अर्थजगत: 7 बजते ही सोने-चांदी की कीमतें फिर धड़ाम और बजट से पहले सरकार को मिली खुशखबरी

सोने-चांदी की तूफानी रफ्तार पर आखिर ब्रेक लग ही गया और RBI के आंकड़ों के अनुसार, 23 जनवरी 2026 को खत्म हुए हफ्ते में भारत का फॉरेन एक्सचेंज रिजर्व बढ़कर $709.41 बिलियन हो गया।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट जारी

सोने-चांदी की तूफानी रफ्तार पर आखिर ब्रेक लग ही गया। जिस तेजी ने निवेशकों को झूमने पर मजबूर कर दिया था, उसी बाजार ने शुक्रवार, 30 जनवरी को तगड़ा झटका दे दिया। फरवरी 2026 फ्यूचर्स गोल्ड में शाम 7 बजे तक 6.73 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। कीमत 11,403 रुपए गिरकर 1,58,000 रुपए प्रति 10 ग्राम हो गई। इस दौरान इसका दिन का हाई लेवल 1,68,000 और लो लेवल 1,54,157 रुपए रहा। वहीं 2026 फ्यूचर्स सिल्वर में 15.52 फीसदी की भारी कमी आई। कीमत 62,075 रुपए गिरकर 3,37,818 रुपए प्रति किलोग्राम हो गई। कारोबार के दौरान 3,89,986 रुपए इसका हाई लेवल और 3,32,002 रुपए इसका लो लेवल रहा।

ऑल इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेश सिंघल का कहना है कि अगर ग्लोबल हालात सुधरे, टैरिफ तनाव कम हुआ या डॉलर फिर मजबूत हुआ, तो सोना 60-70% तक गिर भी सकता है।

भारत का राजकोषीय घाटा अप्रैल-दिसंबर अवधि में बजट लक्ष्य का 54.5 प्रतिशत रहा

भारत का राजकोषीय घाटा वित्त वर्ष 26 के पहले नौ महीनों (अप्रैल-दिसंबर अवधि में) में 8.55 लाख करोड़ रुपए रहा है। यह बजट 2025 में चालू वित्त वर्ष के लिए निर्धारित किए गए लक्ष्य का 54.5 प्रतिशत है। यह जानकारी वित्त मंत्रालय की ओर से शुक्रवार को जारी किए गए डेटा से प्राप्त हुई। राजकोषीय घाटा पिछले साल इसी अवधि में पूरे वित्त वर्ष के लक्ष्य का 56.7 प्रतिशत था। चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों के दौरान कुल प्राप्तियां 25.25 लाख करोड़ रुपए रहीं, जो पूरे वर्ष के लक्ष्य का 72.2 प्रतिशत है, जबकि अप्रैल से दिसंबर तक कुल व्यय 33.81 लाख करोड़ रुपए रहा, जो इस वित्त वर्ष के बजट लक्ष्य का 66.7 प्रतिशत है। पिछले वर्ष की इसी अवधि में कुल प्राप्तियां अनुमानित लक्ष्य का 72.3 प्रतिशत थीं, जबकि व्यय 67 प्रतिशत था।

चालू वित्त वर्ष के पहले नौ महीनों के दौरान शुद्ध कर प्राप्तियां 19.4 लाख करोड़ रुपये रहीं, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि में एकत्रित 18.4 लाख करोड़ रुपए से अधिक हैं। गैर-कर राजस्व बढ़कर 5.4 लाख करोड़ रुपए हो गया, जो पिछले वित्तीय वर्ष की इसी अवधि में 4.5 लाख करोड़ रुपए था। कुल सरकारी व्यय पिछले वर्ष की इसी अवधि के 32.3 लाख करोड़ रुपए की तुलना में बढ़कर 33.8 लाख करोड़ रुपए हो


बजट से पहले भारत का विदेशी मुद्रा भंडार ऑल-टाइम हाई 709.413 अरब डॉलर पर पहुंचा

भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 23 जनवरी को समाप्त हुए हफ्ते में 8.053 अरब डॉलर बढ़कर ऑल टाइम हाई 709.413 अरब डॉलर पर पहुंच गया है। यह जानकारी भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की ओर से शुक्रवार को जारी किए गए डेटा में दी गई। इससे पहले विदेशी मुद्रा भंडार का ऑल-टाइम हाई 704.89 अरब डॉलर था, जो कि सितंबर 2024 में देखा गया था। आरबीआई के आंकड़ों के मुताबिक, 23 जनवरी को समाप्त हुए हफ्ते में विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े घटक फॉरेन करेंसी एसेट्स (एटीए) की वैल्यू 2.367 अरब डॉलर बढ़कर 562.885 अरब डॉलर हो गई है।

वहीं, विदेशी मुद्रा भंडार में मौजूद सोने की वैल्यू 5.635 अरब डॉलर बढ़कर 123.088 अरब डॉलर हो गई है। एसडीआर की वैल्यू 3.3 करोड़ डॉलर बढ़कर 18.737 अरब डॉलर हो गई है। वहीं, आईएमएफ के पास रिजर्व पॉजिशन की वैल्यू 1.8 करोड़ डॉलर बढ़कर 4.703 अरब डॉलर हो गई है। पिछले हफ्ते विदेशी मुद्रा भंडार 14.167 अरब डॉलर बढ़कर 701.360 अरब डॉलर के स्तर पर था। एक फरवरी को वित्त वर्ष निर्मला सीतारमण की ओर से संसद में बजट पेश किया जाएगा। मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार देश की अच्छी आर्थिक स्थिति को बताता है।

