अर्थंतंत्र की खबरें: शेयर बाजार में 5 दिन की गिरावट थमी, कच्चा तेल 5% लुढ़का और रुपया 61 पैसे मजबूत
शेयर बाजार में पिछले पांच दिन से जारी गिरावट सोमवार को थम गयी और बीएसई सेंसेक्स में 776 अंक की तेजी आई जबकि एनएसई निफ्टी 228 अंक के लाभ में रहा। पश्चिम एशिया संकट कम होने के साथ कच्चे तेल के दाम में तेज गिरावट से बाजार में तेजी लौटी।

अमेरिका और ईरान द्वारा हमलों को स्थगित करने के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई गिरावट के चलते हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार शानदार तेजी के साथ हरे निशान में बंद हुआ। इस बीच घरेलू बाजार के प्रमुख बेंचमार्कों सेंसेक्स और निफ्टी 50 में 1 प्रतिशत तक की बढ़त देखने को मिली। बाजार में यह तेजी पिछले लगातार 5 कारोबारी सत्रों में गिरावट के बाद आई है।
बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 776.01 अंक यानी 1.02 प्रतिशत बढ़कर 76,835.78 पर पहुंच गया, तो वहीं एनएसई का निफ्टी 50 228.50 अंक यानी 0.96 प्रतिशत की शानदार बढ़त के साथ 23,995.95 पर बंद हुआ।
व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.11 प्रतिशत और स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में 1.31 प्रतिशत की उछाल दर्ज की गई।
वहीं, सेक्टरवार देखें तो दिन के कारोबार में सभी सेक्टर हरे निशान में बंद हुए। निफ्टी मीडिया 2.4 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष प्रदर्शन करने वाला क्षेत्र बनकर उभरा, इसके बाद निफ्टी आईटी 2.3 प्रतिशत की बढ़त के साथ दूसरे स्थान पर रहा। निफ्टी रियल्टी में 2.2 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जबकि निफ्टी ऑटो और निफ्टी फार्मा में क्रमशः 1.6 प्रतिशत और 1.5 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई।
इसके अलावा, निफ्टी एफएमसीजी में 1 प्रतिशत, निफ्टी बैंक में 0.7 प्रतिशत, निफ्टी इंफ्रा में 0.66 प्रतिशत, निफ्टी मेटल में 0.6 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 0.45 प्रतिश, निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.42 प्रतिशत और निफ्टी पीएसयू बैंक में 0.22 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
सेक्टरवार विश्लेषण करें तो निफ्टी आईटी, निफ्टी मीडिया और निफ्टी रियल्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि निफ्टी ऑयल एंड गैस का प्रदर्शन खराब रहा। निफ्टी रियल्टी, निफ्टी फार्मा और निफ्टी मेटल ने लगातार तीन दिनों से जारी गिरावट को तोड़ते हुए अपने बाजार में तेजी दर्ज की।
निफ्टी में सबसे ज्यादा लाभ कमाने वाले शेयरों में इटरनल, इंटरग्लोब एविएशन, इंफोसिस, बजाज फाइनेंस, मैक्स हेल्थ और श्रीराम फाइनेंस शामिल रहे, जबकि नुकसान उठाने वाले शेयरों में ओएनजीसी, एचडीएफसी लाइफ, एचडीएफसी बैंक, कोल इंडिया, पावर ग्रिड और डॉ रेड्डीज लैब्स शामिल रहे।
बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) पिछले सत्र के लगभग 476 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर लगभग 481 लाख करोड़ रुपए हो गया, जिससे निवेशकों को एक ही सत्र में 5 लाख करोड़ रुपए का लाभ हुआ।
इस बीच, एक मार्केट एक्सपर्ट ने बताया कि पश्चिम एशिया में हमलों पर फिलहाल विराम लगने से आयात लागत और महंगाई बढ़ने की आशंकाएं कम हुई हैं, जिससे शेयर बाजार में राहत भरी तेजी देखने को मिली। कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज गिरावट और लंबी अवधि के बॉन्ड यील्ड में कमी ने भी इस उम्मीद को मजबूत किया है कि स्थिति का स्थायी समाधान निकल सकता है। साथ ही, बाजार में लॉन्ग अनवाइंडिंग के संकेत भी देखने को मिले हैं, जो निवेशकों की धारणा में सुधार का संकेत देते हैं।
अमेरिका-ईरान के बीच सैन्य हमले रुकने से वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतें करीब 5 प्रतिशत तक लुढ़कीं
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य हमलों पर विराम लगने के बाद सोमवार को वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में भारी बिकवाली देखने को मिली। प्रमुख तेल बेंचमार्क में करीब 5 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
