Gold-Silver Price Today: लगातार दूसरे दिन टूटा सोना-चांदी, जानिए आज का नया रेट
सोना और चांदी के दाम लगातार दूसरे दिन गिरे हैं। MCX के साथ अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं में कमजोरी रही, जबकि क्रिसिल की रिपोर्ट में गोल्ड लोन को सबसे बड़ी सिक्योर्ड एसेट क्लास बताया गया है।

सोना और चांदी की कीमतों में लगातार दूसरे दिन गिरावट दर्ज की गई है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर मंगलवार को दोनों कीमती धातुएं कमजोरी के साथ कारोबार करती नजर आईं। शुरुआती कारोबार में सोने और चांदी दोनों के दाम में करीब 1.20 प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई। वहीं, अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी बिकवाली का दबाव देखने को मिला।
MCX पर सोना और चांदी दोनों फिसले
एमसीएक्स पर 5 अगस्त 2026 डिलीवरी वाला सोने का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 1,46,917 रुपये प्रति 10 ग्राम के मुकाबले 1,46,566 रुपये पर खुला। कारोबार शुरू होने के बाद इसमें और कमजोरी आई। सुबह 9:52 बजे सोना 1,009 रुपये यानी 0.69 प्रतिशत की गिरावट के साथ 1,45,908 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार कर रहा था। अब तक के कारोबार में इसने 1,45,767 रुपये का निचला और 1,46,566 रुपये का ऊपरी स्तर छुआ।
चांदी में भी दबाव बना रहा। 4 सितंबर 2026 डिलीवरी वाला चांदी का कॉन्ट्रैक्ट पिछली क्लोजिंग 2,36,099 रुपये प्रति किलोग्राम के मुकाबले 1,999 रुपये की गिरावट के साथ 2,34,100 रुपये पर खुला। शुरुआती कारोबार में बिकवाली बढ़ने से सुबह 9:52 बजे यह 2,816 रुपये यानी 1.19 प्रतिशत टूटकर 2,33,283 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान चांदी ने 2,32,862 रुपये का न्यूनतम और 2,34,100 रुपये का उच्चतम स्तर दर्ज किया, जो इसका ओपनिंग स्तर भी रहा।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी रही कमजोरी
घरेलू बाजार की तरह अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोने और चांदी पर दबाव बना रहा। खबर लिखे जाने तक कॉमेक्स पर सोना 0.63 प्रतिशत की गिरावट के साथ 4,141 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। वहीं चांदी 1.46 प्रतिशत टूटकर 61.41 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
क्रिसिल की रिपोर्ट में गोल्ड लोन को बढ़त
इस बीच रेटिंग एजेंसी क्रिसिल की हालिया रिपोर्ट में बताया गया है कि चालू वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-जून तिमाही में गोल्ड लोन देश की सबसे बड़ी सिक्योर्ड एसेट क्लास बन गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, पहली तिमाही में जारी किए गए सभी सिक्योर्ड लोन में गोल्ड लोन की हिस्सेदारी बढ़कर करीब 31 प्रतिशत हो गई, जबकि वाहन लोन की हिस्सेदारी घटकर करीब 26 प्रतिशत रह गई। इस तरह गोल्ड लोन ने वाहन लोन को पीछे छोड़ दिया है।
