अर्थतंत्र की खबरें: 'आर्थिक वृद्धि और महंगाई तय करेगी ब्याज दरों की सीमा', कच्चे तेल, मजबूत रुपये से सोना-चांदी सुस्त
आरबीआई ने बुधवार को पांच से सात अक्टूबर तक हुई एमपीसी की बैठक का ब्योरा जारी किया। गवर्नर सहित समिति के सभी छह सदस्यों ने रेपो दर को 0.25 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 5.5 प्रतिशत करने के पक्ष में मतदान किया था।

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा है कि ब्याज दरों में आगे कितनी बढ़ोतरी होगी और यह सिलसिला कितने समय तक चलेगा, यह आर्थिक वृद्धि और महंगाई की वास्तविक स्थिति तथा उनके भविष्य के रुझान पर निर्भर करेगा।
मल्होत्रा ने इस महीने की शुरुआत में हुई मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) की बैठक में नीतिगत दर रेपो में 0.25 प्रतिशत अंक की बढ़ोतरी के पक्ष में मतदान करते हुए यह बात कही।
आरबीआई ने बुधवार को पांच से सात अक्टूबर तक हुई एमपीसी की बैठक का ब्योरा जारी किया। गवर्नर सहित समिति के सभी छह सदस्यों ने रेपो दर को 0.25 प्रतिशत अंक बढ़ाकर 5.5 प्रतिशत करने के पक्ष में मतदान किया था। करीब चार साल के अंतराल के बाद नीतिगत दर में बढ़ोतरी की गई थी।
बैठक के ब्योरे के अनुसार, मल्होत्रा ने कहा कि महंगाई का दायरा बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) में शामिल वस्तुओं में से 37 प्रतिशत की महंगाई दर अगस्त में चार प्रतिशत से अधिक थी। मार्च में ऐसी वस्तुओं का अनुपात केवल 20 प्रतिशत था।
रुपये में मजबूती, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से सोना-चांदी में गिरावट
रुपये में मजबूती, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख के कारण बुधवार को राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट आई।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1,300 रुपये टूटकर 1,49,000 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) रह गया। पिछले कारोबारी सत्र में सोना 1,50,300 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।
वहीं, लगातार दो सत्र तक स्थिर रहने के बाद चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। चांदी 1,600 रुपये फिसलकर 2,13,400 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई। सोमवार को इसका भाव 2,15,000 रुपये प्रति किलोग्राम था।
एलकेपी सिक्योरिटीज के उपाध्यक्ष एवं शोध विश्लेषक (जिंस और मुद्रा) जतिन त्रिवेदी ने कहा, “बुधवार को सोने में कमजोरी रही, क्योंकि रुपये में मजबूती से घरेलू कीमतों पर दबाव बना रहा।”
उन्होंने कहा कि रुपये में मजबूती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों से महंगाई का दबाव बढ़ने की आशंकाओं के कारण बाजार का समग्र रुख कमजोर बना हुआ है। बुधवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 48 पैसे की जोरदार बढ़त के साथ 94.43 (अस्थायी) पर बंद हुआ। डॉलर की मांग को नियंत्रित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के हस्तक्षेप से रुपये को समर्थन मिला।
पीएल कैपिटल के जिंस प्रमुख आशीष राजोदिया ने कहा कि घरेलू बाजार में चांदी की कीमतों में भी गिरावट रही। ईरान के साथ शांति समझौते की शुरुआती उम्मीदों से कच्चे तेल की कीमतें नीचे आईं, जिससे कुछ समय के लिए कीमती धातुओं को समर्थन मिला।
शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट, सेंसेक्स 143 अंक टूटा
घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में गिरावट रही और बीएसई सेंसेक्स 143 अंक टूट गया। वहीं एनएसई निफ्टी 78 अंक नीचे आया। कच्चे तेल की ऊंची कीमत और अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में तेजी के बीच बिजली, बैंक तथा वित्तीय शेयरों में बिकवाली से निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 143.21 अंक यानी 0.19 प्रतिशत टूटकर 73,709.69 अंक पर बंद हुआ।
कारोबार की शुरुआत बढ़त के साथ हुई और सेंसेक्स एक समय 829.29 अंक चढ़कर 74,682.19 अंक के उच्चस्तर पर पहुंच गया। तेज बढ़त के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे सेंसेक्स 1,450 अंक से अधिक टूटकर दिन के निचले स्तर 73,229.45 अंक पर आ गया। हालांकि, कारोबार के अंतिम चरण में हुई कुछ लिवाली से नुकसान कम हुआ।
एनएसई का 50 शेयरों पर आधारित निफ्टी 77.60 अंक यानी 0.34 प्रतिशत की गिरावट के साथ 22,811.35 अंक पर बंद हुआ। शुरुआती कारोबार में यह 23,120.90 अंक के उच्चस्तर तक गया, लेकिन बाद में फिसलकर दिन के निचले स्तर 22,702.85 अंक पर आ गया।
रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजित मिश्रा ने कहा, ‘‘बाजार में बुधवार को तेज उलटफेर देखने को मिली। मुनाफावसूली और लगातार बनी वृहद आर्थिक चिंताओं के बीच बाजार ने शुरुआती बढ़त गंवा दी। व्यापक बाजार में बिकवाली का दबाव विशेष रूप से अधिक रहा और मझोली और छोटी कंपनियों के सूचकांक करीब 1.5 प्रतिशत से 2.4 प्रतिशत तक नीचे आए। यह निवेशकों में जोखिम लेने से बचने की व्यापक प्रवृत्ति को दर्शाता है।’’
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में बजाज फाइनेंस, इटर्नल, ट्रेंट, एक्सिस बैंक, एनटीपीसी, मारुति सुजुकी इंडिया, इंडिगो, कोटक महिंद्रा बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, टाइटन और भारतीय स्टेट बैंक प्रमुख रूप से नुकसान में रहीं।
वहीं, लाभ में रहने वाले शेयरों में एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इन्फोसिस, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, अल्ट्राटेक सीमेंट, भारती एयरटेल, पावरग्रिड, रिलायंस इंडस्ट्रीज, आईटीसी, आईसीआईसीआई बैंक और सन फार्मास्युटिकल्स शामिल हैं।
इस बीच, 30,213 करोड़ रुपये के जियो प्लेटफॉर्म्स के आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) को बुधवार को बोली के पहले दिन तीन गुना से अधिक बोलियां मिलीं। अबतक के सबसे बड़े सार्वजनिक निर्गम को खुलने के 100 मिनट के भीतर पूरी बोली मिल गयी। इतनी तेजी से बोली प्राप्त करने वाला यह अबतक का पहला निर्गम है।
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