कोरोना के बहाने चुपके से मोदी सरकार ने बदल दिया कानून, कभी भी 8 रुपए तक बढ़ सकती है पेट्रोल-डीजल की कीमतें

भले ही दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट देखी जा रही है, लेकिन भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुछ खास कमी नहीं की गई है। इतना ही नहीं अब ऐसी उम्मीद है कि इनकी कीमतों में 8 रुपए तक का इजाफा कभी भी किया जा सकता है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

भले ही दुनिया भर में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट देखी जा रही है, लेकिन भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कुछ खास कमी नहीं की गई है। इतना ही नहीं अब ऐसी उम्मीद है कि इनकी कीमतों में 8 रुपए तक का इजाफा कभी भी किया जा सकता है। दरअसल सरकार ने कानून में संशोधन करते हुए पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में 8 रुपये प्रति लीटर तक की वृद्धि करने का अधिकार हासिल कर लिया है। कहा जा रहा है कि सरकार कोरोना जैसे संकट से निपटन के लिए पेट्रोल और डीजल और पेट्रोल की कीमतों को बढ़ा कर अपना खजाना भरना चाहती है। बता दें कि सरकार ने 14 मार्च को ही पेट्रोल और डीजल की एक्साइज ड्यूटी में 2 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया था।

पेट्रोल पर 18 रुपये और डीजल पर 12 रुपये प्रति लीटर का इजाफा करना चाहती थी। हालांकि फिर दोनों पर 8 रुपये प्रति लीटर के इजाफे पर सहमति बनी। फिलहाल पेट्रोल पर 10 रुपये की एक्साइज ड्यूटी वसूली जाती है, जबकि पेट्रोल पर 4 रुपये प्रति लीटर की एक्साइज ड्यूटी लगती है। इजाफे के बाद पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 18 रुपये और डीजल पर 12 रुपये प्रति लीटर हो जाएगी। सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने को लेकर कानून में इसलिए संशोधन किया है क्योंकि दोनों पर अधिकतम सीमा तक एक्साइज ड्यूटी बढ़ाई जा चुकी थी।

पेट्रोल पर हो जाएगी 18 रुपये एक्साइज ड्यूटी: पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी की लिमिट 10 रुपये और डीजल के मामले में 4 रुपये प्रति लीटर थी। सरकार ने अब वित्त विधेयक की 8वीं अनुसूची में संशोधन करते हुए इस सीमा को पेट्रोल के मामले में बढ़ाकर 18 रुपये और डीजल के मामले में 12 रुपये प्रति लीटर कर दिया है। दरअसल सरकार ने यह कदम इसलिए उठाया है ताकि भविष्य में वह अपनी जरूरतों के हिसाब से एक्साइज ड्यूटी में इजाफा कर खजाना भर सके।

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