अर्थतंत्र की खबरें: शेयर बाजार में दो दिन की गिरावट का सिलसिला थमा, लेकिन रुपया आज भी टूटा

वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच लगातार दो सत्र की गिरावट के बाद घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को तेजी दर्ज की गई।

भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी
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वैश्विक बाजारों में सकारात्मक रुख और कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच लगातार दो सत्र की गिरावट के बाद घरेलू शेयर बाजारों में बुधवार को तेजी दर्ज की गई।

बीएसई सेंसेक्स 443.97 अंक यानी 0.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 76,922.64 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 631.41 अंक यानी 0.82 प्रतिशत चढ़कर 77,110.08 अंक तक पहुंच गया।

एनएसई निफ्टी 140.10 अंक यानी 0.59 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,005.85 अंक पर बंद हुआ। सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में इटर्नल, एशियन पेंट्स, हिंदुस्तान यूनिलीवर, अदाणी पोर्ट्स, महिंद्रा एंड महिंद्रा और भारतीय स्टेट बैंक के शेयर में सबसे अधिक तेजी रही। वहीं एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, टाटा स्टील और इन्फोसिस के शेयर गिरावट में रहे।

बीएसई मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.20 प्रतिशत की मामूली बढ़त दर्ज की गई, जबकि बीएसई स्मॉलकैप सेलेक्ट सूचकांक महज 0.02 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।

बजाज ब्रोकिंग रिसर्च के अनुसार, ‘‘भारतीय शेयर बाजारों ने सकारात्मक रुख के साथ शुरुआत की और कारोबार के दौरान बढ़त बनाए रखी। वैश्विक बाजारों में बेहतर माहौल, वैश्विक तनाव में कमी और कच्चे तेल की स्थिर कीमतों ने बाजार को समर्थन दिया।’’

एशियाई बाजारों में जापान का निक्की 225 और चीन का एसएसई कम्पोजिट बढ़त में, जबकि दक्षिण कोरिया का कॉस्पी गिरावट के साथ बंद हुआ। हांगकांग के बाजार में आज अवकाश था।

यूरोप के अधिकतर बाजार दोपहर के कारोबार में गिरावट में थे। अमेरिकी शेयर बाजार मंगलवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।

जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा, ‘‘ घरेलू बाजारों ने वर्ष 2026 की दूसरी छमाही की शुरुआत सकारात्मक माहौल में की है। अमेरिका-भारत व्यापार समझौते की उम्मीद, पश्चिम एशिया में तनाव कम होना और कच्चे तेल की नरम कीमतों ने निवेशकों की धारणा को मजबूत किया है।’’

रुपया 67 पैसे कमजोर होकर 95.23 प्रति डॉलर पर

रुपया बुधवार को 67 पैसे कमजोर होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.23 (अस्थायी) पर रहा। विदेशी बाजारों में अमेरिकी डॉलर की मजबूती से घरेलू मुद्रा पर दबाव है। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि विदेशी बाजारों में अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने, विदेशी पूंजी की लगातार निकासी और एशियाई मुद्राओं में व्यापक कमजोरी के कारण डॉलर-रुपये की विनिमय दर पर दबाव देखा गया।

इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर सूचकांक के 95 के मनोवैज्ञानिक स्तर को पार करने के बाद बाजार धारणा और अधिक सतर्क हो गई।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.67 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान डॉलर के मुकाबले 94.60 से 95.29 के दायरे में रहा। अंत में रुपया 95.23 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर रहा, जो पिछले बंद भाव की तुलना में 67 पैसे कम है।

रुपया मंगलवार को पांच पैसे की गिरावट के साथ अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.56 पर बंद हुआ था।

एचडीएफसी सिक्योरिटीज के शोध विश्लेषक दिलीप परमार ने कहा, “रुपया लगातार तीसरे कारोबारी सत्र में कमजोर हुआ। प्रमुख वैश्विक मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने और सौदे को पूरा करने के लिए की गई लिवाली के कारण रुपये पर दबाव बना। इसके अलावा, एशियाई मुद्राओं में व्यापक कमजोरी ने भी रुपये पर अतिरिक्त दबाव डाला।”


एटीएफ, वाणिज्यिक एलपीजी सस्ते; नायरा एनर्जी ने पेट्रोल-डीजल की कीमत घटाई

पश्चिम एशिया में तनाव कम होने और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के बीच विमान ईंधन (एटीएफ) और वाणिज्यिक एलपीजी की कीमतों में बुधवार को कटौती की गई। वहीं, निजी ईंधन खुदरा कंपनी नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दाम घटाए, जो दो साल से अधिक समय में उसकी पहली कटौती है।

उद्योग सूत्रों ने बताया कि एटीएफ की कीमतों में पांच रुपये प्रति लीटर की कटौती की गई, जिससे दिल्ली में इसकी कीमत घटकर लगभग 110 रुपये प्रति लीटर रह गई। हालिया पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण कीमतों में आई तेजी के बाद यह पहली कटौती है।

तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने भी वाणिज्यिक एलपीजी के दाम 183.50 रुपये प्रति 19 किलोग्राम सिलेंडर घटा दिए। यह इस वर्ष की पहली कटौती है।

वाणिज्यिक एलपीजी की नई कीमत अब 2,930 रुपये प्रति सिलेंडर होगी जबकि पिछले महीने यह बढ़कर 3,113 रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई थी, जब भू-राजनीतिक तनावों के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गई थीं।

इसके साथ ही पांच किलोग्राम वाले मार्केट प्राइस/फ्री ट्रेड एलपीजी (एफटीएल) सिलेंडर की कीमत भी 13 रुपये घटाकर 808.50 रुपये कर दी गई।

घरेलू इस्तेमाल वाले 14.2 किलोग्राम एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया और यह 942 रुपये पर बनी रही।

सरकार ने पिछले महीने एटीएफ मूल्य स्थिरीकरण योजना शुरू की थी, जिसके तहत भाग लेने वाली विमानन कंपनियां 115 रुपये प्रति लीटर की निश्चित दर पर विमान ईंधन खरीद सकती हैं। इस योजना में शामिल नहीं होने वाली विमानन कंपनियां मौजूदा बाजार दरों पर ही ईंधन खरीदेंगी।

इस व्यवस्था के तहत यदि बेंचमार्क एटीएफ कीमतें 86.32 रुपये प्रति लीटर के आधार मूल्य से ऊपर जाती हैं, तो सरकार तेल विपणन कंपनियों को अंतर की भरपाई के लिए ब्याज-मुक्त अग्रिम देगी। जब कीमतें आधार से नीचे होंगी, तो अतिरिक्त राशि वसूली कर समेकित निधि में जमा की जाएगी। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि कितनी विमानन कंपनियां इस योजना में शामिल हुई हैं।

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