अर्थ जगत: भारतीय स्टार्टअप्स में 35 हजार से ज्यादा नौकरियां गई और निफ्टी फार्मा 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर पर

पिछले दो साल में भारतीय स्टार्टअप्स में 35,000 से ज्यादा लोगों ने नौकरी से हाथ धोया हैं, और 2024 में भी नौकरियों में कटौती बेरोकटोक जारी रहने की संभावना है। निफ्टी शुक्रवार को सकारात्मक नोट पर बंद हुआ, जबकि अधिकांश सेक्टर हरे निशान में बंद हुए।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

निफ्टी फार्मा 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर पर

अर्थ जगत: भारतीय स्टार्टअप्स में 35 हजार से ज्यादा नौकरियां गई और निफ्टी फार्मा 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर पर

निफ्टी शुक्रवार को सकारात्मक नोट पर बंद हुआ, जबकि अधिकांश सेक्टर हरे निशान में बंद हुए। शुक्रवार को निफ्टी 94.40 अंक या 0.44 प्रतिशत ऊपर 21,349.40 पर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स 241.86 अंक या 0.34 प्रतिशत ऊपर 71,106.96 पर बंद हुआ।

बोनान्ज़ा पोर्टफोलियो के रिसर्च एनालिस्ट वैभव विदवानी ने कहा है कि निफ्टी रियल्टी और निफ्टी आईटी 2.55 प्रतिशत और 2.27 प्रतिशत ऊपर रहे -- ये दो सेक्टर जिन्होंने शुक्रवार को बेहतर प्रदर्शन किया।

चूंकि अधिकांश भारतीय आईटी कंपनियों के पास विदेशी ग्राहक हैं और यूएस फेड द्वारा दर में कटौती की उम्मीद के चलते इन ग्राहकों से नए ऑर्डर में वृद्धि हो सकती है। इसलिए आईटी उद्योग भविष्य में दर में कटौती की संभावना को लेकर आशावादी है।

कई फार्मास्युटिकल और डायग्नोस्टिक कंपनियों के स्टॉक में शुक्रवार को तेजी देखी गई, जो 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। यह वृद्धि हाल ही में कोविड मामलों की लहर के बाद हुई है। जेएन.1 नामक नए सबवेरिएंट के चलते भारत में संक्रमणों की संख्या 640 हो गई है, जबकि दुनिया भर में 2,997 सक्रिय मामले हैं।

विदवानी ने कहा कि दिन के दौरान निफ्टी फार्मा सूचकांक 0.96 प्रतिशत से अधिक बढ़कर 52 सप्ताह के उच्चतम स्तर 16,500.90 पर पहुंच गया।

भारतीय स्टार्टअप्स में 35 हजार से ज्यादा नौकरियां गई, 2024 में भी छंटनी रहेगी जारी

पिछले दो साल में भारतीय स्टार्टअप्स में 35,000 से ज्यादा लोगों ने नौकरी से हाथ धोया हैं, और 2024 में भी नौकरियों में कटौती बेरोकटोक जारी रहने की संभावना है। 2022 में बायजू, ओला, अनएकेडमी, ब्लिंकिट और वाइटहैट जूनियर, स्किल-लिंक, गो मैकेनिक, शेयर चैट और जेस्टमनी जैसे प्लेयर्स के नेतृत्व में भारतीय स्टार्टअप्स ने 18,000 से ज्यादा कर्मचारियों को निकाल दिया।

इंक42 की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2023 में 17,000 से ज्यादा लोग पहले ही अपनी नौकरियां खो चुके हैं और यह लिस्ट बढ़ती ही जा रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म शेयरचैट ने रणनीतिक पुनर्गठन के तहत 200 कर्मचारियों या अपने कार्यबल के लगभग 15 प्रतिशत को नौकरी से निकाल दिया है।

गेम स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म लोको ने अपने कर्मचारियों की कुल संख्या 110 में से लगभग 36 प्रतिशत या 40 कर्मचारियों को नौकरी से निकाल दिया है।


