अर्थजगत: RBI ने 2000 के नोट वापस लेने का किया ऐलान और इंडिगो ने क्रू मेम्बर्स को दिया बड़ा तोहफा

आरबीआई ने 2000 रुपये के नोट को चलन से वापस लेने की घोषणा की है। और कोरोना काल के बाद पहली बार भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो अपने कर्मचारियों को उनकी सैलरी का 3 प्रतिशत बोनस देने जा रही है।

RBI ने 2000 के नोट वापस लेने का किया ऐलान
RBI ने 2000 के नोट वापस लेने का किया ऐलान
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नवजीवन डेस्क

RBI दो हजार रुपये के नोट वापस लेगा

आरबीआई ने 2000 रुपये के नोट को चलन से वापस लेने की घोषणा की है। भारतीय रिजर्व बैंक ने  बैंकों को सलाह दी है कि वे तत्काल प्रभाव से 2000 रुपये मूल्यवर्ग के बैंकनोट जारी करना बंद करें।  हालांकि 2000 रुपये मूल्यवर्ग के बैंक नोट वैध मुद्रा बने रहेंगे। जानकारी के मुताबिक, क्लीन नोट पॉलिसी के तहत आरबीआई ने यह फैसला लिया है। आरबीआई ने कहा है कि यह नोट 30 सितंबर तक कानूनी रूप से वैध रहेंगे। आरबीआई ने नवंबर 2016 में आरबीआई एक्ट 1934 की धारा 24(1) के तहत ये नोट निकाले थे। रिजर्व बैंक ने नोटबंदी के बाद इन नोटों को जारी किया था।

इंडिगो ने क्रू मेम्बर्स को दिया बड़ा तोहफा, सैलरी का 3 प्रतिशत मिलेगा बोनस

कोरोना काल के बाद पहली बार भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो अपने कर्मचारियों को उनकी सैलरी का 3 प्रतिशत बोनस देने जा रही है। भारत की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो ने जनवरी-मार्च तिमाही में एयरलाइन के लाभ दर्ज करने के बाद कर्मचारियों को वेतन का 3% बोनस देने का ऐलान किया है, जिसे वित्त वर्ष 2020 से कोरोना महामारी के प्रभाव के कारण बंद करना पड़ा था क्योंकि कोरोना के दौरान इंडिगो को काफी नुकसान हो रहा था। इंडिगो का कहना है कि हम क्रू मेम्बर्स को 5% का बोनस कई सालों से देते आ रहा है। ये हमारी परंपरा है। लेकिन कोरोना महमारी के दौरान 3 साल से हो रहे नुकसान के कारण इस बोनस को बंद कर दिया था। इसलिए क्रू बोनस का वितरण नहीं किया जा सका। पिछले वित्तीय वर्ष में से पिछली 2 तिमाहियों से इंडिगो का मुनाफा बढ़ने लगा है। अब शानदार नतीजों के बाद 5% क्रू बोनस के आधे से अधिक को बहाल किया जा रहा है। फाइनेंशियल ईयर 2019 तक एयरलाइन बोनस के रूप में 5% का भुगतान कर रही थी।

फोटो: सोशल मीडिया
फोटो: सोशल मीडिया

आयकर रिपोर्ट आने के बाद आरबीआई रद्द कर सकता है एआरसीएस का लाइसेंस

भारतीय रिजर्व बैंक कुछ एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों (एआरसी) के लाइसेंस रद्द कर सकता है, जिन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आरबीआई ने इससे पहले कुछ एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों (एआरसी) को कारण बताओ नोटिस भेजा था, जिसमें जवाब मांगा गया था कि क्यों उनके लाइसेंस रद्द नहीं किए जाएं। आरबीआई चार एसेट रिकंस्ट्रक्शन कंपनियों (एआरसी) नामत: ओमकारा एसेट रिकंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, रेयर एसेट रिकंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड, सीएफएम एसेट रिकंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड और इन्वेंट एआरसी प्राइवेट लिमिटेड के लाइसेंस रद्द करने पर विचार कर रहा है। रिपोटरें के अनुसार, यह कदम 2021 में आयकर (आई-टी) विभाग द्वारा इन एआरसी के परिसरों पर छापा मारने के बाद बैंकिंग नियामक द्वारा किए गए एक विशेष ऑडिट का अनुसरण करता है।