सुबह 10:20 पर अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 4.8 प्रतिशत से अधिक यानी करीब 4.64 डॉलर टूटकर लगभग 87.55 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर आ गया।
वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (डब्ल्यूटीआई) कच्चा तेल भी 5.09 प्रतिशत यानी लगभग 4.56 डॉलर गिरकर 85 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है।
तेल की कीमतों में यह तेज गिरावट ऐसे समय आई जब ईरान ने संकेत दिया कि यदि अमेरिका भी सैन्य अभियान रोकता है तो वह आगे कोई हमला नहीं करेगा। इससे इस संघर्ष के कूटनीतिक समाधान की उम्मीदें बढ़ गई हैं।
यह ताजा गिरावट पिछले तीन सप्ताह में तेल की कीमतों में आई तेज तेजी के बाद देखने को मिली है। इस दौरान ब्रेंट क्रूड 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया था। बाजार को आशंका थी कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से हॉर्मुज स्ट्रेट और बाब-अल-मंदेब स्ट्रेट के रास्ते कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है। ये दोनों दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा शिपिंग मार्गों में शामिल हैं।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, ईरान समर्थित हूती बलों द्वारा सऊदी अरब के रेड सी (लाल सागर) स्थित सऊदी अरामको की जिजान और यानबू बंदरगाहों पर हमले का दावा इस बात का संकेत है कि भू-राजनीतिक जोखिम अभी भी ऊंचे बने हुए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि सोमवार की तेज गिरावट के बावजूद इस महीने कच्चे तेल की कीमतें अब भी लगभग 40 प्रतिशत ऊंची हैं। इसका कारण यह है कि आपूर्ति संबंधी बाधाएं हॉर्मुज स्ट्रेट से बढ़कर लाल सागर तक फैल गई हैं, जो सऊदी अरब के तेल निर्यात का एक अहम मार्ग है।
अबतक चार करोड़ से अधिक आयकर रिटर्न दाखिल
आयकर विभाग ने सोमवार को कहा कि आकलन वर्ष 2026-27 के लिए अबतक चार करोड़ आयकर रिटर्न भरे गये हैं।
विभाग ने करदाताओं से 31 जुलाई की अंतिम तिथि से पहले अपना रिटर्न दाखिल करने की अपील की है। विभाग ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर करदाताओं से 31 जुलाई से पहले आयकर रिटर्न एक (सहज) और दो भरने को कहा है।
आईटीआर-1 (सहज) एक सरल फॉर्म है, जिसे छोटे और मध्यम आय वर्ग के बड़ी संख्या में करदाताओं के लिए तैयार किया गया है। यह फॉर्म उन निवासी व्यक्तिगत करदाताओं के लिए है, जिनकी वार्षिक आय 50 लाख रुपये तक है और जिनकी आय वेतन, एक आवासीय संपत्ति तथा कृषि से सालाना 5,000 रुपये तक होती है।
वहीं, आईटीआर-2 उन व्यक्तिगत करदाताओं और हिंदू अविभाजित परिवार (एचयूएफ) के लिए है, जिनकी आय व्यवसाय या पेशे से नहीं होती, लेकिन उन्हें पूंजीगत लाभ से आय प्राप्त होती है।
कच्चे तेल में गिरावट से रुपया 61 पैसे मजबूत, 95.92 प्रति डॉलर पर
कच्चे तेल की कीमतों में तेज गिरावट और पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान के बीच तनाव घटने से सोमवार को रुपया 61 पैसे की मजबूत बढ़त के साथ 95.92 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर रहा।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि घरेलू शेयर बाजार में मजबूती और प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले डॉलर में कमजोरी ने भी रुपये को सहारा दिया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 96.18 पर खुला और सत्र में 96.27 के निचले एवं 95.78 के उच्च स्तर तक गया। कारोबार के अंत में यह 95.92 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर रहा। इस तरह पिछले बंद भाव के मुकाबले रुपये में 61 पैसे की मजबूती रही।
शुक्रवार को रुपया 20 पैसे की बढ़त के साथ 96.53 पर बंद हुआ था। भारतीय मुद्रा 20 मई को 96.86 प्रति डॉलर के अब तक के सबसे निचले बंद स्तर पर रही थी।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच दो सप्ताह तक चले तनाव के बाद हमले रुकने से रुपया तीन सप्ताह के उच्च स्तर पर पहुंचा।
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