अर्थतंत्र की खबरें: क्या भारत में तेल का संकट है? पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव से शेयर बाजार में गिरावट जारी

हरदीप सिंह पुरी ने कहा, "भारत की कच्चे तेल की आपूर्ति की स्थिति सुरक्षित है, और हमारे पास जितना तेल उपलब्ध है, वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से मिलने वाली आपूर्ति से कहीं अधिक है।"

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को कहा कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है और भारत के पास इस समय पर्याप्त कच्चे तेल का भंडार मौजूद है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अफवाहें न फैलाएं और फर्जी जानकारी से बचें। संसद में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि भारत में ऊर्जा की उपलब्धता पूरी तरह सुरक्षित है।

उन्होंने कहा, "भारत की कच्चे तेल की आपूर्ति की स्थिति सुरक्षित है, और हमारे पास जितना तेल उपलब्ध है, वह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से मिलने वाली आपूर्ति से कहीं अधिक है।"

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी, सेंसेक्स 829 अंक फिसला

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच तेल की कीमतों में अस्थिरता के कारण हफ्ते के चौथे कारोबारी दिन गुरुवार को भी भारतीय शेयर बाजार में गिरावट का दौर जारी रहा और प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स व निफ्टी लाल निशान में बंद हुए।

इस दौरान 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 1.08 प्रतिशत या 829.29 अंक गिरकर 76,034.42 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी50 0.95 प्रतिशत या 227.70 अंक गिरकर 23,639.15 पर बंद हुआ।

दिन के कारोबार में सेंसेक्स में 992.53 अंक या 1.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह दिन के निचले स्तर 75,871.18 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी50 में 298.15 अंक या 1.25 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 23,556.30 पर आ गया। बाद में सेंसेक्स ने अपनी बढ़त कुछ हद तक कम की और 600 अंक की रिकवरी करते हुए दिन के उच्चतम स्तर 76,681.71 पर पहुंच गया।

व्यापक बाजार में भी बेंचमार्क सूचकांकों के अनुरूप गिरावट देखी गई। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 0.37 प्रतिशत तो निफ्टी स्मॉलकैप 100 सूचकांक में 0.67 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी ऑटो इंडेक्स सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ और यह 3.19 प्रतिशत तक गिर गया। वहीं, निफ्टी एफएमसीजी में 1.77 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी इंडेक्स में 1.63 प्रतिशत, निफ्टी बैंक में 1.14 प्रतिशत और निफ्टी आईटी में 0.24 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। जबकि, निफ्टी ऑयल एंड गैस शीर्ष प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बनकर उभरा।

निफ्टी50 में महिंद्रा एंड महिंद्रा, आइशर मोटर्स, मारुति सुजुकी इंडिया, बजाज फाइनेंस, टीएमपीवी, एलएंडटी और अल्ट्राटेक सीमेंट के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिली और निफ्टी के टॉप लूजर्स में शामिल रहे।


खाड़ी संकट का असर: गेल ने येलाहांका पावर प्लांट को गैस सप्लाई रोकी, बिजली उत्पादन हो सकता है प्रभावित

सरकारी महारत्न कंपनी गेल यानी गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (जीएआईएल) ने गुरुवार को सुबह 6 बजे से बेंगलुरु के येलाहांका गैस आधारित पावर प्लांट को प्राकृतिक गैस की सप्लाई पूरी तरह बंद कर दी है। ऊर्जा मंत्रालय के अधिकारियों ने इसकी पुष्टि की है।

कर्नाटक पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (केपीसीएल) द्वारा स्थापित 370 मेगावाट क्षमता वाला येलाहांका पावर प्लांट राज्य का एकमात्र गैस आधारित बिजली उत्पादन संयंत्र है। अधिकारियों ने बताया कि गैस सप्लाई रुकने से इसके बिजली उत्पादन पर असर पड़ सकता है।

यह पावर प्लांट मुख्य रूप से बेंगलुरु शहर को बिजली आपूर्ति के लिए बनाया गया था, और यह पिछले साल दिसंबर से लगातार काम कर रहा है। लेकिन पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण पैदा हुई प्राकृतिक गैस की कमी से अब यहां बिजली उत्पादन प्रभावित हो सकता है।

अधिकारियों ने बताया कि इजरायल-ईरान संघर्ष के कारण देश भर में गैस की कमी हो गई है, जिसके चलते केंद्र सरकार ने गैस आपूर्ति के लिए विभिन्न क्षेत्रों की प्राथमिकता तय की है। इससे कर्नाटक में बिजली उत्पादन पर असर पड़ सकता है।

पश्चिम एशिया संकट के कारण देश भर में एलपीजी और प्राकृतिक गैस की सप्लाई प्रभावित हुई है। इसके बाद केंद्र सरकार ने मंगलवार को एक गजट नोटिफिकेशन जारी कर प्राकृतिक गैस के आवंटन में प्राथमिकता तय की है।

इस सूची में घरेलू खपत को सबसे ऊपर रखा गया है, जबकि परिवहन और उर्वरक (फर्टिलाइजर) क्षेत्र को अगली प्राथमिकता दी गई है। वहीं, बिजली उत्पादन क्षेत्र को सबसे निचली प्राथमिकता में रखा गया है।

अधिकारियों ने बताया कि बिजली की अधिक मांग के दौरान आपूर्ति बनाए रखने के लिए राज्य सरकार सभी उपलब्ध स्रोतों से बिजली उत्पादन कर रही है।

वर्तमान में कर्नाटक में प्रतिदिन करीब 35.5 करोड़ यूनिट बिजली की मांग है, जिसे थर्मल और हाइड्रो पावर प्लांट, सौर और पवन ऊर्जा तथा केंद्रीय ग्रिड से मिलने वाली बिजली के जरिए पूरा किया जा रहा है।

इसके अलावा राज्य पंजाब, उत्तर प्रदेश और हरियाणा के साथ पावर एक्सचेंज व्यवस्था के जरिए भी कुछ बिजली हासिल कर रहा है।

हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अगर येलाहांका पावर प्लांट को गैस सप्लाई और कम हुई, तो बिजली आपूर्ति में हल्की बाधा आ सकती है।

रुपया रिकॉर्ड निचले स्तर से उबरा, 16 पैसे टूटकर 92.17 प्रति डॉलर पर

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में बृहस्पतिवार को रुपया 16 पैसे की गिरावट के साथ 92.17 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। पश्चिम एशिया में जारी युद्ध के बीच वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से कारोबार के दौरान यह 92.36 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया था।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 92.25 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान इसमें लगातार गिरावट जारी रही और यह डॉलर के मुकाबले अपने रिकॉर्ड निचले स्तर 92.36 पर पहुंच गया। हालांकि, इसने कुछ हद तक अपनी स्थिति सुधारी और अंततः 92.17 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 16 पैसे की गिरावट है।

रुपया इससे पहले नौ मार्च को कारोबार के दौरान 92.35 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड स्तर तक टूटा था।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘ कमजोर घरेलू बाजारों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण रुपया 92.36 प्रति डॉलर के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर सूचकांक में सकारात्मक वृद्धि और विदेशी निवेशकों (एफआईआई) की निकासी ने भी रुपये पर दबाव डाला। हालांकि, केंद्रीय बैंक के संभावित हस्तक्षेप के बाद रुपये में सुधार हुआ।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के कारण रुपये में लगातार 13वें दिन नकारात्मक रुझान रहने के आसार हैं। विदेशी निवेशकों की निरंतर निकासी से रुपये पर और दबाव पड़ सकता है।’’