आईटी विभाग, जिसने दिसंबर 2021 में चार एआरसी पर खोज और जब्ती की कार्रवाई की, ने उधारकर्ता समूह और एआरसी प्राप्त करने में उपयोग की जाने वाली शेल या डमी कंपनियों के बीच सांठगांठ पाई। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने एक विज्ञप्ति में कहा, जांच से पता चला है कि स्ट्रेस्ड एसेट्स या एनपीए प्राप्त करने के लिए एआरसी द्वारा ऋणदाता बैंकों को किए गए न्यूनतम नकद भुगतान आमतौर पर उधारकर्ता समूह के धन का उपयोग करते रहे हैं। इस तरह के धन को उधारकर्ता समूह द्वारा नियंत्रित डमी कंपनियों की कई परतों या हवाला चैनलों के माध्यम से भेजा गया है।

फोटो : सोशल मीडिया
फोटो : सोशल मीडिया

3 दिनों की गिरावट के बाद बढ़त पर बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स 298 अंक उछला

लगातार तीन दिनों की गिरावट के बाद हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शेयर बाजार बढ़त पर बंद हुआ। आज के कारोबार में बैंकिंग शेयरों में निचले स्तर से खरीदारी देखने को मिली जबकि आईटी, रियल्टी, ऑटो शेयरों में तेजी देखने को मिली। इस बीच फार्मा और पीएसई शेयरों में दबाव देखने को मिला। उतार-चढ़ाव के बीच कारोबार के अंत में सेंसेक्स 297.94 अंक यानी 0.48 फीसदी की बढ़त के साथ 61,729.68 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 73.45 अंक यानी 0.41 फीसदी की बढ़त के साथ 18203.40 के स्तर पर बंद हुआ।

शुक्रवार के कारोबार में Adani Ports, Adani Enterprises, Tata Motors, Tech Mahindra और Infosys निफ्टी के टॉप गेनर रहे। वहीं Divis Laboratories, Britannia Industries, Tata Consumer Products, NTPC और Asian Paints निफ्टी के टॉप लूजर रहे।

फोटोः IANS
फोटोः IANS

अमेरिका में दिखने लगे AI के साइड इफेक्ट! आवाज की नकल करके लूट रहा

अमेरिका में जनरेटिव आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम के जरिए स्कैमर्स पहले से बुजुर्ग अमेरिकियों को धोखा देकर उनसे पैसे छीन रहे हैं। दुनियाभर में AI तकनीक के जरिए ठगी करने के कई मामले में सामने आ चुके हैं। ऐसे में अब अमेरिका में इसके खतरों को लेकर बहस तेज हो गई है। कई अमेरिकी सांसद बाइडेन प्रशासन से इस उभरते खतरे को लेकर जरूरी कदम उठाने की अपील कर रहे हैं। एजिंग पर सीनेट की विशेष समिति के शीर्ष रिपब्लिकन सीनेटर सेन माइक ब्रॉन ने गुरुवार को फेडरल ट्रेड कमीशन को एक लेटर भेजा, जिसमें एजेंसी को एआई-ड्राइव घोटालों के बारे में क्या पता है, इस पर अपडेट मांगा गया है। बुजुर्गों के खिलाफ और यह लोगों की सुरक्षा के लिए क्या कर रहा है।

एफटीसी की चेयरपर्सन लीना खान को लिखे पत्र में चेतावनी दी गई है कि वॉयस क्लोन और चैटबॉट्स स्कैमर्स को बुजुर्गों को यह विश्वास दिलाते हैं कि वह किसी रिश्तेदार या करीबी दोस्त से बात कर रहे हैं। इससे के जरिए साइबर क्रिमिनल धोखाधड़ी और ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। दरअसल एआई तकनीक की मदद से किसी भी व्यक्ति की आवाज का क्लोन तैयार करना संभव है और फिर इसके जरिए आसानी से धोखाधड़ी की वारदातों को अंजाम दिया जा सकता है।

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