शेयर बाजार में हाहाकार: सेंसेक्स-निफ्टी में गिरावट, अडानी समूह के शेयर भी धराशायी, कुछ घंटे में 2 लाख करोड़ रुपए स्वाहा

हिंडनबर्ग रिसर्च की एक रिपोर्ट जारी होने के दो दिन बाद भी शुक्रवार को अडानी समूह की सभी नौ सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। अडानी समूह ने शुक्रवार को शुरुआती कारोबारी कुछ घंटों में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये खो दिए।

फोटो: सोशल मीडिा
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नवजीवन डेस्क

अंतर्राष्ट्रीय और अमेरिकी बाजार से मिल रहे मजबूत संकेतों के बीच भारतीय घरेलू शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन आज भी बड़ी गिरावट के साथ कारोबार की शुरुआत हुई। आज सेंसक्स और निफ्टी दोनों में बड़ी गिरावट देखी जा रही है। खबर लिखे जानें तक सेंसेक्स में 851 और निफ्टी में 263 अंकों गिरावट दर्ज की गई है।

आज बीएसई का 30 शेयरों वाला इंडेक्स सेंसेक्‍स 469 अंकों की गिरावट के साथ 59,735 के स्तर पर खुला, जबकि एनएसई का 50 शेयरों वाला इंडेक्स निफ्टी 113 अंकों की नरमी के साथ 17,778 के स्तर पर खुला। जैसे-जैसे बाजार का कारोबार आगे बढ़ा, दोनों में गिरावट देखी गई। बता दें कि बुधवार को भी बाजार में बड़ी गिरावट दर्ज की गई। सेंसेक्‍स 774 अंकों की गिरावट के साथ 60,205 के स्तर पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 226 अंक गिरकर 17,891 के स्तर पर बंद हुआ।


अडानी समूह के शेयरों में गिरावट जारी

सबसे ज्यादा नुकसान अडानी के शेयरों की हो रही है। हिंडनबर्ग रिसर्च की एक रिपोर्ट जारी होने के दो दिन बाद भी शुक्रवार को अडानी समूह की सभी नौ सूचीबद्ध कंपनियों के शेयर में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। अडानी समूह ने शुक्रवार को शुरुआती कारोबारी कुछ घंटों में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये खो दिए।

अडानी टोटल गैस के शेयर 19.65 फीसदी गिरे, अडानी ट्रांसमिशन के 19 फीसदी , अडानी ग्रीन एनर्जी के 15.50 फीसदी और अडानी एंटरप्राइजेज के शेयर में 6.19 फीसदी की गिरावट आई है। वहीं अडानी पोर्ट्सर्ट् एंड स्पेशल इकोनॉमिक जोन के शेयर 5.31 फीसदी गिरे, अडानी विल्मर के 5 फीसदी और अडानी पॉवर के शेयर में 4.99 फीसदी की गिरावट आई।

इससे पहले गुरुवार को भी अडाणी समूह की कंपनियों के शेयर में गिरावट देखने को मिली थी। इसके बाद अडानी समूह ने कहा था कि वह अपनी प्रमुख कंपनी के शेयर बिक्री को नुकसान पहुंचा ने के प्रयास के तहत ‘बिना सोचे-विचारे’ काम करने के लिए अमेरिकी वित्तीय शोध कंपनी हिंडहिंनबर्ग रिसर्च के खिलाफ ‘दंडात्मक कार्रवाई’ को लेकर कानूनी विकल्पों पर गौर कर रहा है। वहीं अमरिकी वित्तीय शोध कंपनी हिंडहिंनबर्ग रिसर्च ने कहा कि वह अपनी रिपोर्ट पर पूरी तरह कायम है।

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