अर्थतंत्र की खबरें: अमेरिका-ईरान तनाव से वैश्विक हड़कंप, कच्चा तेल 6% उछला, भारतीय शेयर बाजार धड़ाम, रुपया टूटा

कच्चे तेल के बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का दाम 6.52 प्रतिशत या 4.69 डॉलर प्रति बैरल बढ़कर करीब 80 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गया है। डब्ल्यूटीआई क्रूड का दाम 6 प्रतिशत या 4.85 प्रतिशत बढ़कर 75 डॉलर प्रति बैरल हो गया है।

फोटो: IANS
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वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल कीमतों में बुधवार को 6 प्रतिशत से अधिक की तेजी देखने को मिली। इसकी वजह अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ने को माना जा रहा है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका द्वारा ईरान पर ताजा हमले के बाद दोनों देशों के बीच सीजफायर समाप्त हो गया है।

कच्चे तेल के बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड का दाम 6.52 प्रतिशत या 4.69 डॉलर प्रति बैरल बढ़कर करीब 80 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गया है। डब्ल्यूटीआई क्रूड का दाम 6 प्रतिशत या 4.85 प्रतिशत बढ़कर 75 डॉलर प्रति बैरल हो गया है।

नाटो समिट के दौरान अंकारा में बोलते हुए, ट्रंप ने पत्रकारों को बताया कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ रात में नए हमले किए। उन्होंने कहा कि ये हमले होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर ईरान के हमलों के जवाब में किए गए थे।

उन्होंने कहा, "मेरे हिसाब से, यह सब खत्म हो चुका है। मैं अब उनसे कोई बातचीत नहीं करना चाहता। वे घटिया लोग हैं... वे बीमार मानसिकता वाले लोग हैं। उन्हें बीमार मानसिकता वाले लोग ही चलाते हैं। वे क्रूर और हिंसक लोग हैं और अगर उनके पास परमाणु हथियार होता, तो वे उसका इस्तेमाल कर लेते। जहां तक मेरी बात है, यह सब खत्म हो गया है।"

ट्रंप ने आगे कहा, "हम कोई समझौता करते हैं... सब सहमत हो जाते हैं। कोई परमाणु हथियार नहीं होगा। हम समझौता करते हैं। वे बाहर जाकर प्रेस से बात करते हैं। वे कहते हैं कि हमने तो इस बारे में कभी बात ही नहीं की। उनमें कुछ गड़बड़ है। वे सनकी हैं। मेरे हिसाब से, यह सब खत्म हो चुका है।"

ट्रंप ने ईरानी नेताओं की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि वे अब तेहरान के साथ बातचीत नहीं करना चाहते और भविष्य में किसी भी समझौते की संभावना पर संदेह व्यक्त किया।

उनकी ये टिप्पणियां होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर हुए सिलसिलेवार हमलों के बाद क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच आईं। होर्मुज स्ट्रेट वैश्विक तेल परिवहन का एक महत्वपूर्ण मार्ग है।

कच्चे तेल की कीमतों में आई तेज वृद्धि ने निवेशकों के विश्वास को प्रभावित किया और भारतीय शेयर बाजारों में व्यापक बिकवाली देखी गई।

रुपया 59 पैसे टूटकर 95.55 प्रति डॉलर पर

रुपया बुधवार को 59 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.55 (अस्थायी) पर रहा।होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन वाणिज्यिक पोतों को निशाना बनाए जाने के कुछ घंटों बाद अमेरिकी सेना ने बुधवार तड़के ईरान के खिलाफ हमले किए। इससे दोनों देशों के बीच युद्ध समाप्त करने को लेकर हुए अंतरिम समझौते पर खतरा खड़ा हो गया है। इस घटनाक्रम से कच्चे तेल की कीमतों में तेजी आई और अमेरिकी डॉलर मजबूत हुआ जिससे रुपये पर दबाव बना।

विदेशी मुद्रा कारोबारियों के अनुसार, घरेलू शेयर बाजारों में कमजोरी ने भी स्थानीय मुद्रा पर दबाव डाला।

अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 95.15 प्रति डॉलर पर खुला। कारोबार के दौरान यह डॉलर के मुकाबले 94.98 से 95.61 के दायरे में रहा। अंततः यह 95.55 (अस्थायी) पर रहा जो पिछले बंद भाव से 59 पैसे की गिरावट है।

रुपया मंगलवार को 47 पैसे मजबूत होकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 94.96 पर बंद हुआ था। फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के कोष प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, ‘‘ रुपया,


शेयर बाजार में भारी गिरावट से निवेशकों की संपत्ति 8.96 लाख करोड़ रुपये घटी

कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आने से बुधवार को शेयर बाजारों में भारी गिरावट आई, जिससे निवेशकों की संपत्ति 8.96 लाख करोड़ रुपये घट गई। बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स 1,677.12 अंक यानी 2.15 प्रतिशत टूटकर 76,503.60 अंक पर बंद हुआ।

व्यापक गिरावट के बीच बीएसई मिडकैप सूचकांक 2.14 प्रतिशत और स्मॉलकैप सूचकांक 1.61 प्रतिशत गिर गया।

इस गिरावट के बीच बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण 8.96 लाख करोड़ रुपये घटकर 4,71,23,612.10 करोड़ रुपये (4.95 लाख करोड़ डॉलर) रह गया।