अर्थतंत्र की खबरें: सोने की कीमत में लगातार चौथे दिन गिरावट और मध्य पूर्व के तनाव से लुढ़का शेयर बाजार
सोने के वायदा भाव में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट आई। शुक्रवार को सोने का भाव 856 रुपये घटकर 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख केविन वार्श के जैक्सन होल संगोष्ठी में संबोधन से पहले निवेशकों के सतर्क रुख के बीच सोने के वायदा भाव में गिरावट आई।

घरेलू शेयर बाजार में बुधवार को लगातार तीसरे दिन गिरावट रही। वैश्विक बाजारों में नरमी और पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की ऊंची कीमत के कारण मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 374 अंक टूटा जबकि एनएसई निफ्टी 141 अंक के नुकसान में रहा।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 373.93 अंक यानी 0.49 प्रतिशत टूटकर 76,570.35 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 808.56 अंक की गिरावट के साथ 76,135.72 अंक पर आ गया था।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी भी 141.35 अंक यानी 0.59 प्रतिशत फिसलकर 23,914.45 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में एशियन पेंट्स, एचडीएफसी बैंक, महिंद्रा एंड महिंद्रा, एचसीएल टेक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और इन्फोसिस में प्रमुख रूप से गिरावट रही। दूसरी ओर, लाभ में रहने वाले शेयरों में अदाणी पोर्ट्स, बजाज फिनसर्व, पावर ग्रिड, एनटीपीसी और टाइटन शामिल हैं।
एचएसटी वेल्थ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी तथा शोध विश्लेषक हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘घरेलू शेयर बाजारों में व्यापक स्तर पर बिकवाली का दबाव रहा। कमजोर वैश्विक संकेतों के कारण विभिन्न परिसंपत्ति श्रेणियों में जोखिम से बचने का रुख देखने को मिला।’’
छोटी कंपनियों से जुड़ा बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.61 प्रतिशत के नुकसान में रहा। वहीं मझोली कंपनियों का मिडकैप सेलेक्ट 0.51 प्रतिशत नीचे बंद हुआ।
ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजार में लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट वैश्विक स्तर पर व्यापक बिकवाली के अनुरूप है। अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष फिर से बढ़ने से ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ी है। साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य को जल्द खोलने की उम्मीदों को झटका लगा है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल में वृद्धि ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को और कमजोर किया है।’’ वैश्विक तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल 0.40 प्रतिशत बढ़कर 95.13 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
एशिया के अन्य बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, जापान का निक्की, चीन में शंघाई एसएसई कम्पोजिट और हांगकांग का हैंग सेंग गिरावट के साथ बंद हुए।
सोने की कीमत में लगातार चौथे दिन गिरावट, वायदा भाव 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम
सोने के वायदा भाव में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट आई। शुक्रवार को सोने का भाव 856 रुपये घटकर 1.58 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख केविन वार्श के जैक्सन होल संगोष्ठी में संबोधन से पहले निवेशकों के सतर्क रुख के बीच सोने के वायदा भाव में गिरावट आई।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) में अक्टूबर में आपूर्ति वाला सोना 856 रुपये यानी 0.54 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,58,140 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। दिसंबर अनुबंध का भाव भी 942 रुपये यानी 0.59 प्रतिशत घटकर 1,59,450 रुपये प्रति 10 ग्राम रहा।
निवेश मंच मडरेक्स के विश्लेषक अक्षत सिद्धांत ने कहा कि जुलाई में अमेरिका के व्यक्तिगत उपभोग व्यय (पीसीई) मुद्रास्फीति के अनुमान से अधिक रहने के बाद घरेलू बाजार में कारोबारियों ने मुनाफावसूली की। इससे एमसीएक्स में सोने की कीमतों में गिरावट आई।
हालांकि, उन्होंने कहा कि अमेरिका की राजकोषीय स्थिति को लेकर चिंता से बहुमूल्य धातु को कुछ समर्थन मिला और गिरावट सीमित रही।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने पर दबाव रहा। न्यूयॉर्क में कॉमेक्स में दिसंबर अनुबंध का वायदा भाव 28.49 अमेरिकी डॉलर यानी करीब एक प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,635.51 डॉलर प्रति औंस पर पर रहा।
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लि. के विश्लेषक (जिंस) मानव मोदी ने कहा कि निवेशक जैक्सन होल संगोष्ठी में अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श के संबोधन से पहले सतर्क रहे। इस दौरान वे लगातार बनी हुई मुद्रास्फीति, अधिक बॉन्ड प्रतिफल और जारी वैश्विक तनाव से जुड़ी चिंताओं के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि नए सिरे से बढ़े वैश्विक तनाव ने भी निवेशकों की सतर्कता बढ़ाई है।
रुपया दो पैसे की मामूली गिरावट के साथ 94.97 प्रति डॉलर पर
रुपये ने बुधवार को सीमित दायरे में कारोबार किया और अंत में दो पैसे की मामूली गिरावट के साथ 94.97 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर आ गया। विदेशी पूंजी के प्रवाह से मिले समर्थन पर कमजोर घरेलू शेयर बाजार और मजबूत अमेरिकी डॉलर का असर भारी पड़ा।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) रुपये की गिरावट पर नजर रख रहा है, क्योंकि ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत बढ़कर 95 डॉलर प्रति बैरल हो गई है और अमेरिका-ईरान तनाव फिर बढ़ने से बाजार में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के बीच डॉलर सूचकांक 99.80 के आसपास बना हुआ है।
इसके अलावा, बाजार भागीदारों ने सितंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना जताई है। इससे अमेरिकी बॉन्ड पर प्रतिफल बढ़ा है और डॉलर में व्यापक तेजी आई है।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.97 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 94.83 के ऊंचे और 94.99 के निचले स्तर तक गया। कारोबार के अंत में रुपया यह 94.97 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा जो पिछले बंद भाव से दो पैसे की गिरावट है।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘अमेरिका द्वारा ईरान पर हमला किए जाने से भू-राजनीतिक तनाव फिर बढ़ गया है। इससे कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आई है। ऐसे में हमारा अनुमान है कि रुपया थोड़ी नकारात्मक धारणा के साथ कारोबार करेगा... ’’
उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 94.70 से 95.25 के दायरे में रहने के आसार हैं। इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की मजबूती को मापने वाला डॉलर सूचकांक 0.14 प्रतिशत बढ़कर 99.82 पर पहुंच गया।
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