अर्थतंत्र की खबरें: अमेरिका-ईरान तनाव से सहमा शेयर बाजार, सेंसेक्स 372 अंक फिसला और रुपया भी कमजोर
सोमवार के सत्र में घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी पूरे सत्र के दौरान करीब 195 अंकों के दायरे में कारोबार करता रहा। दिन के पहले हिस्से में बाजार में तेज अस्थिरता रही, जबकि दूसरे हिस्से में कारोबार काफी सीमित दायरे में सिमट गया

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव फिर से बढ़ने के कारण हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुआ, और इस तरह घरेलू बाजार में लगातार दो दिनों से जारी बढ़त का सिलसिला टूट गया, जब ऑटो, आईटी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के शेयरों में दबाव के चलते प्रमुख बेंचमार्क सेंसेक्स और निफ्टी 50 में करीब 0.50 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 0.48 प्रतिशत यानी 372.10 अंक गिरकर 76,728.37 पर पहुंच गया, तो वहीं एनएसई निफ्टी50 0.46 प्रतिशत या 109.75 अंक फिसलकर 23,946.25 पर बंद हुआ।
व्यापक बाजार में, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स क्रमशः 0.37 प्रतिशत और 0.62 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए।
सेक्टरवार देखें तो निफ्टी फार्मा, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी मेटल में सबसे ज्यादा बढ़त दर्ज की गई, जबकि इसके विपरीत, ऑटो इंडेक्स में सबसे ज्यादा 2 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिली। इसके साथ ही, निफ्टी मीडिया, निफ्टी ऑयल एंड गैस, निफ्टी आईटी, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी पीएसयू बैंक और निफ्टी रियल्टी के शेयरों में 0.9 प्रतिशत से 1.3 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई।
निफ्टी 50 में सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयरों में कोटक महिंद्रा बैंक, एम एंड एम, टीएमपीवी, इंडिगो और मारुति सुजुकी के शेयर शामिल रहे, जबकि मैक्स हेल्थकेयर, डॉ रेड्डीज लैबोरेटरीज, कोल इंडिया, एटर्नल, बीईएल और ट्रेंट सबसे ज्यादा नुकसान उठाने वाले शेयर रहे।
एक बाजार विशेषज्ञ ने बताया कि सोमवार के सत्र में घरेलू शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव भरा कारोबार देखने को मिला। बेंचमार्क इंडेक्स निफ्टी पूरे सत्र के दौरान करीब 195 अंकों के दायरे में कारोबार करता रहा। दिन के पहले हिस्से में बाजार में तेज अस्थिरता रही, जबकि दूसरे हिस्से में कारोबार काफी सीमित दायरे में सिमट गया और निफ्टी केवल 63 अंकों की रेंज में घूमता रहा। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने एक बेयरिश कैंडल बनाई, जो अल्पकालिक कमजोरी का संकेत देती है।
रुपया नौ पैसे कमजोर होकर 94.54 प्रति डॉलर पर
रुपया सोमवार को नौ पैसे कमजोर होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.54 (अस्थायी) पर रहा।
विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि कच्चे तेल की अनुकूल कीमतों और विदेशी निवेश प्रवाह में सुधार के कारण रुपये ने सकारात्मक शुरुआत की। हालांकि, अमेरिका-ईरान के बीच फिर से सैन्य संघर्ष के कारण निवेशकों की धारणा प्रभावित हुई जिससे घरेलू मुद्रा पर दबाव बना।
अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.36 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 94.25 से 94.56 के दायरे में रहा। अंत में यह 94.54 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा, जो पिछले बंद भाव की तुलना में नौ पैसे कम है।
रुपया बृहस्पतिवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.45 पर बंद हुआ था। मुहर्रम के कारण शुक्रवार को भारतीय शेयर, मुद्रा और जिंस बाजार बंद रहे थे।
मिराए एसेट शेयरखान में शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘ अमेरिका और ईरान के बीच फिर से बढ़े तनाव की वजह से रुपया कमजोर हो सकता है। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और महंगाई को लेकर कम होती चिंताएं निचले स्तर पर रुपये को सहारा दे सकती हैं। डॉलर के मुकाबले रुपये का हाजिर भाव 94.20 से 94.80 के दायरे में रहने का अनुमान है।’’
इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.07 प्रतिशत की गिरावट के साथ 101.28 पर रहा।
अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 1.26 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72.90 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा।
जेरोधा निवेश बैंकिंग क्षेत्र में कदम रखने की तैयारी में, सेबी की मंजूरी का इंतजार
ऑनलाइन ब्रोकरेज फर्म जेरोधा ने अपनी वित्तीय सेवाओं का दायरा बढ़ाने के मकसद से बाजार नियामक भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) के पास मर्चेंट बैंकिंग लाइसेंस के लिए आवेदन किया है।
सेबी के अनुसार, जेरोधा की पूर्ण स्वामित्व वाली अनुषंगी कंपनी जेरोधा कॉरपोरेट एडवाइजर्स प्राइवेट लिमिटेड के माध्यम से यह आवेदन किया गया है। आवेदन 27 अप्रैल को किया गया, जो फिलहाल सेबी के पास विचाराधीन है।
अगर कंपनी को मर्चेंट बैंकिंग लाइसेंस मिल जाता है, तो वह आरंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) का प्रबंधन, कंपनियों को पूंजी जुटाने संबंधी परामर्श तथा अन्य सेवाएं प्रदान कर सकेगी। वर्तमान में जेरोधा के पास 1.6 करोड़ से अधिक ग्राहक हैं।
ब्रोकरेज कारोबार के अलावा कंपनी अपनी परिसंपत्ति प्रबंधन इकाई जेरोधा एएमसी के माध्यम से म्यूचुअल फंड कारोबार भी संचालित करती है।
प्रिय पाठकों हमारे टेलीग्राम (Telegram) चैनल @navjivanindia से जुड़िए और पल-पल की ताज़ा खबरें पाइए
