Gold-Silver Price Today: सोना-चांदी फिर महंगे, आयात में रिकॉर्ड गिरावट के बीच बाजार में तेजी क्यों?

सोने-चांदी की कीमतों में तेजी के बीच भारत के आयात में लगातार दूसरे महीने गिरावट दर्ज की गई। सीमा शुल्क में बढ़ोतरी और त्योहारी मांग के बीच कीमती धातुओं के बाजार में नया रुख देखने को मिल रहा है।

फोटोः सोशल मीडिया
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  • घरेलू बाजार में सोना 0.77% चढ़कर 1,48,635 रुपये प्रति 10 ग्राम और चांदी 1.30% उछलकर 2,13,400 रुपये प्रति किलो के उच्चतम स्तर पर पहुंची।

  • अंतरराष्ट्रीय बाजार कॉमेक्स में सोना 4,202.20 डॉलर और चांदी 57.95 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गई।

  • सितंबर में भारत का सोने का आयात 81.27% और चांदी का आयात 49.11% घटा।

  • सीमा शुल्क में बढ़ोतरी के बीच त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन से घरेलू मांग बढ़ने की उम्मीद है।

हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में तेजी दर्ज की गई। घरेलू वायदा बाजार में चांदी की बढ़त सोने से ज्यादा रही और दोनों धातुओं ने कारोबार के दौरान ऊंचे स्तर छुए। यह तेजी ऐसे समय आई है, जब भारत में लगातार दूसरे महीने सोने और चांदी के आयात में गिरावट दर्ज की गई है। वैश्विक बाजार से मिले सकारात्मक संकेतों और औद्योगिक मांग की उम्मीदों ने भी कीमतों को सहारा दिया।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर दिसंबर डिलीवरी वाला सोना पिछले बंद भाव 1,47,489 रुपये के मुकाबले 292 रुपये की बढ़त के साथ 1,47,781 रुपये प्रति 10 ग्राम पर खुला। कारोबार के दौरान यह 1,146 रुपये यानी 0.77% चढ़कर 1,48,635 रुपये प्रति 10 ग्राम के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। वहीं, शुरुआती कारोबार में दिसंबर डिलीवरी वाला सोना 0.67% की तेजी के साथ 1,48,481 रुपये के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया।

चांदी में भी मजबूत तेजी देखने को मिली। MCX पर दिसंबर डिलीवरी वाली चांदी पिछले बंद भाव 2,10,660 रुपये प्रति किलोग्राम से 1,132 रुपये बढ़कर 2,11,792 रुपये पर खुली। बाद में इसमें 2,740 रुपये यानी 1.30% की तेजी आई और भाव 2,13,400 रुपये प्रति किलोग्राम के उच्चतम स्तर तक पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में चांदी 1.1% की बढ़त के साथ 2,13,128 रुपये के स्तर पर भी कारोबार करती दिखी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना-चांदी मजबूत

विदेशी बाजार में भी दोनों कीमती धातुओं की कीमतों में तेजी रही। कॉमेक्स पर सोना करीब 0.77% चढ़कर 4,202.20 डॉलर प्रति औंस तक पहुंच गया, जबकि चांदी लगभग 1.39% की बढ़त के साथ 57.95 डॉलर प्रति औंस पर कारोबार करती दिखाई दी।

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, चांदी को औद्योगिक मांग और वैश्विक संकेतों से ज्यादा समर्थन मिल रहा है। सोने और चांदी की कीमतों पर अमेरिकी अर्थव्यवस्था, ब्याज दरों और डॉलर की चाल का भी असर पड़ता है। वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता बढ़ने पर निवेशक सुरक्षित निवेश के विकल्प के तौर पर कीमती धातुओं की ओर रुख कर सकते हैं।


सोने-चांदी के आयात में बड़ी गिरावट

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, सितंबर में भारत का सोने का आयात 81.27% घटकर 1.8 अरब डॉलर रह गया। यह लगातार दूसरा महीना था, जब सोने के आयात में गिरावट दर्ज की गई। इसी अवधि में चांदी का आयात भी 49.11% घटकर 66.50 करोड़ डॉलर पर आ गया।

विशेषज्ञों के मुताबिक, कीमती धातुओं पर सीमा शुल्क बढ़ने से आयात प्रभावित हुआ है। हालांकि, आयात में गिरावट के बावजूद घरेलू बाजार में कीमतों को निवेशकों की दिलचस्पी और मांग से समर्थन मिल रहा है। आने वाले दिनों में अमेरिकी ब्याज दरों, डॉलर की चाल, वैश्विक भू-राजनीतिक घटनाक्रम और त्योहारी मांग पर बाजार की नजर रहेगी। त्योहारों और शादी-विवाह के सीजन में भौतिक मांग बढ़ने की संभावना भी है, जो सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित कर सकती है।