अर्थतंत्र की खबरें: कच्चे तेल में नरमी से शेयर बाजार में उछला, लेकिन अगस्त में बुनियादी उद्योगों की रफ्तार सुस्त
कच्चे तेल के दाम में नरमी के बीच घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को तेजी रही और मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 564 अंक चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी लगातार चौथे दिन लाभ में रहा और 68 अंक की बढ़त के साथ बंद हुआ।

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, वैश्विक बॉन्ड यील्ड में नरमी और वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुझान के चलते सोमवार को भारतीय शेयर बाजार बढ़त के साथ हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान, प्रमुख बेंचमार्क सूचकांक सेंसेक्स और निफ्टी में 0.76 प्रतिशत तक की तेजी आई।
बाजार बंद होने के समय, बीएसई सेंसेक्स 564.03 अंक यानी 0.76 प्रतिशत बढ़कर 74,858.99 पर पहुंच गया, तो वहीं निफ्टी50 67.90 अंक यानी 0.29 प्रतिशत बढ़कर 23,414.30 पर बंद हुआ।
दिन के कारोबार में सेंसेक्स अपने पिछले बंद 74,294.96 से 240.21 अंक यानी 0.32 प्रतिशत चढ़कर 74,535.18 पर खुला और एक समय यह 692.43 अंकों यानी 0.93 प्रतिशत की उछाल के साथ 74,987.40 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
वहीं निफ्टी 50 अपने पिछले बंद 23,346.40 से मामूली 16.20 अंक फिसलकर 23,330.20 पर खुला, लेकिन दिन में एक समय इसने 120.4 अंक यानी 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,466.80 का उच्चतम स्तर छुआ।
व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप में क्रमशः 0.29 प्रतिशत और 0.07 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर, निफ्टी रियल्टी, निफ्टी एफएमसीजी और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स ने बेहतर प्रदर्शन किया, जबकि निफ्टी मेटल, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी ऑटो का प्रदर्शन खराब रहा।
निफ्टी 50 में इटरनल, एचसीएल टेक, आईटीसी, सन फार्मा, मैक्स हेल्थ, टाइटन, एचडीएफसी लाइफ और एसबीआई लाइफ शीर्ष लाभ कमाने वाली कंपनियां रहीं, जबकि भारती एयरटेल, बजाज फाइनेंस, पावरग्रिड, विप्रो, ग्रासिम, इंफोसिस और टाटा स्टील टॉप लूजर्स की लिस्ट में शामिल रहीं।
बता दें कि सऊदी अरब से शिपमेंट में सुधार की उम्मीदों के चलते वैश्विक तेल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 2.25 प्रतिशत गिरकर 101.5 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल हो गया। इसका असर घरेलू बाजार पर साफ देखने को मिला।
बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर अगस्त में सुस्त पड़कर 4.8 प्रतिशत पर
देश के नौ प्रमुख बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर अगस्त में घटकर 4.8 प्रतिशत रही। कोयला, प्राकृतिक गैस, कच्चे तेल और उर्वरक उत्पादन में गिरावट के कारण बुनियादी उद्योगों के उत्पादन की रफ्तार सुस्त पड़ी है। सरकार के सोमवार को जारी आंकड़ों से यह जानकारी मिली।
बुनियादी उद्योगों के उत्पादन में पिछले साल अगस्त में 6.2 प्रतिशत और इस साल जुलाई में पांच प्रतिशत की वृद्धि हुई थी।
आंकड़ों के अनुसार, चालू वित्त वर्ष में अप्रैल-अगस्त के दौरान इन प्रमुख बुनियादी उद्योगों की वृद्धि दर 4.3 प्रतिशत रही, जो बीते वित्त वर्ष 2025-26 की इसी अवधि में 2.4 प्रतिशत थी।
भारत-कनाडा व्यापार समझौते पर वार्ता का अगला दौर पांच अक्टूबर से : गोयल
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने सोमवार को कहा कि भारत और कनाडा के बीच व्यापक आर्थिक भागीदारी समझौते (सीईपीए) को लेकर बातचीत आगे बढ़ रही है और वार्ता का अगला दौर पांच अक्टूबर से शुरू होगा।
गोयल ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘अगले 90 दिन भारत-कनाडा संबंधों के लिए बहुत महत्वपूर्ण अवधि होने जा रहे हैं।’’
दोनों देशों के बीच सीईपीए वार्ता का चौथा दौर 18 सितंबर को नयी दिल्ली में संपन्न हुआ। दोनों देश इस साल के अंत तक बातचीत पूरी करने का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं, जिसके चलते वार्ता की गति तेज की गई है।
गोयल ने कहा, ‘‘दोनों पक्षों ने बातचीत को तेजी से आगे बढ़ाने का फैसला किया है। इसी के तहत हमारा दल पांच अक्टूबर को पांचवें दौर की वार्ता के लिए जाएगा।’’
कनाडा के अंतरराष्ट्रीय व्यापार मंत्री मनिंदर सिद्धू पिछले सप्ताह गोयल के साथ बातचीत के लिए मुंबई आए थे।
रुपया 15 पैसे की बढ़त के साथ 95.81 प्रति डॉलर पर
कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक स्तर पर जोखिम लेने की धारणा में सुधार के बीच अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले रुपया सोमवार को 15 पैसे मजबूत होकर 95.81 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। बाजार में अमेरिका और ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत की उम्मीद से भी धारणा बेहतर हुई।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिका-ईरान के बीच कूटनीतिक बातचीत की उम्मीद से रुपया मजबूत हुआ।
घरेलू शेयर बाजारों में तेजी और अमेरिकी बॉण्ड पर प्रतिफल में नरमी ने भी रुपये को समर्थन दिया।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.86 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह मजबूत होकर 95.72 प्रति डॉलर के दिन के उच्च स्तर तक पहुंच गया। कारोबार के अंत में रुपया 95.81 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 15 पैसे की बढ़त है।
कमजोर वैश्विक रुख से सोना 200 रुपये टूटा, चांदी 5,000 रुपये लुढ़की
नए सप्ताह की शुरुआत सोने के लिए कमजोर रही। सोमवार को राजधानी के सर्राफा बाजार में वैश्विक बाजार के कमजोर रुझानों और रुपये में मजबूती के कारण सोने की कीमत 200 रुपये टूटकर 1,56,400 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। शुक्रवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,56,600 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, चांदी की कीमतों में भी बड़ी गिरावट आई और यह 5,000 रुपये टूटकर 2.42 लाख रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) रह गई। पिछले सत्र में चांदी 2.47 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
ब्रोकरेज मंच लेमन के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने कहा कि सोना और चांदी अलग-अलग दबाव के बीच फंसे रहे। फेडरल रिजर्व के अधिकारियों के सख्त बयानों और महंगाई की चिंता ने बॉण्ड प्रतिफल और डॉलर को मजबूत बनाए रखा, जबकि पश्चिम एशिया में जारी तनाव ने कीमती धातुओं की मांग को सहारा दिया।
वैश्विक बाजार में हाजिर सोना 24.75 डॉलर (यानी 0.57 प्रतिशत) टूटकर 4,353.48 डॉलर प्रति औंस रह गया, जबकि चांदी 66.27 डॉलर प्रति औंस पर स्थिर रही।
कारोबारियों ने कहा कि अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये में 15 पैसे की बढ़त (95.81 प्रति डॉलर पर पहुंचना) और शेयर बाजार में तेजी का असर भी कीमती धातुओं पर पड़ा।
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