अर्थतंत्र की खबरें: खाद्य वस्तुओं के दाम बढ़ने से जून में खुदरा महंगाई 4.38% पर और सोना-चांदी में भारी गिरावट
पश्चिम एशिया में अनिश्चितता बने रहने के कारण राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने की कीमत 1,500 रुपये टूटकर 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। वहीं चांदी की कीमत भी 2,000 रुपये फिसल गई।

पश्चिम एशिया में अनिश्चितता बने रहने के कारण राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में सोमवार को सोने की कीमत 1,500 रुपये टूटकर 1.47 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रह गई। वहीं चांदी की कीमत भी 2,000 रुपये फिसल गई।
स्थानीय बाजार के जानकारों के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत शुक्रवार के बंद भाव 1,48,500 रुपये प्रति 10 ग्राम से 1,500 रुपये घटकर 1,47,000 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी करों सहित) रह गई।
चांदी की कीमत भी 2,000 रुपये घटकर 2,35,000 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) रह गई। पिछले सत्र में चांदी का भाव 2,37,000 रुपये प्रति किलोग्राम था।
कारोबारियों ने कहा कि पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं, जिससे महंगाई की चिंताएं बढ़ीं और डॉलर मजबूत हुआ, जिसका असर कीमती धातुओं पर पड़ा।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा, ‘‘सोमवार को अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोरी के कारण सोने की कीमतों में गिरावट आई, क्योंकि पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं और महंगाई की चिंताएं फिर से पैदा हो गईं।’’
उन्होंने कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच हालिया तनाव बढ़ने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधा और तीसरी तिमाही में तेल बाजार की स्थिति के और कड़े होने की चिंताएं बढ़ गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में, हाजिर सोने की कीमत 53.14 डॉलर या 1.3 प्रतिशत घटकर 4,067.94 डॉलर प्रति औंस रह गई और चांदी की कीमत 2.32 प्रतिशत घटकर 58.47 डॉलर प्रति औंस रह गई।
मिराए एसेट शेयरखान में जिंस प्रमुख प्रवीण सिंह ने कहा, ‘‘वैश्विक बाजारों में हाजिर सोने की कीमत में गिरावट आई क्योंकि तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से महंगाई की चिंताएं बढ़ गईं और इस बात की उम्मीदें बढ़ गईं कि फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा रख सकता है।’’
शेयर बाजार शुरुआती गिरावट से उबरा, स्थिर रुख के साथ बंद
पश्चिम एशिया में तनाव गहराने के बीच कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल से सोमवार को निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई लेकिन निचले स्तर पर खरीदारी आने से घरेलू शेयर बाजार लगभग स्थिर रुख के साथ बंद हुए।
विश्लेषकों के मुताबिक, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) और टिकाऊ उपभोक्ता वस्तुओं से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में मजबूती ने भू-राजनीतिक चिंताओं के असर को कुछ हद तक संतुलित किया, जिससे बाजार शुरुआती गिरावट से उबरने में सफल रहा।
बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 711.96 अंक यानी 0.91 प्रतिशत टूटकर 76,857.43 अंक तक आ गया था। हालांकि, आईटी शेयरों में जबर्दस्त खरीदारी आने से यह गिरावट से उबरकर 219.9 अंक तक चढ़ गया, लेकिन अपनी बढ़त कायम नहीं रख सका। कारोबार के अंत में यह 47.01 अंक यानी 0.06 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 77,616.40 अंक पर बंद हुआ।
नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का मानक सूचकांक निफ्टी भी 4.10 अंक यानी 0.02 प्रतिशत की हल्की बढ़त के साथ 24,211 अंक पर बंद हुआ और इसमें लगातार तीसरे सत्र में तेजी दर्ज की।
सेंसेक्स की कंपनियों में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) 5.43 प्रतिशत की बढ़त के साथ सबसे अधिक लाभ में रही। इसके अलावा एचसीएल टेक 5.02 प्रतिशत, टेक महिंद्रा 3.34 प्रतिशत, इन्फोसिस 3.17 प्रतिशत, एनटीपीसी 2.18 प्रतिशत और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर 1.83 प्रतिशत चढ़े।
