GST बैठकः बंगाल के वित्तमंत्री और अर्थशास्त्री ने मंदी पर जताई चिंता, कहा- अगले बजट में भी नहीं सुधरेंगे हालात

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अगुवाई में जीएसटी काउंसिल की बैठक में वोटिंग के जरिये लॉटरी पर 28 प्रतिशत जीएसटी लगाने का फैसला हुआ। बैठक के बाद बंगाल के वित्त मंत्री और वरिष्ठ अर्थशास्त्री अमित मित्रा ने अर्थव्यवस्था की सुस्ती पर कहा कि हालात चिंताजनक हैं।

फोटोः सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) काउंसिल की बुधवार को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 38वीं बैठक हुई। इस बैठक में जीएसटी दर बढ़ाने का राज्यों के विरोध के कारण कोई फैसला तो नहीं हुआ। लेकिन देश की मौजूदा आर्थिक हालत लेकर राज्य चिंता में जरूर दिखे। बैठक के बाद पश्चिम बंगाल के वित्त मंत्री देश के वरिष्ठ अर्थशास्त्री अमित मित्रा ने अर्थव्यवस्था को लेकर गंभीर चिंता जताई।

बैठक के बाद बाहर निकले अमित मित्रा ने कहा कि देश में इस समय मुद्रास्फीतिजनित मंदी है, जिसका अर्थ है। अर्थव्यवस्था गंभीर रूप से सुस्त है और मंदी दस्तक देने ही वाली है। भारत के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ है। साथ ही मित्रा ने कहा कि हम इस बात को लेकर बेहद चिंतित हैं कि अगले बजट में भी इन चिंताओं का समाधान नहीं हो पाएगा।

इससे पहले वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में जीएसटी काउंसिल की बैठक में राज्य की और राज्य अधिकृत लॉटरियों पर पूरे देश में एक समान जीएसटी दर लगाने का फैसला हुआ, जो 28 प्रतिशत होगा। यह दर 1 मार्च 2020 से पूरे देश में लागू होगी। खास बात ये है कि बैठक में इसके लिए परंपरा से हटकर वोटिंग हुई। ऐसा पहली बार हुआ है जब किसी मुद्दे को लेकर वोटिंग हुई है।

गौरतलब है कि इस बैठक से पहले अनुमान लगाए जा रहे थे कि जीएसटी काउंसिल की बैठक में टैक्‍स कलेक्‍शन बढ़ाने समेत कई अन्‍य मुद्दों पर विचार होगा और इसके लिए टैक्स स्लैब में कुछ बदलाव हो सकते हैं। लेकिन राज्यों के विरोध को देखते हुए ऐसा नहीं हो पाया। बता दें कि केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष 2019-2020 के बचे चार महीनों में हर महीने 1.1 लाख करोड़ रुपये जीएसटी कलेक्‍शन का लक्ष्य रखा है। लेकिन जीएसटी कलेक्‍शन लक्ष्य के अनुरुप नहीं हो पा रहा है, जिससे सरकार भी गंभीर चिंता में है।

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