अर्थतंत्र की खबरें: तेल की बढ़ती कीमतों, आईटी शेयर में बिकवाली से शेयर बाजारों में गिरावट और रुपया भी लुढ़का

सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से इन्फोसिस का शेयर सबसे अधिक 7.09 प्रतिशत टूटा। इसके अलावा एचसीएल टेक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, सन फार्मा, एशियन पेंट्स और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी नुकसान में रहे।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल और आईटी कंपनियों के शेयर में भारी बिकवाली से सेंसेक्स और निफ्टी में शुक्रवार को एक प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी, वैश्विक बाजारों में नकारात्मक रुख और होर्मुज जलडमरूमध्य में लगातार व्यवधान ने कारोबारियों के बीच निराशा को और बढ़ा दिया।

बीएसई सेंसेक्स 999.79 अंक या 1.29 प्रतिशत टूटकर 76,664.21 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,260.13 अंक या 1.62 प्रतिशत फिसलकर 76,403.87 अंक तक चला गया था। बीएसई पर कुल 2,905 शेयर में गिरावट आई जबकि 1,326 में बढ़त हुई और 158 अपरिवर्तित रहे। एनएसई निफ्टी 275.10 अंक या 1.14 प्रतिशत लुढ़ककर 23,897.95 अंक पर बंद हुआ।

बीते सप्ताह सेसेंक्स 1,829.33 अंक या 2.33 प्रतिशत गिरा और निफ्टी में 455.6 अंक या 1.87 प्रतिशत की कमजोरी हुई।

ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर. ने कहा, ‘‘ भारतीय शेयर बाजारों ने लगातार तीसरे सत्र में गिरावट दर्ज रही। जोखिम से बचने की भावना ने निवेशकों के भरोसे को प्रभावित किया। पश्चिम एशिया में जारी तनाव और आईटी क्षेत्र में लगातार कमजोरी ने बाजार पर दबाव बनाना जारी रखा।’’

सेंसेक्स में शामिल 30 कंपनियों में से इन्फोसिस का शेयर सबसे अधिक 7.09 प्रतिशत टूटा। इसके अलावा एचसीएल टेक, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टेक महिंद्रा, सन फार्मा, एशियन पेंट्स और आईसीआईसीआई बैंक के शेयर भी नुकसान में रहे।

ट्रेंट, बजाज फाइनेंस, भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए। बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट 0.95 प्रतिशत और मिडकैप सेलेक्ट 0.91 प्रतिशत टूटा।

क्षेत्रवार बात करें तो बीएसई आईटी में 5.13 प्रतिशत, बीएसई फोकस्ड आईटी में 4.65 प्रतिशत, स्वास्थ्य देखभाल में 1.35 प्रतिशत, दूरसंचार में 1.33 प्रतिशत, रियल्टी में 1.30 प्रतिशत, सेवाओं में 1.17 प्रतिशत की गिरावट आई।

लेमन मार्केट्स डेस्क के विश्लेषक गौरव गर्ग ने कहा, ‘‘ भारतीय बाजारों में लगातार तीसरे सत्र में अपनी कमजोरी जारी रही। कमजोर वैश्विक संकेतों, आईटी कंपनियों के कमजोर नतीजों, कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों, महंगाई की चिंताओं और मुद्रा को लेकर दबाव ने समग्र धारणा को प्रभावित किया।’’

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.17 प्रतिशत की तेजी के साथ 107.3 डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने बृहस्पतिवार को 3,254.71 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

रुपया 22 पैसे कमजोर होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.23 पर

रुपये में शुक्रवार को लगातार पांचवें सत्र में गिरावट दर्ज की गई और यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 22 पैसे टूटकर 94.23 (अस्थायी) पर रहा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी मुद्रा की मजबूती से घरेलू मुद्रा दबाव में है।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम लागू होने के बावजूद होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से जहाजों की आवाजाही अनिश्चित बनी रही जिससे वैश्विक बाजारों में ईंधन की कीमतों में अस्थिरता है। साथ ही घरेलू शेयर बाजारों में भारी बिकवाली और विदेशी पूंजी की निंरतर निकासी से भी भारतीय मुद्रा पर दबाव बढ़ा।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.25 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.18 के उच्च और 94.31 के निचले स्तर तक पहुंचा। अंत में 94.23 (अस्थायी) पर रहा जो पिछले बंद भाव से 22 पैसे की गिरावट दर्शाता है।

रुपया बृहस्पतिवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 23 पैसे टूटकर 94.01 पर बंद हुआ था।

पिछले पांच सत्र में घरेलू मुद्रा एक प्रतिशत से अधिक टूट चुकी है। रुपया 17 अप्रैल को 92.91 के स्तर पर बंद हुआ था।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर अमेरिकी नाकेबंदी से तनाव बढ़ने के कारण वैश्विक बाजारों में जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के कारण रुपया टूटा। उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये की हाजिर कीमत 94 से 94.62 रुपये के दायरे में रह सकती है।

इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.02 प्रतिशत बढ़त के साथ 98.62 पर था।

घरेलू बाजारों में सेंसेक्स 1.27 प्रतिशत और निफ्टी 1.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड वायदा कारोबार में 2.21 प्रतिशत चढ़कर 107.39 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक विदेशी संस्थागत निवेशक बृहस्पतिवार को शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने करीब 3,254.71 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।


मजबूत डॉलर से सोने और चांदी में गिरावट जारी, करीब आधा प्रतिशत घटे दाम

सोने और चांदी की शुरुआत शुक्रवार को गिरावट के साथ हुई। दोनों कीमती धातुओं के दाम करीब आधा प्रतिशत तक फिसल गए।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने की शुरुआत अपने पिछले सत्र के बंद 1,51,761 रुपए के मुकाबले 1,51,167 रुपए पर हुई।

सुबह 9:40 पर सोने का 05 जून 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 0.47 प्रतिशत या 718 रुपए की कमजोरी के साथ 1,51,043 रुपए पर था।

अब तक के कारोबार में सोने ने 1,51,039 रुपए का न्यूनतम स्तर और 1,51,457 रुपए का उच्चतम स्तर बनाया है।

वहीं, सत्र में चांदी की शुरुआत पिछले सत्र के बंद 2,41,513 रुपए के मुकाबले 2,39,200 रुपए पर हुई थी। चांदी का 5 मई 2026 का कॉन्ट्रैक्ट 0.35 प्रतिशत या 842 रुपए की गिरावट के साथ 2,40,671 रुपए पर थी।

अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,39,200 रुपए का न्यूनतम स्तर और 2,41,382 रुपए का उच्चतम स्तर बनाया है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी में बिकवाली देखने को मिल रही है। खबर खिले जाने तक कॉमेक्स पर सोना 0.83 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,684 डॉलर प्रति औंस और चांदी 0.92 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 74.81 डॉलर प्रति औंस पर थी।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के कमोडिटी एनालिस्ट मानव मोदी ने कहा कि अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने, यील्ड के बढ़ने और मध्य पूर्व में तनाव को लेकर अनिश्चितता के कारण सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखी जा रही है।

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