अर्थतंत्र की खबरें: शेयर बाजार में लौटी रौनक, 4 दिन की गिरावट के बाद सेंसेक्स 483 अंक उछला और सोना-चांदी सुस्त

विनोद नायर ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजार को शुरुआती नुकसान से उबरने में मूल्य आधारित खरीदारी और धातु, ऊर्जा तथा स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों की मजबूती का समर्थन मिला। हालांकि, कच्चे तेल के ऊंचे दाम, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और प्रमुख केंद्रीय बैंकों के नीतिगत फैसलों के इंतजार ने बाजार सर्तक है।

फोटो: IANS
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आकर्षक कीमतों पर खरीदारी, दूरसंचार और स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र की कंपनियों के शेयरों में तेजी के चलते सोमवार को मानक सूचकांक सेंसेक्स करीब 483 अंक चढ़ गया। वहीं निफ्टी 22,750 अंक के ऊपर बंद हुआ। इसके साथ ही बाजार में लगातार चार कारोबारी सत्रों से जारी गिरावट का सिलसिला थम गया।

शुरुआती नुकसान से उबरते हुए 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 482.92 अंक या 0.66 प्रतिशत की बढ़त के साथ 73,606.75 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान इसने 73,606.75 का उच्च स्तर और 72,514.57 का निचला स्तर छुआ। एनएसई का 50 शेयरों वाला निफ्टी 153.20 अंक या 0.68 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,753.20 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स की कंपनियों में अदाणी पोर्ट्स, इटर्नल, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट, टाटा स्टील, भारती एयरटेल, इंटरग्लोब एविएशन और आईटीसी में उल्लेखनीय बढ़त हुई।

दूसरी ओर बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, मारुति, एचसीएल टेक और पावर ग्रिड नुकसान में रहने वाले शेयरों में शामिल थे।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘भारतीय शेयर बाजार को शुरुआती नुकसान से उबरने में मूल्य आधारित खरीदारी और धातु, ऊर्जा तथा स्वास्थ्य सेवा क्षेत्रों की मजबूती का समर्थन मिला। हालांकि, कच्चे तेल के ऊंचे दाम, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और प्रमुख केंद्रीय बैंकों के नीतिगत फैसलों के इंतजार ने बाजार की धारणा को नपा-तुला रखा।''

उन्होंने कहा कि पिछले सप्ताह की तेज गिरावट के बाद मझोली और छोटी कंपनियों के शेयरों में भी कुछ सुधार देखने को मिला।

बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 1.48 प्रतिशत उछला और स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक में 1.45 प्रतिशत की तेजी आई। बीएसई के अन्य सूचकांकों में धातु 2.55 प्रतिशत, दूरसंचार 2.07 प्रतिशत, स्वास्थ्य सेवा 1.85 प्रतिशत, सेवाएं 1.79 प्रतिशत, ऊर्जा 1.49 प्रतिशत, जिंस 1.43 प्रतिशत और पूंजीगत वस्तुओं का सूचकांक 1.35 प्रतिशत बढ़ा। दूसरी ओर मझोले निजी बैंक, बीमा, निजी बैंक और आवास वित्त सूचकांकों में गिरावट हुई।

पिछले सप्ताह शुक्रवार को समाप्त चार सत्रों में सेंसेक्स 1,605 अंक यानी 2.16 प्रतिशत टूट गया था, जबकि निफ्टी में 546 अंक यानी 2.38 प्रतिशत की गिरावट आई थी।

रेलिगेयर ब्रोकिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष (शोध) अजीत मिश्रा ने कहा कि कच्चे तेल के ऊंचे दाम, भू-राजनीतिक अनिश्चितता और वैश्विक ब्याज दर को लेकर चिंताएं अभी भी बाजार की धारणा पर दबाव बना रही हैं, जिससे यह सुधार अभी शुरुआती और अनिश्चित है। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 1.60 प्रतिशत गिरकर 114.8 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।

