Gold-Silver Price Today: अचानक क्यों गिरे सोना-चांदी के दाम? जानिए वजह और ताजा भाव

सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली है। एमसीएक्स पर सोना कमजोर रहा, जबकि चांदी में 2 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। डॉलर इंडेक्स की मजबूती और ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका के कारण कीमती धातुओं की कीमतों पर दबाव बना हुआ है।

फोटोः सोशल मीडिया
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सोने और चांदी की कीमतों में मंगलवार को कमजोरी देखने को मिली। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (एमसीएक्स) पर दोनों कीमती धातुओं में गिरावट दर्ज की गई। बाजार जानकारों का कहना है कि डॉलर इंडेक्स के 100 के ऊपर बने रहने और वैश्विक स्तर पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ाया है।

सोने में गिरावट, कारोबार के दौरान कमजोर रुख

एमसीएक्स पर 5 अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोने का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,48,188 रुपये के मुकाबले 1,412 रुपये यानी 0.95 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,46,776 रुपये पर खुला। सुबह 9:43 बजे तक सोना 1,191 रुपये या 0.80 प्रतिशत कमजोर होकर 1,46,927 रुपये पर कारोबार कर रहा था।

कारोबार के दौरान सोने ने 1,46,528 रुपये का उच्चतम स्तर और 1,47,090 रुपये का न्यूनतम स्तर छुआ। बाजार में निवेशकों की सतर्कता और डॉलर की मजबूती के कारण सोने पर दबाव बना रहा।


चांदी में ज्यादा बिकवाली, 2.5 प्रतिशत से अधिक टूटी कीमत

सोने के मुकाबले चांदी में अधिक कमजोरी दर्ज की गई। एमसीएक्स पर 3 जुलाई 2026 डिलीवरी वाली चांदी का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,34,310 रुपये के मुकाबले 6,634 रुपये या 2.83 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,27,676 रुपये पर खुला।

सुबह 9:43 बजे तक चांदी 6,027 रुपये या 2.57 प्रतिशत की गिरावट के साथ 2,28,283 रुपये पर कारोबार कर रही थी। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,27,125 रुपये का न्यूनतम स्तर और 2,28,800 रुपये का उच्चतम स्तर दर्ज किया।

डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी आंकड़ों पर टिकी बाजार की नजर

विशेषज्ञों के अनुसार, सोने और चांदी में कमजोरी की सबसे बड़ी वजह डॉलर इंडेक्स का 100 के ऊपर बने रहना है। मंगलवार को डॉलर इंडेक्स 100.795 पर था, जिसे पिछले एक वर्ष का उच्चतम स्तर बताया जा रहा है।

डॉलर इंडेक्स अमेरिकी डॉलर की ताकत को दुनिया की छह प्रमुख मुद्राओं—यूरो, जापानी येन, पाउंड स्टर्लिंग, कैनेडियन डॉलर, स्वीडिश क्रोना और स्विस फ्रैंक के मुकाबले मापता है। बाजार में यह भी आशंका है कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व महंगाई को नियंत्रित करने के लिए इस वर्ष ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है, जिससे डॉलर को और मजबूती मिल रही है।

जानकारों का कहना है कि अब निवेशकों की निगाह इस सप्ताह जारी होने वाले अमेरिकी रोजगार और बेरोजगारी के आंकड़ों पर रहेगी। माना जा रहा है कि ये आंकड़े आने वाले दिनों में सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

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