Gold-Silver Price Today: चांदी ₹2,684 तक टूटी, सोना भी फिसला, अब खरीदें या करें इंतजार?

मजबूत डॉलर, मिडिल ईस्ट में तनाव और अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका के चलते आज सोने और चांदी के भाव में गिरावट दर्ज की गई।

फोटो: IANS
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  • सोने और चांदी की कीमतों में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू बाजार में गिरावट दर्ज की गई।

  • MCX पर सोना 1,45,689 रुपये और चांदी 2,08,801 रुपये प्रति 10 ग्राम और किलोग्राम के दिन के निचले स्तर तक पहुंची।

  • मजबूत डॉलर, महंगे कच्चे तेल और अमेरिकी ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका से कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है।

  • अब निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक और अगले सप्ताह आने वाले महंगाई के आंकड़ों पर है।

सोने और चांदी की कीमतों में आज गिरावट दर्ज की गई। मिडिल ईस्ट में तनाव, मजबूत डॉलर, कच्चे तेल की ऊंची कीमतों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका ने कीमती धातुओं पर दबाव बढ़ा दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई कमजोरी का असर घरेलू वायदा बाजार में भी दिखा। कारोबार के दौरान चांदी की कीमत में 1.26 प्रतिशत तक गिरावट आई, जबकि सोना भी अपने शुरुआती स्तर से नीचे फिसल गया।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोना-चांदी कमजोर, घरेलू बाजार पर भी असर

अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स में खबर लिखे जाने तक सोना 0.23 प्रतिशत गिरकर 4,133 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। चांदी में इससे ज्यादा कमजोरी दिखी और इसका भाव 1.03 प्रतिशत फिसलकर 57.405 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।

घरेलू बाजार में भी दोनों धातुओं की कीमतें नीचे रहीं। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना करीब 519 रुपये यानी 0.35 प्रतिशत गिरकर 1,46,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता नजर आया। इसका पिछला बंद भाव 1,46,519 रुपये था। बुधवार को सोना 1,46,328 रुपये पर खुला और कारोबार के दौरान 830 रुपये तक टूटकर 1,45,689 रुपये प्रति 10 ग्राम के निचले स्तर पर पहुंच गया।

चांदी में गिरावट और ज्यादा रही। MCX पर चांदी 2,267 रुपये यानी 1.07 प्रतिशत टूटकर 2,09,218 रुपये प्रति किलोग्राम पर कारोबार कर रही थी। इसका पिछला बंद भाव 2,11,485 रुपये था और बुधवार को यह 2,10,400 रुपये पर खुली। दिन के कारोबार में चांदी 2,684 रुपये तक गिरकर 2,08,801 रुपये प्रति किलोग्राम के निचले स्तर पर पहुंच गई।


मजबूत डॉलर और अमेरिकी ब्याज दरों की आशंका से दबाव

कीमती धातुओं पर दबाव की एक बड़ी वजह अमेरिकी ब्याज दरों को लेकर बदलती उम्मीदें हैं। बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक, निवेशक 27 और 28 अक्टूबर को होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत बैठक पर नजर रखे हुए हैं। अनुमान के अनुसार, अक्टूबर में ब्याज दर बढ़ने की संभावना करीब 16 प्रतिशत है, जबकि दिसंबर में दरों में बढ़ोतरी की आशंका लगभग 90 प्रतिशत मानी जा रही है।

ब्याज दरें बढ़ने पर सोने जैसी ऐसी संपत्तियों का आकर्षण घट सकता है, जिनसे नियमित ब्याज नहीं मिलता। इसी वजह से निवेशक फिलहाल नई खरीदारी को लेकर सतर्क हैं। हालिया कमजोरी के बाद डॉलर इंडेक्स में स्थिरता आने से भी सोने की मांग को सीमित समर्थन मिला है।

मिडिल ईस्ट तनाव और कच्चे तेल की कीमतें भी अहम

विशेषज्ञों के अनुसार, पिछले सप्ताह स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में अस्थिरता और क्षेत्रीय तनाव के बीच कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया था। इसके अलावा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के रूसी ऊर्जा के प्रमुख खरीदारों पर लगने वाले अतिरिक्त टैरिफ हटाने के फैसले ने भी वैश्विक कमोडिटी बाजार का ध्यान खींचा। ऐसे माहौल में निवेशक सुरक्षित निवेश के विकल्पों और ब्याज दरों से जुड़े संकेतों पर नजर रख रहे हैं।

आने वाले दिनों में सोने और चांदी की चाल अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों से प्रभावित हो सकती है। निवेशकों को अगले सप्ताह जारी होने वाले व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) मुद्रास्फीति के आंकड़ों का इंतजार है। फेडरल रिजर्व महंगाई का आकलन करने के लिए इस संकेतक को प्रमुखता से देखता है। यदि महंगाई उम्मीद से ज्यादा रहती है, तो ब्याज दरों में बढ़ोतरी की आशंका मजबूत हो सकती है और कीमती धातुओं पर दबाव बना रह सकता है। इसके उलट, महंगाई के नरम आंकड़े आने पर सोने-चांदी में फिर खरीदारी लौटने की संभावना बन सकती है।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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