अर्थतंत्र की खबरें: सोने के दाम गिरने और मिडिल ईस्ट संकट से बाजार में हाहाकार, लाल निशान पर बंद हुए इंडेक्स
कारोबारियों का कहना है कि घरेलू सोने की कीमतों में गिरावट हाल के सप्ताहों में सोने की कीमतों में आई तेजी के बाद लगातार हो रही मुनाफासूली को भी दिखाती है। कारोबारी अपने जमा सौदों को कम कर रहे हैं क्योंकि सोना अपनी पिछली तेजी को बनाए रखने में नाकाम रहा।

दिल्ली के सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने की कीमतों में लगातार चौथे दिन गिरावट आई। वैश्विक स्तर पर कमजोर संकेतों के कारण कारोबारियों की धारणा पर असर पड़ा और पीली धातु की कीमतें 1,500 रुपये टूटकर 1,60,900 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गईं। शुक्रवार को 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत 1,62,400 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी।
कारोबारियों का कहना है कि घरेलू सोने की कीमतों में गिरावट हाल के सप्ताहों में सोने की कीमतों में आई तेजी के बाद लगातार हो रही मुनाफासूली को भी दिखाती है। कारोबारी अपने जमा सौदों को कम कर रहे हैं क्योंकि सोना अपनी पिछली तेजी को बनाए रखने में नाकाम रहा।
हालांकि, स्थानीय कारोबारियों के अनुसार, चांदी की कीमत 2,45,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी कर सहित) पर स्थिर रही।
लेमन मार्केट्स डेस्क के शोध प्रमुख गौरव गर्ग ने कहा, ‘‘जैक्सन होल संगोष्ठी में फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के सख्त रुख वाले भाषण के बाद सोने की कीमतें दबाव में रहीं। इस भाषण से सितंबर की बैठक में ब्याज दरें बढ़ने की संभावना बढ़ गई।’’
उन्होंने कहा कि अमेरिकी बॉन्ड प्रतिफल में बढ़ोतरी और डॉलर के मजबूत होने से भी कीमती धातुओं पर दबाव पड़ा और हालिया गिरावट का दौर जारी रहा।
वैश्विक स्तर पर, हाजिर सोना मामूली गिरावट के साथ 4,448.56 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। हालांकि, चांदी में लगभग एक प्रतिशत की बढ़त हुई और यह 66.97 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
पश्चिम एशिया तनाव फिर बढ़ने से शेयर बाजार में गिरावट; सेंसेक्स 307 अंक टूटा, निफ्टी भी नुकसान में
घरेलू शेयर बाजार में सोमवार को गिरावट आई। आईटी और दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में बिकवाली और पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ने से मानक सूचकांक बीएसई सेंसेक्स 307 अंक के नुकसान में रहा जबकि एनएसई निफ्टी 95 अंक टूटा।
विश्लेषकों के अनुसार, कच्चे तेल के दाम में तेजी, वैश्विक बाजारों में कमजोर रुख और विदेशी पूंजी की निकासी से भी निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 307.24 अंक यानी 0.40 प्रतिशत टूटकर 76,957.27 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान सेंसेक्स एक समय 513.19 अंक तक नीचे आ गया था। सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 20 नुकसान में रहे जबकि 10 में तेजी रही।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 95.25 अंक यानी 0.39 प्रतिशत की गिरावट के साथ 24,080.40 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में से अदाणी पोर्ट्स में सर्वाधिक 4.11 प्रतिशत की गिरावट आई। सूचकांक में मजबूत हिस्सेदारी रखने वाला एचडीएफसी बैंक 1.53 प्रतिशत नुकसान में रहा। एचडीएफसी बैंक के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) एवं प्रबंध निदेशक शशिधर जगदीशन ने घोषणा की है कि वह अपने मौजूदा कार्यकाल की समाप्ति के बाद पुनर्नियुक्ति का विकल्प नहीं चुनेंगे। उनका मौजूदा कार्यकाल 26 अक्टूबर को समाप्त हो रहा है।
इसके अलावा, आईटीसी, भारती एयरटेल, एचडीएफसी बैंक, इन्फोसिस और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर प्रमुख रूप से गिरावट में रहे।
