अर्थतंत्र की खबरें: शेयर बाजार में मामूली बढ़त, रुपये में गिरावट से चमका सर्राफा, सोना ₹2,000 और चांदी ₹5,200 उछली

होर्मुज को खोलने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच समझौते को लेकर अनिश्चितता के बीच हफ्ते के पहले कारोबारी दिन सोमवार को भारतीय शेयर बाजार सपाट बंद हुआ। उतार-चढ़ाव भरे सत्र के बाद सेंसेक्स और निफ्टी50 में मामूली बढ़त देखने को मिली।

फोटो: सोशल मीडिया
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वैश्विक स्तर पर अनश्चितता के कारण कच्चे तेल के भाव में तेजी के बीच स्थानीय शेयर बाजारों में सोमवार को मामूली तेजी रही। बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 43 अंक के लाभ में रहा जबकि एनएसई निफ्टी में 13 अंक की तेजी रही।

तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 43.27 अंक यानी 0.06 प्रतिशत बढ़कर 78,542.44 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह ऊंचे में 78,676.98 अंक तक गया और नीचे में 78,298.92 अंक तक आया। इस तरह कारोबार के दौरान इसमें 378.06 अंक का उतार-चढ़ाव रहा।

इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला निफ्टी भी 13.15 अंक यानी 0.05 प्रतिशत की मामूली बढ़त के साथ 24,583.80 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में टाइटन, बजाज फाइनेंस, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, एशियन पेंट्स और इन्फोसिस के शेयरों में तेजी रही।

वहीं, भारतीय स्टेट बैंक, इटर्नल, एनटीपीसी, आईटीसी और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) के शेयर गिरावट के साथ बंद हुए।

वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड की कीमत 1.10 प्रतिशत बढ़कर 84.47 डॉलर प्रति बैरल पहुंच गई।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी अनिश्चितता ने निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता को प्रभावित किया। हालांकि, कंपनियों के उत्साहजनक तिमाही नतीजों से बाजार धारणा को समर्थन मिला।’’

उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर अमेरिका में रोजगार के उम्मीद से कमजोर आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व की सख्त मौद्रिक नीति की संभावनाओं को कम किया है। अब निवेशकों का ध्यान अमेरिका के महंगाई के आंकड़ों पर है, जो ब्याज दरों और बॉन्ड प्रतिफल की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे।

मझोली कंपनियों से जुड़ा बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक 0.22 प्रतिशत लाभ में रहा जबकि छोटी कंपनियों का स्मॉलकैप सेलेक्ट मामूली 0.16 प्रतिशत के लाभ में रहा।

कच्चे तेल में तेजी से रुपया 11 पैसे टूटकर 95.28 प्रति डॉलर पर

मजबूत डॉलर और वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के बीच सोमवार को रुपया 11 पैसे कमजोर होकर 95.28 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर रहा।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के मुताबिक, पश्चिम एशिया वार्ता में कोई प्रगति नहीं होने और डॉलर में मजबूती से स्थानीय मुद्रा पर दबाव रहा। हालांकि, विदेशी निवेशकों के प्रवाह ने रुपये को थोड़ा सहारा दिया।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.18 पर खुला और कारोबार के दौरान 95.18 से लेकर 95.31 के दायरे में कारोबार करता रहा। अंत में यह 95.28 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ, जो पिछले सत्र के मुकाबले 11 पैसे की गिरावट है। रुपया पिछले कारोबारी सत्र में शुक्रवार को 95.17 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के मुख्य निवेश रणनीतिकार वी के विजयकुमार ने कहा, “रुपया पिछले सत्र के स्तर से मामूली कमजोर हुआ है। ब्रेंट क्रूड के 84 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाने और व्यापार घाटे पर इसके संभावित असर के कारण दबाव बना। हालांकि, विदेशी पोर्टफोलियो निवेश का सकारात्मक प्रवाह अगस्त में भी जारी होने से रुपये को सहारा मिल रहा है।”

मिराए एसेट शेयरखान के शोध विश्लेषक अनुज चौधरी ने कहा, “अमेरिका एवं ईरान के बीच समझौते को लेकर अनिश्चितता और कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आए उछाल से सोमवार को रुपया कमजोर हुआ। निचले स्तर से डॉलर के मजबूत होने का भी असर पड़ा, लेकिन घरेलू शेयर बाजार की मजबूती ने गिरावट को सीमित रखा।”

चौधरी ने कहा कि इस सप्ताह अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़े आने से पहले कारोबारी सतर्क रह सकते हैं और डॉलर एवं रुपये की विनिमय दर 95 से 95.60 के दायरे में रह सकती है।


