मोदी सरकार को दोहरा झटका, 8 माह के उच्च स्तर पर खुदरा महंगाई दर, इंडस्ट्री की रफ्तार भी पड़ी नरम

महंगाई के मोर्चे पर मोदी सरकार को झटका लगा है। जून में देश में खुदरा महंगाई दर 8 महीने के हाई पर पहुंच गई है। वहीं औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार नरम पड़ गई है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

बीते महीने जून के दौरान देश में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.18 फीसदी हो गई। इससे पहले मई में खुदरा महंगाई 3.05 फीसदी दर्ज की गई थी। महंगाई दर के आधिकारिक आंकड़े शुक्रवार को जारी किए गए। ताजा आंकड़ा सेंट्रल स्टैट्स्टिक्स ऑफिस (सीएसओ) ने जारी किया है।

कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (सीपीआई) आधारित महंगाई दर बढ़ने के बावजूद भी आरबीआई के अनुमान के दायरे में है। रिजर्व बैक ने 4 फीसदी महंगाई दर का अनुमान जताया था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, जून महीने में खुदरा महंगाई दर बढ़कर 3.18 फीसदी पर पहुंच गई, जो कि मई में 3.05 फीसदी थी। इस दौरान खाने-पीने की चीजों की कीमतों में इजाफा देखा गया। पिछले महीने खाद्य महंगाई दर बढ़कर 2.17 फीसदी हो गई, जो मई महीने में 1.83 फीसदी थी।

सीपीआई के डाटा के अनुसार, अनाज की महंगाई में भी मामूली इजाफा हुआ है। जून में अनाजों की महंगाई दर 1.31 फीसद रही जो मई में 1.24 फीसद थी। कपड़े और चप्‍पल की महंगाई दर जून में 1.52 फीसद रही जो इससे पिछले महीने 1.8 फीसद थी। जून में दालों की महंगाई दर में अच्‍छा खासा उछाल देखने को मिला है। सीपीआई डाटा के अनुसार, जून में दालों की महंगाई दर 5.68 फीसद रही जो मई में 2.13 फीसद थी।

अंडा, मांस और मछली जैसे प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थों की महंगाई दर जून में इससे पूर्व महीने के मुकाबले अधिक रही। हालांकि सब्जियों और फलों के मामले में मुद्रास्फीति की वृद्धि धीमी रही।

दूसरी ओर सरकार द्वारा शुक्रवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश में मई महीने के दौरान औद्योगिक उत्पादन की रफ्तार सुस्ती रही। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, देश में औद्योगिक उत्पादन की वृद्धि दर अप्रैल में 4.32 फीसदी दर्ज की गई थी जो मई में घटकर 3.1 फीसदी रह गई।

(आईएएनएस के इनपुट के साथ)

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