अर्थतंत्र की खबरें: नए फॉर्मूले पर पहली बार जारी हुए रिटेल महंगाई के आंकड़े और शेयर बाजार में बड़ी गिरावट
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई दर 2.73 प्रतिशत रही है और शहरी इलाकों में 2.77 प्रतिशत थी। वहीं, खाद्य महंगाई दर जनवरी में 2.13 प्रतिशत रही है। यह ग्रामीण इलाकों में 1.96 प्रतिशत और शहरी इलाकों में 2.44 प्रतिशत रही है।

भारत में अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खुदरा महंगाई दर जनवरी 2026 में सालाना आधार पर 2.75 प्रतिशत रही है। यह जानकारी सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय की ओर से गुरुवार को दी गई।
बेस ईयर में बदलाव के बाद खुदरा महंगाई दर के यह पहले आंकड़े हैं। सरकार की ओर से बेस ईयर को बदलकर 2024 कर दिया गया है, जो कि पहले 2012 था। दिसंबर में खुदरा महंगाई दर 1.33 प्रतिशत थी। हालांकि, यह पुराने बेस ईयर 2012 पर आधारित थी।
सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, ग्रामीण इलाकों में खुदरा महंगाई दर 2.73 प्रतिशत रही है और शहरी इलाकों में 2.77 प्रतिशत थी। वहीं, खाद्य महंगाई दर जनवरी में 2.13 प्रतिशत रही है। यह ग्रामीण इलाकों में 1.96 प्रतिशत और शहरी इलाकों में 2.44 प्रतिशत रही है।
आंकड़ों में मुताबिक, जनवरी में सालाना आधार पर लहसुन की कीमत 53.05 प्रतिशत, प्याज की कीमत 29.27 प्रतिशत, आलू की कीमत 28.98 प्रतिशत, अरहर की कीमत 24.90 प्रतिशत और मटर की कीमत 15.56 प्रतिशत कम हुई है।
दूसरी तरफ, जनवरी में सालाना आधार पर चांदी की ज्वेलरी 159.67 प्रतिशत, टमाटर 64.80 प्रतिशत, कोपरा 47.18 प्रतिशत, सोने/हीरे/प्लेटिनम की ज्वेलरी 46.77 प्रतिशत और नारियल तेल की कीमतें 40.44 प्रतिशत बढ़ी हैं।
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक, जनवरी में सालाना आधार पर कपड़ों और जूतों की कीमतें 2.98 प्रतिशत, स्वास्थ्य सेवाओं का दाम 2.19 प्रतिशत, ट्रांसपोर्ट की कीमत 0.09 प्रतिशत, पान/तंबाकू जैसे उत्पादों की कीमतें 2.86 प्रतिशत; आवासीय, पानी, बिजली और अन्य ईंधनों की कीमतें 1.53 प्रतिशत बढ़ी हैं।
कीमती धातुओं में बड़ा उतार-चढ़ाव, तेजी के बाद फिर गिरा सोने-चांदी का भाव
पिछले कुछ दिनों से कमोडिटी बाजार में बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। मंगलवार को आई भारी गिरावट के बाद बुधवार के कारोबारी सत्र में कीमती धातुओं में जोरदार तेजी देखने को मिली थी। वहीं गुरुवार के सत्र में सोने और चांदी की कीमतों में हल्की गिरावट देखने को मिली, जिसका मुख्य कारण अमेरिकी डॉलर का मजबूत होना बताया गया है।
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर अप्रैल डिलीवरी वाला सोना गिरकर 1,57,701 रुपए प्रति 10 ग्राम के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गया। तो वहीं मार्च डिलीवरी वाली चांदी भी गिरकर 2,58,730 रुपए प्रति किलोग्राम के दिन के निचले स्तर पर पहुंच गई।
हालांकि खबर लिखे जाने तक (करीब 11.51 बजे) एमसीएक्स पर 2 अप्रैल की एक्सपायरी वाला सोना करीब 0.24 प्रतिशत यानी 378 रुपए की गिरावट के साथ 1,58,377 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, तो वहीं 5 मार्च की एक्सपायरी वाली चांदी 0.39 प्रतिशत यानी 1,015 रुपए की गिरावट के साथ 2,62,003 रुपए प्रति किलोग्राम पर ट्रेड कर रही थी।
शुरुआती कारोबार में डॉलर इंडेक्स 96.83 से बढ़कर 96.94 पर पहुंच गया। अमेरिका से आए मजबूत रोजगार आंकड़ों के कारण डॉलर में मजबूती आई। जब डॉलर मजबूत होता है तो सोने-चांदी जैसी कीमती धातुएं अन्य देशों के लिए महंगी हो जाती हैं, जिससे उनकी मांग कम हो सकती है।