देश में बेरोजगारी दर जून तिमाही में लगभग स्थिर: सरकारी सर्वेक्षण

देश में चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून तिमाही के दौरान बेरोजगारी दर और कुल आबादी में काम करने वाले लोगों का अनुपात सालाना आधार पर लगभग स्थिर रहा।

सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय के सोमवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, रोजगार से वंचित कामकाजी उम्र की आबादी में बेरोजगारी दर चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में 5.5 प्रतिशत रही। एक साल पहले इसी तिमाही में यह 5.6 प्रतिशत थी।

कुल श्रमिक जनसंख्या अनुपात (डब्ल्यूपीआर) जून, 2026 में 51.4 प्रतिशत रहा। यह पिछले महीने के स्तर के बराबर है। हालांकि, जून, 2025 के 51.2 प्रतिशत की तुलना में इसमें 0.2 प्रतिशत अंक की मामूली वृद्धि हुई।

मंत्रालय के तहत आने वाला राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) के निश्चित अवधि पर होने वाला श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) में भी देश के शहरी रोजगार बाजार की स्थिति स्थिर पाई गई। यह सर्वेक्षण बेरोजगारी और श्रम बल में लोगों की भागीदारी को मापता है।

सालाना आधार पर शहरी बेरोजगारी दर घटकर जून, 2026 में 6.6 प्रतिशत रही, जो जून, 2025 में 7.1 प्रतिशत थी। वहीं, ग्रामीण बेरोजगारी दर इस अवधि के दौरान लगभग स्थिर रही।

आंकड़ों के अनुसार, कुल श्रम बल भागीदारी दर (एलएफपीआर) यानी कामकाजी उम्र की वह आबादी जो रोजगार में है या सक्रिय रूप से रोजगार तलाश रही है, जून, 2026 में 54.4 प्रतिशत रही। यह पिछले महीने के बराबर और जून, 2025 के 54.2 प्रतिशत से मामूली अधिक है।

महिलाओं की श्रम बल भागीदारी दर जून, 2026 में 32.7 प्रतिशत रही, जबकि इससे पिछले महीने मई में यह 32.8 प्रतिशत थी। हालांकि, यह पिछले साल के इसी महीने के 32 प्रतिशत के मुकाबले 0.7 प्रतिशत अंक अधिक है।

सर्वेक्षण में यह भी पाया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों में श्रम बल भागीदारी में पुरुषों और महिलाओं के बीच का अंतर शहरी क्षेत्रों की तुलना में कम हुआ है।

ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की श्रम बल भागीदारी दर जून, 2026 में बढ़कर 36.6 प्रतिशत हो गई, जो जून, 2025 के 35.2 प्रतिशत से 1.4 प्रतिशत अंक अधिक है।

इसके उलट, शहरी क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी दर जून, 2026 में मामूली घटकर 24.8 प्रतिशत रही, जबकि पिछले साल जून में 25.2 प्रतिशत थी।

सर्राफा में चमक; सोना 2,000 रुपये मजबूत, चांदी 5,200 रुपये चढ़ी

भारतीय रुपये में आई गिरावट के कारण आयात महंगा होने से राष्ट्रीय राजधानी में सोमवार को लगातार पांचवें कारोबारी सत्र में सोने की कीमतों में तेजी जारी रही। सोना 2,000 रुपये बढ़कर 1.56 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया।

पिछले कारोबारी सत्र में 99.9 प्रतिशत शुद्धता वाला सोना 1.54 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था।

अखिल भारतीय सर्राफा संघ के अनुसार, पिछले सत्र में स्थिर रहने के बाद चांदी की कीमतों में भी फिर से तेजी लौट आई। सभी करों सहित चांदी 5,200 रुपये की छलांग लगाकर 2.40 लाख रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई। चांदी शुक्रवार को 2,34,800 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।

कारोबारियों का कहना है कि रुपये में आई गिरावट से घरेलू बाजार में आयातित सोना-चांदी महंगा हो गया, जबकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में मामूली गिरावट ने तेजी को थोड़ा सीमित रखा।

अमेरिकी डॉलर की मजबूती और वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में उछाल के बीच सोमवार को रुपया 11 पैसे गिरकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.28 (अस्थायी) के स्तर पर बंद हुआ।

एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक जतिन त्रिवेदी ने कहा, ‘‘हालिया तेजी के बाद वैश्विक बाजार में सोना लगभग स्थिर रहा, लेकिन घरेलू बाजारों में इसमें बढ़त देखी गई। निवेशक नए आर्थिक संकेतों का इंतजार कर रहे हैं, जिससे सर्राफा की कीमतें मजबूत बनी हुई हैं।’’

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में हाजिर सोना थोड़ा घटकर 4,335.32 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था, जबकि चांदी बढ़कर 63.90 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

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