अर्थ जगत: खुदरा मुद्रास्फीति दर में आई कमी और सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक टूटा

सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत की खुदरा मुद्रास्फीति इस साल जनवरी में घटकर 5.1 प्रतिशत हो गई। बीएसई सेंसेक्स सोमवार को व्यापक बिकवाली के कारण 500 अंक से अधिक गिर गया।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

सेंसेक्स 500 अंकों से अधिक टूटा

बीएसई सेंसेक्स सोमवार को व्यापक बिकवाली के कारण 500 अंक से अधिक गिर गया। सेंसेक्स 523.00 अंक यानी 0.73% की गिरावट के साथ 71,072.49 अंक पर बंद हुआ।

सेंसेक्स के शेयरों में एनटीपीसी, कोटक महिंद्रा बैंक, टाटा स्टील, इंडसइंड बैंक, एसबीआई 2 फीसदी से ज्यादा नीचे रहे। सोमवार को स्मॉल और मिड कैप सूचकांकों में 2 फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। पीएसयू स्टॉक इंडेक्स 4 फीसदी से ज्यादा नीचे रहा।

इंफ्रास्ट्रक्चर इंडेक्स 4 फीसदी, रियल्टी इंडेक्स 2.5 फीसदी, बिजली, तेल और गैस सूचकांक 2 प्रतिशत, एसएमई आईपीओ इंडेक्स 2 फीसदी नीचे रहे। आईटी, फार्मा, ऑटो को छोड़कर सभी सेक्टोरल इंडेक्स लाल निशान में रहे। सेंसेक्स में आईटी शेयरों में विप्रो में 2 फीसदी और एचसीएल टेक में 2 फीसदी की तेजी आई।

सरकार गठन पर अनिश्चितता के बीच पाक शेयरों में 2,000 अंक से अधिक की गिरावट

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RIZWAN TABASSUM

पाकिस्तान स्टॉक एक्सचेंज (पीएसएक्स) में कारोबार के दौरान भारी गिरावट देखी गई। नई सरकार के गठन पर अनिश्चितता के बीच बेंचमार्क केएसई-100 सोमवार को 2,200 अंक से अधिक गिर गया। जियो न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, बेंचमार्क इंडेक्स 2,232.91 अंक या 3.55 प्रतिशत की गिरावट के साथ 60,710 अंक पर कारोबार कर रहा है।

रिपोर्ट में कहा गया है, पाकिस्तान-कुवैत इन्वेस्टमेंट कंपनी के शोध प्रमुख समीउल्लाह तारिक ने नुकसान के लिए "सरकार के गठन पर अनिश्चितता" को जिम्मेदार ठहराया।

8 फरवरी को, पाकिस्तान में 10वां आम चुनाव हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) समर्थित स्वतंत्र उम्मीदवारों ने जीत हासिल की।

आम चुनावों के अनिश्चित नतीजों के कारण शुक्रवार को पीएसएक्स में शुरुआत में 2,000 अंक से अधिक की गिरावट आई। हालांकि, दिन के अंत तक बाजार कुछ संभवा और 1.87 फीसदी की गिरावट के साथ 62,943 अंक पर बंद हुआ।


फिनटेक सेक्टर का समर्थन करता है आरबीआई, लेकिन ग्राहक हित सर्वोपरि : शक्तिकांत दास

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भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर शक्तिकांत दास ने सोमवार को कहा कि केंद्रीय बैंक जहां फिनटेक सेक्टर का समर्थन करता है, वहीं वह ग्राहकों के हितों की रक्षा के लिए भी प्रतिबद्ध है। पेटीएम पेमेंट्स बैंक के खिलाफ की गई कार्रवाई पर दास ने आरबीआई की बोर्ड बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, ''जब कोई निर्णय लिया जाता है, तो यह बहुत सोच विचार के बाद लिया जाता है। फैसले यूं ही नहीं लिए जाते। मैं यह स्पष्ट कर दूं कि पेटीएम पेमेंट्स बैंक के खिलाफ की गई कार्रवाई की कोई समीक्षा नहीं होगी। एफएक्यू जल्द ही आएगा। वह ग्राहक हितों को लेकर होगा।"

दास ने कहा कि आरबीआई फिनटेक को बढ़ावा देता है और बढ़ावा देता रहेगा, लेकिन ग्राहक हित और वित्तीय स्थिरता सर्वोपरि है। उन्होंने कहा, ''फिनटेक सेक्टर के लिए आरबीआई के समर्थन के बारे में कोई संदेह नहीं होना चाहिए।''

सैमसंग के चेयरमैन ने निवेश शुरू करने पर दिया जोर

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 सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के चेयरमैन ली जे-योंग ने मलेशिया में सैमसंग एसडीआई की बैटरी प्रोडक्शन लाइन की विजिट के दौरान निवेश के महत्व पर जोर दिया है। दक्षिण कोरिया के सबसे बड़े समूह का नियंत्रण अपने हाथ में लेने के लिए कथित तौर पर सैमसंग की दो सहयोगी कंपनियों के 2015 में हुए विवादास्पद विलय पर एक अदालत के फैसले में उन्हें सभी आरोपों से बरी कर दिए जाने के बाद ली जे-योंग की यह पहली विदेश यात्रा है।

सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स ने कुआलालंपुर से 65 किलोमीटर दक्षिण में सेरेम्बन में कारखाने के दौरे के दौरान ली के हवाले से कहा, ''हमें केवल शॉर्ट-टर्म परफॉर्मेंस पर ध्यान केंद्रित नहीं करना चाहिए, बल्कि साहसिक चुनौतियों का सामना करके बदलाव का नेतृत्व करना चाहिए।''

समाचार एजेंसी योनहाप की रिपोर्ट के अनुसार, सैमसंग 2022 से 1.7 ट्रिलियन वोन (1.2 बिलियन डॉलर) के बजट के साथ इस क्षेत्र में एक अतिरिक्त प्रोडक्शन लाइन का निर्माण कर रहा है।


भारत की खुदरा मुद्रास्फीति दर जनवरी में घटकर 5.1 प्रतिशत पर आई

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सोमवार को जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, भारत की खुदरा मुद्रास्फीति इस साल जनवरी में घटकर 5.1 प्रतिशत हो गई, जो दिसंबर 2023 में 5.69 प्रतिशत थी। इससे घरेलू बजट में कुछ राहत मिली।

खाद्य मुद्रास्फीति कुल उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) का लगभग आधा हिस्सा है। यह दिसंबर में 9.05 प्रतिशत से गिरकर जनवरी में 8.3 प्रतिशत हो गई। हालांकि, महीने के दौरान सब्जियों, दालों और मसालों की कीमतों में दोहरे अंकों में वृद्धि दर्ज की गई। लेकिन राहत की बात रही कि कि खाना पकाने के लिए तेल की कीमतों में गिरावट जारी रही।

आंकड़ों से पता चलता है कि सब्जियों की कीमतें 27.03 प्रतिशत तक बढ़ गईं, जो दिसंबर के दौरान 31.34 प्रतिशत से कम थी। जहां तक दालों का सवाल है, कोई राहत नहीं मिली। वे 19.54 प्रतिशत महंगी हो गईं, जबकि मसाले 16.36 प्रतिशत महंगे हो गए। अनाज की कीमतें जनवरी में 7.83 फीसदी बढ़ीं, जो दिसंबर में 9.53 फीसदी थीं।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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