दूसरी ओर, लाभ में रहने वाले शेयरों में सन फार्मा, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और भारतीय स्टेट बैंक शामिल हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 3.63 प्रतिशत बढ़कर 91.30 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव तथा कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं कमजोर पड़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई। कच्चे तेल की कीमतों और वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल में वृद्धि से ऊर्जा की अगुवाई में मुद्रास्फीति बढ़ने और ऊंची ब्याज दरों को लेकर चिंता बढ़ी है। इससे कंपनियों की आय प्रभावित हो सकती है।’’
उन्होंने कहा कि जैक्सन होल संबोधन के बाद फेडरल रिजर्व के चेयरमैन की हाल की टिप्पणियों से सितंबर में संभावित ब्याज दर वृद्धि की संभावना बढ़ी है। इससे वैश्विक बॉन्ड प्रतिफल ऊंचा बना हुआ है और उभरते बाजारों में निकट अवधि में उतार-चढ़ाव बढ़ा है।
भारतीय अर्थव्यवस्था जून तिमाही में 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ी
भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही में बढ़कर 7.8 प्रतिशत हो गई जबकि एक साल पहले की समान तिमाही में यह 6.9 प्रतिशत थी। सोमवार को सरकारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।
सांख्यिकी एवं कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय (एमओएसपीआई) की तरफ से जारी आंकड़ों के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में स्थिर कीमतों पर वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) 81.36 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है। वित्त वर्ष 2025-26 की समान तिमाही में यह 75.46 लाख करोड़ रुपये था।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था ने पहली तिमाही में वृद्धि की गति बनाए रखी है।’’
वहीं, मौजूदा कीमतों पर सकल घरेलू उत्पाद चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में 88.27 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है, जो एक साल पहले की समान अवधि में 80 लाख करोड़ रुपये था। इस तरह मौजूदा कीमतों पर जीडीपी में 10.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
रुपया 26 पैसे की बढ़त के साथ 95.17 प्रति डॉलर पर
रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले सोमवार को शुरुआती गिरावट से उबरते हुए 26 पैसे की बढ़त के साथ 95.17 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा।
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और वैश्विक तनाव के कारण स्थानीय मुद्रा पर दबाव के बीच यह तेजी संभावित रूप से भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के हस्तक्षेप के कारण आई।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि सितंबर में अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दर बढ़ाने की संभावना बढ़ने के बाद अमेरिकी बॉन्ड पर प्रतिफल बढ़ा और डॉलर में व्यापक मजबूती आई। ऐसा हो सकता है कि आरबीआई ने रुपये को समर्थन देने के लिए निचले स्तर पर हस्तक्षेप किया हो।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.56 प्रति डॉलर पर खुला और कारोबार के दौरान 95.11 से 95.56 के दायरे में रहा। अंत में यह 95.17 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा, जो पिछले बंद भाव से 26 पैसे की बढ़त है। रुपया शुक्रवार को दो पैसे की मामूली बढ़त के साथ 95.43 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज के वरिष्ठ शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा कि डॉलर सूचकांक में शुक्रवार को आई तेजी और फेडरल रिजर्व के प्रमुख की सख्त रुख वाली टिप्पणियों के बाद शुरुआती गिरावट के बावजूद रुपये ने दो दिन में मजबूत वापसी की और पांच अगस्त के बाद के अपने सबसे मजबूत स्तर पर रहा।
उन्होंने कहा कि इस सुधार में आरबीआई के समय पर किए गए संभावित हस्तक्षेप के साथ-साथ एमएससीआई पुनर्संतुलन और विदेशी मुद्रा प्रवासी (बैंक) यानी एफसीएनआर (बी) योजनाओं से जुड़े डॉलर प्रवाह की अहम भूमिका रही।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.18 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.52 पर कारोबार कर रहा था।
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