अर्थतंत्र की खबरें: सेंसेक्स 308 अंक चढ़ा, मिडकैप-स्मॉलकैप में रही बिकवाली और AU स्मॉल फाइनेंस बैंक पर डेटा लीक का साया
जानकारों ने कहा कि महंगाई को लेकर लगातार बनी चिंताओं के कारण इक्विटी बाजार दबाव में रहे, जबकि ईसीबी और बीओजे ने भी फेड की तरह ही ब्याज दरों को स्थिर रखा। वहीं, एआई वैल्यूएशन को लेकर फिर से पैदा हुई चिंताएं एशियाई बाजारों तक पहुंच गई हैं।

भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में तेजी के साथ बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 308.49 अंक या 0.42 प्रतिशत की तेजी के साथ 74,459.53 और निफ्टी 116.35 अंक या 0.51 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,053.10 पर बंद हुआ।
लार्जकैप के उलट मिडकैप और स्मॉलकैप में बिकवाली देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 540.40 अंक या 0.93 प्रतिशत की गिरावट के साथ 57,301.25 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 347.75 अंक या 1.85 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 18,463.60 पर बंद हुआ।
बाजार को सहारा आईटी शेयरों से मिला, सूचकांकों में निफ्टी आईटी और निफ्टी हेल्थकेयर क्रमश: 2.32 प्रतिशत और 1.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ टॉप गेनर्स थे। निफ्टी फार्मा (1.55 प्रतिशत), निफ्टी सर्विसेज (1.17 प्रतिशत), निफ्टी कंजप्शन (0.29 प्रतिशत) और निफ्टी इन्फ्रा (0.07 प्रतिशत) की तेजी के साथ बंद हुए।
वहीं, निफ्टी इंडिया डिफेंस (-2.01 प्रतिशत), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (-1.78 प्रतिशत), निफ्टी मीडिया (-1.46 प्रतिशत), निफ्टी एनर्जी (-0.97 प्रतिशत), निफ्टी पीएसयू बैंक (-0.93 प्रतिशत), निफ्टी ऑटो (-0.87 प्रतिशत) की गिरावट के साथ बंद हुए।
सेंसेक्स पैक में ट्रेंट, इंडिगो, इन्फोसिस, एनटीपीसी, पावर ग्रिड, इटरनल, टेक महिंद्रा, एचयूएल टेक, एचडीएफसी बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, सन फार्मा, आईटीसी, एशियन पेंट्स, टीसीएस, आईसीआईसीआई बैंक, एलएंडटी, एचयूएल और टाइटन गेनर्स थे। एसबीआई, एमएंडएम, अल्ट्राटेक सीमेंट, टाटा स्टील, एक्सिस बैंक, बीईएल, रिलायंस इंडस्ट्रीज, बजाज फिनसर्व, भारती एयरटेल और मारुति सुजुकी लूजर्स थे।
जानकारों ने कहा कि महंगाई को लेकर लगातार बनी चिंताओं के कारण इक्विटी बाजार दबाव में रहे, जबकि ईसीबी और बीओजे ने भी फेड की तरह ही ब्याज दरों को स्थिर रखा। वहीं, एआई वैल्यूएशन को लेकर फिर से पैदा हुई चिंताएं एशियाई बाजारों तक पहुंच गई हैं। अमेरिका-ईरान तनाव की नई खबरों के बीच कच्चे तेल की कीमतों में और तेजी आई, जिससे बाजार का सेंटिमेंट और कमजोर हो गया और मिड-कैप व स्मॉल-कैप शेयरों में बड़े पैमाने पर बिकवाली देखने को मिली।
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में संभावित डेटा लीक की जांच शुरू, हैकर समूह के दावे के बाद बढ़ी चिंता
एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक ने शुक्रवार को कहा कि वह एक संभावित डेटा लीक की जांच कर रहा है, जो कथित तौर पर सेल्सफोर्स द्वारा होस्ट और प्रबंधित एक सास यानी सॉफ्टवेयर-एज-ए-सर्विस (एसएएएस) प्लेटफॉर्म से जुड़ा है। यह कदम उस समय उठाया गया है जब एक हैकर समूह ने बैंक की प्रणालियों में सेंध लगाकर संवेदनशील ग्राहक जानकारी हासिल करने का दावा किया है।
बैंक ने एक बयान में कहा कि वह ऐसे संभावित डेटा लीक की जांच कर रहा है, जो उसके वाहन ऋण (व्हीकल लोन) ग्राहकों से संबंधित सीमित डेटा रखने वाले सेल्सफोर्स-आधारित प्लेटफॉर्म से जुड़ा हो सकता है। हालांकि बैंक ने स्पष्ट किया कि उसकी मुख्य बैंकिंग प्रणालियां इस घटना से प्रभावित नहीं हुई हैं और सभी बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से संचालित हो रही हैं।
बैंक के अनुसार, "एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक एक संभावित डेटा लीक की जांच कर रहा है, जो सेल्सफोर्स द्वारा प्रबंधित और होस्ट किए गए सास प्लेटफॉर्म से संबंधित है। यह प्लेटफॉर्म केवल वाहन ऋण ग्राहकों से जुड़ी सीमित जानकारी रखता है। बैंक की अपनी प्रणालियां सुरक्षित हैं और सभी बैंकिंग सेवाएं सामान्य रूप से जारी हैं।"
यह मामला उस समय सामने आया जब रिपोर्टों में दावा किया गया कि हैकर समूह स्कार्लेट ग्रुप ने एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक में कथित सेंधमारी की जिम्मेदारी ली है। हैकर समूह ने दावा किया है कि उसे ग्राहकों और बैंक के आंतरिक कॉर्पोरेट डेटा तक पहुंच मिली है।
रिपोर्टों के अनुसार, कथित रूप से लीक डेटा में केवाईसी रिकॉर्ड, व्यक्तिगत पहचान दस्तावेज, पैन और आधार विवरण, क्रेडिट रिपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट, ऋण आवेदन पत्र, हस्ताक्षरित समझौते, बीमा रिकॉर्ड, सीआरएम डेटा, कर्मचारियों की जानकारी, लॉगिन हिस्ट्री और ऑडिट लॉग जैसी संवेदनशील सूचनाएं शामिल हो सकती हैं।