सोने और चांदी ने सोमवार को एक सीमित दायरे में कारोबार किया। इससे सोने का दाम 1.42 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम और चांदी का दाम 1.95 लाख रुपए प्रति किलो के नीचे स्थिर रहा।

इंडिया बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन (आईबीजेए) के मुताबिक, 24 कैरेट सोने का दाम 80 रुपए बढ़कर 1,41,710 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है, जो कि पहले 1,41,630 रुपए प्रति 10 ग्राम था।

22 कैरेट सोने की कीमत बढ़कर 1,29,806 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई है, जो कि पहले 1,29,733 रुपए प्रति 10 ग्राम थी।

वहीं, 18 कैरेट सोने का दाम 1,06,223 रुपए प्रति 10 ग्राम से बढ़कर 1,06,283 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गया है। सोने के चांदी की कीमतों में भी मामूली बदलाव देखा गया है।

चांदी का दाम 64 रुपए बढ़कर 1,94,479 रुपए प्रति किलो हो गया है, जो कि पहले 1,94,415 रुपए प्रति किलो था। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी दोनों में तेजी देखी जा रही है।

कॉमेक्स पर खबर लिखे जाने तक सोने का दाम 0.55 प्रतिशत बढ़कर 4,029 डॉलर प्रति औंस और चांदी का दाम 0.26 प्रतिशत बढ़कर 54.09 डॉलर प्रति औंस हो गया है।

जानकारों ने कहा कि सोना कारोबारी सत्र में एक सीमित दायरे में रहा। हालांकि, कॉमेक्स पर सोना 4,000 डॉलर प्रति औंस के अहम सपोर्ट स्तर के आसपास टिकने में कामयाब रहा। कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और अमेरिका में ब्याज दरें बढ़ने की संभावनाओं के चलते डॉलर को मजबूती मिल रही है, जिससे सोने-चांदी की कीमतों पर दबाव बना हुआ है। इस हफ्ते सबकी नजरें फेड के नीतिगत फैसले पर टिकी हैं।


रुपया 29 पैसे टूटकर 95.22 प्रति डॉलर पर

पश्चिम एशिया में भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के दबाव में रुपया सोमवार को लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में गिरावट के साथ 29 पैसे टूटकर 95.22 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर रहा।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने बताया कि डॉलर में मजबूती और अमेरिकी कोष बॉण्ड प्रतिफल में मामूली वृद्धि के बीच रुपया कमजोर हुआ। हालांकि, घरेलू बाजारों में आई तेजी ने रुपये की गिरावट को सीमित किया।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 94.92 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह फिसलकर 95.26 प्रति डॉलर के दिन के निचले स्तर तक पहुंचा। रुपया अंत में 95.22 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर रहा जो पिछले बंद भाव के मुकाबले 29 पैसे की गिरावट है।

रुपया शुक्रवार को 12 पैसे टूटकर 94.93 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। पिछले तीन कारोबारी सत्रों में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 84 पैसे कमजोर हो चुका है।

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, ‘‘पश्चिम एशिया और रूस-यूक्रेन के बीच भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से जोखिम से बचने की प्रवृत्ति के कारण रुपये का रुख कमजोर रहने की आशंका है। आपूर्ति संबंधी चिंताओं के बीच कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली भी रुपये पर दबाव डाल सकती है। हालांकि, भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) का कोई भी हस्तक्षेप निचले स्तरों पर रुपये को सहारा दे सकता है।’’

उन्होंने कहा कि हाजिर बाजार में डॉलर के मुकाबले रुपये के 94.90 से 95.50 के दायरे में रहने के आसार हैं।

इस बीच, दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.01 प्रतिशत बढ़कर 101.82 पर रहा।

अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट कच्चा तेल का भाव वायदा कारोबार में 1.41 प्रतिशत फिसलकर 115.08 डॉलर प्रति बैरल पर रहा।

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