बजट से पहले भारतीय शेयर बाजार लाल निशान में बंद, सेंसेक्स 296 अंक फिसला

भारतीय शेयर बाजार शुक्रवार के कारोबारी सत्र में लाल निशान में बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 296.59 अंक या 0.36 प्रतिशत की गिरावट के साथ 82,269.78 और निफ्टी 98.25 अंक या 0.39 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 25,320.65 पर बंद हुआ। बाजार में गिरावट का नेतृत्व मेटल स्टॉक्स ने किया। निफ्टी मेटल इंडेक्स 5.21 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। निफ्टी कमोडिटीज 2.13 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 1.03 प्रतिशत, निफ्टी पीएसई 0.90 प्रतिशत और निफ्टी सर्विसेज 0.64 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुआ। दूसरी तरफ निफ्टी मीडिया 1.85 प्रतिशत, निफ्टी इंडिया डिफेंस 1.43 प्रतिशत, निफ्टी एफएमसीजी 1.37 प्रतिशत, निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स 1.08 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 0.84 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 0.73 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ।

लार्जकैप की अपेक्षा मिडकैप और स्मॉलकैप में मिलाजुला कारोबार हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 109 अंक या 0.19 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 58,432 अंक और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 54.10 अंक या 0.32 प्रतिशत की तेजी के साथ 16,879.10 पर था। सेंसेक्स पैक में एमएंडएम, एसबीआई, आईटीसी, बीईएल, एचयूएल, टाइटन, मारुति सुजुकी, एशिनय पेंट्स, एक्सिस बैंक, सन फार्मा और अदाणी पोर्ट्स गेनर्स थे। टाटा स्टील, आईसीआईसीआई बैंक, पावर ग्रिड, एचसीएल टेक, टेक महिंद्रा, इन्फोसिस, कोटक महिंद्रा बैंक, ट्रेंट और टीसीएस लूजर्स थे। जानकारों ने कहा कि आम बजट से पहले भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। मेटल शेयरों में तेज बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाने का काम किया। डॉलर में मजबूती के चलते सोने और चांदी में तेज गिरावट देखने को मिली।


अंबुजा सीमेंट्स का मुनाफा वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में 258 प्रतिशत बढ़ा

अदाणी ग्रुप की कंपनी अंबुजा सीमेंट्स ने शुक्रवार को वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही के नतीजे पेश किए। अक्टूबर-दिसंबर अवधि में कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 258 प्रतिशत बढ़कर 3,781 करोड़ रुपए हो गया है। इस दौरान कंपनी की वॉल्यूम सालाना आधार पर 17 प्रतिशत बढ़कर 18.9 मिलियन टन हो गई है, जो कि कंपनी द्वारा रिपोर्ट की गई अब तक की सबसे अधिक तिमाही वॉल्यूम है। वित्त वर्ष 26 की तीसरी तिमाही में कंपनी की आया सालाना आधार पर 20 प्रतिशत बढ़ी है। वहीं, तिमाही के दौरान ईबीआईटीडीए 53 प्रतिशत बढ़कर 1,353 करोड़ रुपए हो गया है।

अक्टूबर-दिसंबर अवधि में कंपनी की नेटवर्थ 361 करोड़ रुपए बढ़कर 69,854 करोड़ रुपए हो गई है। कंपनी कर्ज मुक्त बनी हुई है और क्रिसिल और केयर की ओर से कंपनी को उच्चतम एएए (स्टेबल)/ए1प्लस रेटिंग दी गई है। कंपनी ने बताया कि उसके पास पूंजीगत खर्च करने के लिए पर्याप्त मात्रा में कैश फ्लो मौजूद है।

कंपनी ने एक बयान में कहा कि दिसंबर तिमाही अंबुजा सीमेंट के लिए परिवर्तनकारी रही है। सबसे महत्वपूर्ण कदमों में से एक एसीसी लिमिटेड और ओरिएंट सीमेंट लिमिटेड का अंबुजा सीमेंट लिमिटेड में विलय की घोषणा है, जिससे एक एकीकृत 'वन सीमेंट प्लेटफॉर्म' का निर्माण हुआ है जो "हमारी विकास गति, परिचालन उत्कृष्टता, पूंजी दक्षता को गति देगा, हमारी नेतृत्व स्थिति को मजबूत करेगा और दीर्घकालिक मूल्य सृजन में योगदान देगा।"

अपनी विकास योजना के अनुरूप, कंपनी ने 2.4 मिलियन टन प्रति वर्ष क्षमता की मारवाड़ ग्राइंडिंग यूनिट चालू की है, जिससे अंबुजा सीमेंट्स की कुल सीमेंट उत्पादन क्षमता बढ़कर 109 मिलियन टन प्रति वर्ष हो गई।

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