विश्लेषकों का कहना है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के बेहतर प्रदर्शन से कच्चे तेल की कीमतों, अमेरिकी व्यापार नीतियों, प्रमुख उद्योगों के नियामकीय ढांचे और वैश्विक भू-राजनीतिक परिदृश्य पर असर पड़ सकता है। इसका प्रभाव भारत सहित दुनिया की कई अर्थव्यवस्थाओं पर भी देखने को मिल सकता है।

विशेषज्ञों के अनुसार, चुनावी समीकरणों में बदलाव की संभावना के चलते अमेरिकी डॉलर इंडेक्स और ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में तेज गिरावट दर्ज की गई है। बाजार इस संभावना को भी ध्यान में रख रहा है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के मजबूत स्थिति में आने से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर ईरान से जुड़े तनाव को कम करने का दबाव बढ़ सकता है। ऐसी स्थिति में अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में नरमी आ सकती है। हालांकि डेमोक्रेट्स की जीत के बाद कच्चे तेल की कीमतों में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई। खबर लिखे जाने तक (दोपहर 1.54 बजे के करीब) डब्ल्यूटीआई क्रूड 0.33 प्रतिशत की गिरावट के साथ 95.82 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता नजर आया, तो वहीं ब्रेंट क्रूड 0.43 प्रतिशत की गिरावट के साथ 103.2 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार करती नजर आई।