इस घटनाक्रम का असर बैंक के शेयर पर भी देखने को मिला। शुक्रवार को बीएसई पर एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का शेयर करीब 2 प्रतिशत गिरकर 860.45 रुपए पर कारोबार करता दिखाई दिया। एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, पिछले 52 सप्ताह में शेयर का उच्चतम स्तर 1,144.65 रुपए और न्यूनतम स्तर 832 रुपए रहा है।
चांदी 8,300 रुपये टूटकर 11 महीने के निचले स्तर पर, सोना 1,300 रुपये फिसला
राष्ट्रीय राजधानी के सर्राफा बाजार में शुक्रवार को चांदी की कीमत 8,300 रुपये लुढ़ककर करीब 11 महीने के निचले स्तर 1.90 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में तेज गिरावट के कारण कीमती धातुओं में बिकवाली से चांदी के दाम टूटे।
अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना भी 1,300 रुपये टूटकर 1,45,200 रुपये प्रति 10 ग्राम (सभी कर सहित) पर रहा। बृहस्पतिवार को इसका भाव 1,46,500 रुपये प्रति 10 ग्राम था।
पिछले कारोबारी सत्र में मामूली बढ़त दर्ज करने के बाद चांदी में गिरावट आई। चांदी का भाव 8,300 रुपये गिरकर 1,90,200 रुपये प्रति किलोग्राम रहा, जबकि पिछले कारोबारी सत्र में यह 1,98,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुआ था।
चांदी का भाव इससे पहले 10 दिसंबर, 2025 को इस स्तर के आसपास था। उस समय इसकी कीमत 1.92 लाख रुपये प्रति किलोग्राम दर्ज की गई थी।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में हाजिर सोना 4,000 डॉलर प्रति औंस के स्तर से नीचे फिसल गया। यह 53.15 डॉलर यानी 1.32 प्रतिशत गिरकर 3,968.24 डॉलर प्रति औंस रहा। वहीं, चांदी की कीमत भी चार प्रतिशत टूटकर 50.12 डॉलर प्रति औंस रही।
भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1.27 अरब डॉलर घटकर 719.75 अरब डॉलर पर
देश का विदेशी मुद्रा भंडार 30 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में 1.27 अरब डॉलर और गिरकर 719.75 अरब डॉलर रह गया। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
इससे पहले 16 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में देश का कुल विदेशी मुद्रा भंडार 5.01 अरब डॉलर घटकर 721.01 अरब डॉलर रहा था।
प्रवासी भारतीयों की जमा पर विशेष रियायती अदला-बदली योजना (एफसीएनआर-बी) के तहत बड़ी मात्रा में विदेशी मुद्रा आने से चार सितंबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार अपने उच्चतम स्तर 785.71 अरब डॉलर पर पहुंच गया था। इस योजना के जरिये बैंकों ने करीब 133 अरब डॉलर की रिकॉर्ड राशि जुटाई। हालांकि, योजना बंद होने के बाद से विदेशी मुद्रा भंडार में लगातार गिरावट आ रही है।
विशेषज्ञों के अनुसार, एफसीएनआर (बी) संसाधनों का इस्तेमाल और डॉलर की बिक्री के जरिये आरबीआई की ओर से रुपये को संभालने के लिए किए गए प्रयासों के कारण विदेशी मुद्रा भंडार में तेज गिरावट आई है।
केंद्रीय बैंक के आंकड़ों के अनुसार, 23 अक्टूबर को समाप्त सप्ताह में विदेशी मुद्रा भंडार का प्रमुख घटक विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां 1.35 अरब डॉलर बढ़कर 593.20 अरब डॉलर हो गईं।
डॉलर के संदर्भ में व्यक्त विदेशी मुद्रा आस्तियों में विदेशी मुद्रा भंडार में रखे गए यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं की घट-बढ़ का प्रभाव शामिल होता है।
आरबीआई ने कहा कि समीक्षाधीन सप्ताह में स्वर्ण भंडार का मूल्य 2.65 अरब डॉलर घटकर 103.15 अरब डॉलर रह गया। विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 27 लाख डॉलर बढ़कर 18.60 अरब डॉलर हो गए।
रुपया 33 पैसे मजबूत होकर 94.93 प्रति डॉलर पर
रुपया शुक्रवार को 33 पैसे मजबूत होकर 94.93 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा। घरेलू शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख और अमेरिकी डॉलर में नरमी के बीच घरेलू मुद्रा को समर्थन मिला। हालांकि, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और व्यापक बाजार में कमजोर रुख ने रुपये की बढ़त को सीमित रखा।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और भारतीय रिर्जव बैंक (आरबीआई) के हस्तक्षेप से मुद्रा तथा बॉन्ड बाजार दोनों को अतिरिक्त समर्थन मिला।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.21 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.94 के उच्च तथा 95.28 के निचले स्तर तक पहुंचा। अंत में यह 94.93 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 33 पैसे की बढ़त है।
रुपया बृहस्पतिवार को दो पैसे की बढ़त के साथ 95.26 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।