खाद्य तेल आयात पर कस्टम में कटौती एक साल के लिए बढ़ी

अर्थ जगत: भारतीय स्टार्टअप्स में 35 हजार से ज्यादा नौकरियां गई और निफ्टी फार्मा 52 हफ्ते के उच्चतम स्तर पर

 केंद्र सरकार ने कीमतों को नियंत्रण में रखने के लिए खाद्य तेल के आयात पर लागू सीमा शुल्क में कटौती को एक साल के लिए बढ़ा दिया है।

सरकार ने इस साल जून में कच्चे पाम तेल, कच्चे सूरजमुखी तेल और कच्चे सोया तेल पर कस्टम मार्च 2024 तक 17.5 प्रतिशत से घटाकर 12.5 प्रतिशत कर दिया था। इनकी कीमतें नियंत्रण से बाहर हो रही थीं। अब इसे मार्च 2025 तक बढ़ा दिया गया है।

भारत दुनिया में खाद्य तेल का सबसे बड़ा आयातक देश है। यह अपनी 60 प्रतिशत आवश्यकता आयात से पूरी करता है। देश मुख्य रूप से इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड से पाम तेल खरीदता है जबकि यह अर्जेंटीना और ब्राजील से सोयाबीन और सूरजमुखी तेल का आयात करता है।

इनकम टैक्स छापे के बाद पॉलीकैब इंडिया के शेयरों में गिरावट

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देशभर में पॉलीकैब इंडिया कंपनी के 50 परिसरों पर आयकर विभाग की छापेमारी की खबरों के बाद इसके शेयरों में शुक्रवार को करीब 5 फीसदी की गिरावट आई। संदिग्ध टैक्स चोरी के लिए की जा रही छापेमारी में फर्म के शीर्ष प्रबंधन के आवासों और दफ्तरों की भी तलाशी ली जा रही है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) पर पॉलीकैब के शेयर 5.04 प्रतिशत गिरकर 5,335 रुपये पर कारोबार कर रहे थे। बीएसई पर शेयर 5,404 रुपये पर आ गया। यह कंपनी के लिए एक बड़ा झटका है, क्योंकि इस साल इसके शेयर की कीमत दोगुनी हो गई थी।

पॉलीकैब इंडिया अन्य बिजली के सामानों के अलावा तार और केबल भी बनाती और बेचती है। कंपनी का परिचालन 23 विनिर्माण सुविधाओं, 15 से अधिक कार्यालयों और 25 से अधिक गोदामों के साथ पूरे देश में फैला हुआ है। कंपनी ने जुलाई-सितंबर तिमाही के लिए 436.89 करोड़ के समेकित शुद्ध लाभ की घोषणा की थी।


जीरो-डे वल्नरेबिलिटी के लिए गूगल ने जारी किया इमरजेंसी पैच

गूगल ने क्रोम जीरो-डे वल्नरेबिलिटी को संबोधित करने के लिए एक इमरजेंसी पैच जारी किया है, जिसमें उन्होंने माना है कि ऐसा हो रहा है। यह साल की शुरुआत के बाद से जारी किया गया आठवां पैच है। गूगल ने एक ब्लॉगपोस्ट में सुरक्षा सलाह जारी करते हुए लिखा, "गूगल को पता है कि सीवीआई-2023-7024 (एक प्रकार का बग) मौजूद है।"

टेक जांयट ने स्टेबल डेस्कटॉप चैनल में यूजर्स के लिए जीरो-डे की खामी को ठीक कर दिया, गूगल को इसकी सूचना दिए जाने के एक दिन बाद विंडोज यूजर्स (120.0.6099.129/130), मैक और लिनक्स यूजर्स (120.0.6099.129) के लिए पैच किए गए वर्जन ग्लोबल लेवर पर जारी किए गए।

बग की खोज और रिपोर्ट गूगल के थ्रेट एनालिसिस ग्रुप (टीएजी) के क्लेमेंट लेसिग्ने और व्लाद स्टोलारोव ने की थी। ब्लीपिंग कंप्यूटर के अनुसार, टीएजी सिक्योरिटी प्रोफेशनल्स का एक ग्रुप है, जिसका प्राथमिक लक्ष्य गूगल कस्टमर्स को स्टेट-स्पांसर्ड अटैक से बचाना है।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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