दूसरी तरफ, इंटरग्लोब एविएशन (इंडिगो), मारुति, अल्ट्राटेक सीमेंट और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स जैसे शेयर नुकसान में रहे।
पश्चिम एशिया में फिर से तनाव बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.57 प्रतिशत बढ़कर 77.96 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।
ऑनलाइन ट्रेडिंग फर्म एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘अमेरिका एवं ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य की तनावपूर्ण स्थिति के कारण तेल की आपूर्ति पर असर पड़ा है, जिससे कच्चे तेल के दाम बढ़े और निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।’’
व्यापक बाजार में मझोली कंपनियों का बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.51 प्रतिशत चढ़कर बंद हुआ जबकि छोटी कंपनियों के स्मॉलकैप सेलेक्ट में 0.03 प्रतिशत की गिरावट रही।
क्षेत्रवार सूचकांकों में आईटी खंड ने सर्वाधिक 3.49 प्रतिशत की छलांग लगाई जबकि फोकस आईटी खंड में 3.30 प्रतिशत, टिकाऊ उपभोक्ता खंड में 0.59 प्रतिशत और उपयोगिता खंड में 0.35 प्रतिशत की तेजी रही।
बीएसई पर सूचीबद्ध कुल 2,335 कंपनियों के शेयर लाभ में रहे, जबकि 2,068 शेयरों में गिरावट रही और 189 अन्य के भाव में बदलाव नहीं हुआ।
खाद्य वस्तुओं के दाम चढ़ने से खुदरा मुद्रास्फीति जून में बढ़कर 4.38 प्रतिशत पर पहुंची
खाद्य वस्तुओं की कीमतों में तेजी के कारण देश में खुदरा मुद्रास्फीति जून में बढ़कर 4.38 प्रतिशत हो गई, जबकि मई में यह 3.93 प्रतिशत थी। सोमवार को जारी आंकड़ों में यह जानकारी दी गई।
आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) पर आधारित खाद्य मुद्रास्फीति जून में 5.32 प्रतिशत रही, जो मई के 4.78 प्रतिशत से अधिक है। इस तरह खाने-पीने की चीजों के दामों में बढ़ोतरी ने मुख्य मुद्रास्फीति पर दबाव डाला।
सरकार ने भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को यह जिम्मेदारी दी हुई है कि वह खुदरा मुद्रास्फीति को दो प्रतिशत घट-बढ़ के साथ चार प्रतिशत के स्तर पर बनाए रखे।
रुपया 27 पैसे टूटकर 95.65 प्रति डॉलर पर
कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच रुपया सोमवार को 27 पैसे टूटकर अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 95.65 (अस्थायी) पर रहा। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा के बाद रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच फिर से हुए ड्रोन तथा मिसाइल हमलों से तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं पैदा हुईं, जबकि कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और मजबूत डॉलर के कारण रुपये पर दबाव बढ़ा।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.72 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह 95.58 से लेकर 95.86 प्रति डॉलर के दायरे में रहा।
अंत में रुपया 95.65 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले बंद भाव से 27 पैसे की गिरावट है। रुपया शुक्रवार को अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले नौ पैसे मजबूत होकर 95.38 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘सप्ताहांत में अमेरिका-ईरान युद्ध तेज होने के कारण भारतीय रुपया कमजोर रहा। कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया और अमेरिकी डॉलर की मजबूती से भी रुपये पर दबाव बना। हालांकि, घरेलू शेयर बाजारों में सुधार और दिन के उच्च स्तर से कच्चे तेल की कीमतों में कुछ नरमी आने के बाद रुपया निचले स्तर से कुछ हद तक उबरने में सफल रहा।’’
चौधरी ने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 95.40 से 96 के दायरे में रहने का अनुमान है।
इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.03 प्रतिशत घटकर 100.91 पर रहा।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए
