अर्थतंत्र की खबरें: शेयर बाजार में चार दिन से जारी तेजी थमी और सोने और चांदी में लगातार दूसरे दिन गिरावट

सेंसेक्स 104 अंक टूट गया जबकि निफ्टी में 32 अंक का नुकसान रहा। विश्लेषकों के मुताबिक, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में खरीदारी से बाजार का नुकसान सीमित रहा।

 फोटोः सोशल मीडिया
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 एशियाई बाजारों में कमजोरी और चार दिन की तेजी के बाद मुनाफावसूली हावी होने से स्थानीय शेयर बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए। सेंसेक्स 104 अंक टूट गया जबकि निफ्टी में 32 अंक का नुकसान रहा। विश्लेषकों के मुताबिक, सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) शेयरों में खरीदारी से बाजार का नुकसान सीमित रहा।

बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स बिकवाली के दबाव में 104.35 अंक यानी 0.13 प्रतिशत गिरकर 78,180.72 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 379.85 अंक चढ़कर 78,664.92 अंक तक चला गया था।

वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों वाला मानक सूचकांक निफ्टी भी 31.65 अंक यानी 0.13 प्रतिशत फिसलकर 24,398.70 अंक पर बंद हुआ।

इसके साथ ही चार दिन से जारी तेजी का दौर थम गया। सेंसेक्स और निफ्टी पिछले चार सत्रों में दो प्रतिशत से अधिक चढ़कर सोमवार को दो महीने से ज्यादा के उच्च स्तर पर पहुंच गए थे।

मंगलवार को सेंसेक्स की कंपनियों में ट्रेंट में सर्वाधिक 12.42 प्रतिशत की गिरावट रही। कंपनी की जून तिमाही की आय वृद्धि बाजार के अनुमान से कम रहने के बाद इसमें भारी बिकवाली देखी गई।

इसके अलावा अदाणी पोर्ट्स, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, लार्सन एंड टुब्रो, रिलायंस इंडस्ट्रीज और आईसीआईसीआई बैंक भी नुकसान में रहे।

दूसरी तरफ, एचसीएल टेक में 3.08 प्रतिशत की बढ़त रही जबकि टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, टाइटन, इटर्नल और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस) चढ़कर बंद हुए।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, “कारोबारी सत्र के उत्तरार्ध में मुनाफावसूली हावी रही। एशियाई बाजारों में कमजोरी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक के ब्योरे से पहले निवेशकों की सतर्कता का असर दिखा। हालांकि, आईटी शेयरों में खरीदारी से बाजार को कुछ सहारा मिला।”

टीसीएस के बृहस्पतिवार को आने वाले तिमाही नतीजे के साथ आईटी क्षेत्र के परिणाम सत्र की शुरुआत होगी।

2026 में एक दिन में सबसे ज्यादा एसएमई आईपीओ की हुई लिस्टिंग, 6 कंपनियों ने बाजार में मारी एंट्री

भारतीय शेयर बाजार में मंगलवार का कारोबारी सत्र ऐतिहासिक रहा। इस दौरान कुल 6 स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइज (एसएमई) कंपनियों की लिस्टिंग हुई, जो कि 2026 में एसएमई आईपीओ लिस्टिंग का अब तक का सबसे बड़ा आंकड़ा है।

लिस्ट हुई छह एमएमई कंपनियों ने प्रारंभिक सार्वजनिक निर्गम (आईपीओ) के जरिए संयुक्त रूप से 185.14 करोड़ रुपए जुटाए हैं। इनमें से दो कंपनियों की लिस्टिंग नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) के एसएमई प्लेटफॉर्म एनएसई इमर्ज पर हुई, जबकि बाकी चार कंपनियों की लिस्टिंग बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) के एसएमई प्लेटफॉर्म बीएसई एसएमई पर हुई।

इससे पहले 24 जून को एक साथ चार एसएमई कंपनियों की शेयर बाजार में एंट्री हुई थी। इन सभी कंपनियों ने मिलकर शेयर बाजार से 252.55 करोड़ रुपए जुटाए।

एसएमई आईपीओ उन छोटी और मध्यम आकार की कंपनियों का आईपीओ होता है, जिनका कारोबार और पूंजी मेनबोर्ड कंपनियों की तुलना में छोटा होता है। ये कंपनियां मुख्य रूप से एनएसई के इमर्ज और बीएसई एसएमई पर सूचीबद्ध होती हैं। मेनबोर्ड आईपीओ की तुलना में एसएमई आईपीओ में न्यूनतम निवेश राशि अधिक होती है और लॉट साइज भी बड़ा होता है। साथ ही, इनमें तरलता अपेक्षाकृत कम और जोखिम अधिक माना जाता है, क्योंकि कंपनियों का आकार छोटा तथा कारोबार सीमित होता है।

जानकारों के मुताबिक, बड़ी संख्या में छोटी कंपनियों का शेयर बाजार में सूचीबद्ध होना दिखाता है कि निवेशक अब नए मौकों के लिए एसएमई सेगमेंट की ओर फिर से देख रहे हैं। साथ ही, उनका भरोसा लौट रहा है।

अमेरिका-ईरान युद्ध समाप्त होने के बाद भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों की रुचि दोबारा से बढ़ रही है। बीते एक महीने में बीएसई सेंसेक्स ने करीब 6.5 प्रतिशत और एनएसई निफ्टी ने करीब 6 प्रतिशत का रिटर्न दिया है। वहीं, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स भी ऑल-टाइम हाई के करीब बने हुए हैं।


सोने और चांदी में लगातार दूसरे दिन गिरावट, करीब 1.20 प्रतिशत तक घटे दाम

सोने और चांदी मंगलवार को लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ खुले। इससे दोनों कीमती धातुओं का दाम करीब 1.20 प्रतिशत तक कम हो गया। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर सोने के 5 अगस्त 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,46,917 रुपए प्रति 10 ग्राम के मुकाबले हल्की गिरावट के साथ 1,46,566 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था।

शुरुआती कारोबार में ही इसमें गिरावट देखने को मिली। सुबह 9:52 पर यह 1,009 रुपए या 0.69 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 1,45,908 रुपए प्रति 10 ग्राम पर था।

अब तक के कारोबार में सोने ने 1,45,767 रुपए प्रति 10 ग्राम का न्यूनतम स्तर और 1,46,566 रुपए प्रति 10 ग्राम का उच्चतम स्तर छुआ है।

चांदी में गिरावट देखी जा रही है। चांदी का 4 सितंबर 2026 का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,36,099 रुपए प्रति किलो के मुकाबले 1,999 रुपए की गिरावट के साथ 2,34,100 रुपए प्रति किलो पर खुला।

शुरुआत कारोबार के बाद इसमें और बिकवाली देखने को मिली। यह 2,816 रुपए या 1.19 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 2,33,283 रुपए पर था। अब तक के कारोबार में चांदी ने 2,32,862 रुपए का न्यूनतम स्तर और 2,34,100 रुपए का उच्चतम स्तर छुआ है, जो कि इसका ओपनिंग लेवल भी है।

अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी सोने और चांदी में बिकवाली देखने को मिल रही है। खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स पर सोना 0.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,141 डॉलर प्रति औंस और चांदी 1.46 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 61.41 डॉलर प्रति औंस पर था।

इसके अतिरिक्त, रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की एक हालिया रिपोर्ट के मुताबिक, चालू वित्त वर्ष (वित्त वर्ष 27) की अप्रैल-जून अवधि में गोल्ड लोन सबसे बड़ी सिक्योर एसेट क्लास बन गई है। इसने वाहन लोन को भी पीछे छोड़ दिया है।

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