विशेषज्ञों ने बताया कि जनवरी में अमेरिका में उम्मीद से ज्यादा नौकरियां बढ़ीं और बेरोजगारी दर घटकर 4.3 प्रतिशत हो गई, जिससे संकेत मिलता है कि वहां का श्रम बाजार मजबूत है। इससे अमेरिकी केंद्रीय बैंक (फेड) कुछ समय तक ब्याज दरों को अपरिवर्तित रख सकता है।
रुपया 17 पैसे बढ़कर 90.61 प्रति डॉलर पर
विदेशी कोषों के निवेश से निवेशकों का उत्साह बढ़ने से अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में बृहस्पतिवार को डॉलर के मुकाबले रुपया 17 पैसे बढ़कर 90.61 (अस्थायी) पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि विदेशी कोषों का आना, हालांकि बहुत ज़्यादा नहीं था, लेकिन इसने एक मनोवैज्ञानिक सहारा दिया। उन्होंने कहा कि इसके अलावा, भारतीय रिजर्व बैंक यह पक्का कर रहा है कि बैंकिंग प्रणाली में नकदी की स्थिति भरपूर बनी रहे।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में, डॉलर के मुकाबले रुपया 90.55 पर खुला, और कारोबार के दौरान 90.40 के दिन के उच्चतम स्तर तक गया और 90.65 के निचले स्तर तक आया।
बृहस्पतिवार को कारोबारी सत्र के अंत में, रुपया 90.61 (अस्थायी) पर था, जो पिछले बंद भाव से 17 पैसे की मजबूती है। बुधवार को, डॉलर के मुकाबले रुपया 22 पैसे की गिरावट के साथ 90.78 पर बंद हुआ।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि शुरू में बाजार ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते का स्वागत किया, लेकिन व्हाइट हाउस के ‘फैक्ट शीट’ जारी करने के बाद नई चिंताएं सामने आई हैं।
‘फैक्ट शीट’ में समझौते की खास शर्तों पर रोशनी डाली गई है, जिसमें यह भी शामिल है कि भारत सभी अमेरिकी औद्योगिक सामान और अमेरिका के कई तरह के खाने और खेती के उत्पादों पर शुल्क खत्म कर देगा या कम कर देगा।
बुधवार को, वाणिज्य सचिव, राजेश अग्रवाल ने कहा कि भारत ने हमेशा उन क्षेत्रों पर ‘साफगोई’ के साथ बातचीत की है जो व्यापार समझौतों में देश के लिए ‘बहुत’ संवेदनशील हैं, और अमेरिका के साथ अंतरिम व्यापार समझौते के तहत उन सभी खास खंडों को संरक्षित किया है।
आईटी शेयरों में भारी बिकवाली से शेयर बाजार में गिरावट, सेंसेक्स 559 अंक फिसला
अमेरिका में ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कमजोर पड़ने और कृत्रिम मेधा (एआई) से संभावित व्यवधान की आशंकाओं के बीच सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में बिकवाली से बृहस्पतिवार को घरेलू शेयर बाजार नुकसान के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 559 अंक लुढ़क गया जबकि निफ्टी 147 अंक के नुकसान में रहा।
बीएसई का 30 शेयरों पर आधारित मानक सूचकांक सेंसेक्स 558.72 अंक यानी 0.66 प्रतिशत टूटकर 83,674.92 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 716.97 अंक के नुकसान के साथ 83,516.67 अंक तक आ गया था।
एनएसई का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 146.65 अंक यानी 0.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 25,807.20 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में सबसे ज्यादा दबाव आईटी शेयरों पर रहा। टेक महिंद्रा, इन्फोसिस और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) लगभग छह प्रतिशत तक टूटकर सेंसेक्स के प्रमुख गिरावट वाले शेयर रहे।
इसके अलावा एचसीएल टेक्नोलॉजीज, महिंद्रा एंड महिंद्रा, हिंदुस्तान यूनिलीवर, रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक, इंडिगो, कोटक महिंद्रा बैंक और अदाणी पोर्ट्स भी नुकसान में रहे।
दूसरी तरफ बजाज फाइनेंस, आईसीआईसीआई बैंक, भारतीय स्टेट बैंक, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, एशियन पेंट्स, लार्सन एंड टुब्रो, भारती एयरटेल और टाटा स्टील के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
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