अर्थतंत्र की खबरें: रिलायंस और IT शेयरों में बिकवाली से सेंसेक्स 183 अंक गिरा और सोना सस्ता, लेकिन चांदी में उछाल
वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों और क्रूड ऑयल की कीमतों में गिरावट के चलते हफ्ते के तीसरे कारोबारी दिन बुधवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ।

रिलायंस इंडस्ट्रीज और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) कंपनियों के शेयरों में बिकवाली से घरेलू शेयर बाजार बुधवार को अपनी बढ़त को बरकरार नहीं रख पाये और दोनों मानक सूचकांक गिरावट के साथ बंद हुए। बीएसई सेंसेक्स 183 अंक टूटा जबकि एनएसई निफ्टी 127 अंक के नुकसान में रहा।
तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 183.15 अंक यानी 0.24 प्रतिशत टूटकर 77,472.94 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह ऊंचे में 77,986.84 अंक तक गया और नीचे में 77,472.94 अंक तक आया। यानी कारोबार के दौरान इसमें 513.9 अंक का उतार-चढ़ाव रहा।
इसी प्रकार, 50 शेयरों पर आधारित एनएसई निफ्टी 126.80 अंक यानी 0.52 प्रतिशत टूटकर 24,207.75 अंक पर बंद हुआ।
सेंसेक्स की कंपनियों में इन्फोसिस, भारती एयरटेल, लार्सन एंड टुब्रो, पावर ग्रिड, टेक महिंद्रा, एनटीपीसी, महिंद्रा एंड महिंद्रा और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में प्रमुख रूप से गिरावट रही।
दूसरी तरफ, लाभ में रहने वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक, अल्ट्राटेक सीमेंट, एक्सिस बैंक और टाटा स्टील शामिल हैं।
ऑनलाइन ट्रेडिंग कंपनी एनरिच मनी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) पोनमुडी आर ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजार बुधवार को मामूली गिरावट के साथ बंद हुए। शुरुआती बढ़त के बाद निवेशकों ने मुनाफावसूली की। सूचना प्रौद्योगिकी, एफएमसीजी (दैनिक उपयोग का सामान बनाने वाली कंपनियों), वाहन और टिकाऊ उपभोक्ता सामान कंपनियों के शेयरों में गिरावट ने कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और वैश्विक बाजारों के सकारात्मक रुख से मिले समर्थन को बेअसर कर दिया।’’ वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.96 प्रतिशत टूटकर 85.96 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
एचएसटी वेल्थ के संस्थापक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हरिसेल्वन राधाकृष्णन ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख रहा। निफ्टी ने शुरुआती बढ़त गंवा दी और गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि निजी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों में अच्छी लिवाली से बैंक निफ्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया।”
छोटी कंपनियों का बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.58 प्रतिशत चढ़ा जबकि मझोली कंपनियों से जुड़ा मिडकैप सेलेक्ट 0.22 प्रतिशत के लाभ में रहा।
सोने 600 रुपये टूटा, चांदी 500 रुपये मजबूत
राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में बुधवार को सोने की कीमतों में 600 रुपये की गिरावट आई और यह 1,66,500 रुपये प्रति 10 ग्राम रह गया। इससे अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में कमजोर रुख के बीच सोने में चार दिन से जारी तेज़ी का सिलसिला थम गया। 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाले सोने की कीमत पिछले सत्र में 1,67,100 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुई थी।
हालांकि, अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, चांदी में मामूली सुधार हुआ और यह मंगलवार के 2.5 लाख रुपये प्रति किलोग्राम के बंद भाव से 500 रुपये बढ़कर 2,50,500 रुपये प्रति किलोग्राम (सभी करों सहित) पर पहुंच गई।
निवेश मंच मुड्रेक्स के लीड क्वांट विश्लेषक अक्षत सिद्धांत ने कहा, ‘‘घरेलू बाज़ार में सोने की कीमतों में नरमी आई है क्योंकि कई सप्ताह की जबर्दस्त तेजी के बाद व्यापारियों ने मुनाफावसूली की।’’
उन्होंने कीमती धातु की कीमतों में गिरावट का कारण अमेरिकी व्यक्तिगत उपभोग खर्च (पीसीई) महंगाई रिपोर्ट से पहले डॉलर का मजबूत होना बताया।
वैश्विक बाजार में हाजिर सोना 39.66 डॉलर यानी लगभग एक प्रतिशत गिरकर 4,619.21 डॉलर प्रति औंस रह गया, जबकि चांदी मामूली नुकसान के साथ 68.50 डॉलर प्रति औंस रह गई।
एचडीएफसी सिक्योरिटीज में वरिष्ठ विश्लेषक (जिंस) सौमिल गांधी ने कहा कि महंगाई और मौद्रिक नीति को लेकर अमेरिकी फेडरल रिज़र्व के रुख का कोई भी संकेत डॉलर, बॉन्ड प्रतिफल और कीमती धातुओं पर असर डाल सकता है।
जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक के लिए सितंबर में अमेरिका जाएंगे गोयल
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल सितंबर के अंत में अमेरिका जाएंगे। वहां वह विस्कॉन्सिन राज्य के मिलवॉकी शहर में जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में हिस्सा लेने के साथ अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) जैमीसन ग्रीर के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि दोनों देश व्यापार समझौते को लेकर लगातार संपर्क में हैं।
दो दिवसीय मंत्रिस्तरीय बैठक 30 सितंबर को शुरू होगी। अमेरिका 2026 में जी20 की अध्यक्षता कर रहा है।
गोयल के मंत्रिस्तरीय बैठक के अलावा अपने समकक्षों के साथ द्विपक्षीय बैठक करने की भी संभावना है। इन बैठकों में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश बढ़ाने के उपायों पर चर्चा होगी।
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि ग्रीर ने मई में एक बयान में कहा था कि इस साल होने वाली जी20 व्यापार मंत्रियों की बैठक में वह अपने समकक्षों के साथ कई मुद्दों पर चर्चा की अगुवाई करेंगे। इनमें बंधुआ श्रम को समाप्त करना, सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र (एमएफएन) सिद्धांत को अद्यतन करना, खाद्य व्यापार को एक ‘हथियार’ के रूप में उपयोग करने की निंदा करना तथा संरचनात्मक अतिरिक्त क्षमता और उत्पादन से निपटना शामिल हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप 14-15 दिसंबर को फ्लोरिडा के मियामी स्थित ट्रंप नेशनल डोरल में जी20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेंगे।
जी20 देशों का का समूह एक अंतरराष्ट्रीय मंच है, जिसमें दुनिया की प्रमुख विकसित और उभरती अर्थव्यवस्थाएं आर्थिक नीतियों पर चर्चा और समन्वय के लिए शामिल होती हैं।
जी20 के सदस्य देश वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का करीब 85 प्रतिशत और दुनिया की दो-तिहाई आबादी का प्रतिनिधित्व करते हैं। इसके सदस्यों में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, मेक्सिको और रूस शामिल हैं।
गोयल की अमेरिका यात्रा महत्वपूर्ण है क्योंकि दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) पर बातचीत कर रहे हैं।
दोनों देशों ने फरवरी में समझौते के पहले चरण के लिए रूपरेखा को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। हालांकि, अमेरिका में शुल्क व्यवस्था में बदलाव के कारण समझौते को लेकर दोनों देशों के बीच आगे की बातचीत जारी है।
