अर्थतंत्र की खबरें: शेयर बाजार ने की शानदार वापसी, सेंसेक्स 1,186 अंक बढ़ा और देश में ईंधन की कमी पर सरकार का जवाब

शेयर बाजार की तेजी के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केटकैप 10 लाख करोड़ रुपए बढ़कर 422 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पहले 412 लाख करोड़ रुपए था। सेंसेक्स पैक में 30 में 25 शेयर हरे निशान में बंद हुए।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

नए वित्त वर्ष 27 के साथ भारतीय शेयर बाजार ने बुधवार को शानदार वापसी की। दिन के अंत में सेंसेक्स 1,186.77 अंक या 1.65 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 73,134.32 और निफ्टी 348 अंक या 1.56 प्रतिशत की तेजी के साथ 22,679.40 पर बंद हुआ।

बाजार में चौतरफा खरीदारी देखी गई। निफ्टी इंडिया डिफेंस 5.32 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 3.70 प्रतिशत, निफ्टी मीडिया 3.69 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 2.46 प्रतिशत, निफ्टी रियल्टी 2.13 प्रतिशत, निफ्टी आईटी 2.09 प्रतिशत, निफ्टी कंजप्शन 2.04 प्रतिशत और निफ्टी ऑटो 1.97 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुआ।

सूचकांकों में केवल निफ्टी फार्मा 0.99 प्रतिशत और निफ्टी हेल्थकेयर 1.02 प्रतिशत की कमजोरी के साथ बंद हुए।

लार्जकैप के साथ-साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में जोरदार तेजी देखने को मिली। निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 506 अंक या 3.33 प्रतिशत की मजबूती के साथ 15,709.80 और निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 1,169.15 अंक या 2.22 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 53,819.15 पर बंद हुआ।

शेयर बाजार की तेजी के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध सभी कंपनियों का मार्केटकैप 10 लाख करोड़ रुपए बढ़कर 422 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जो कि पहले 412 लाख करोड़ रुपए था। सेंसेक्स पैक में 30 में 25 शेयर हरे निशान में बंद हुए।

ट्रेंट, इंटरग्लोब एविएशन, अदाणी पोर्ट्स, बीईएल, एसबीआई, इंटरनल, एलएंडटी, एक्सिस बैंक, टाइटन, एशियन पेंट्स, एमएंडएम,बजाज फाइनेंस, टीसीएस, इन्फोसिस, मारुति सुजुकी, टाटा स्टील, एचडीएफसी बैंक, बजाज फिनसर्व और आईटीसी गेनर्स थे। एनटीपीसी, सन फार्मा, पावर ग्रिड, अल्ट्राटेक सीमेंट और भारती एयरटेल लूजर्स थे।

एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर ने कहा कि भारतीय शेयर बाजारों ने नए वित्तीय वर्ष की सकारात्मक शुरुआत की। इसकी वजह मध्य पूर्व संघर्ष में संभावित कमी और ऊर्जा आपूर्ति में व्यवधान कम होने की उम्मीदें थीं।

देश में ईंधन की कोई कमी नहीं, एलपीजी का भी पर्याप्त भंडार उपलब्ध : केंद्र

भारत के पास कच्चे तेल का पर्याप्त भंडार मौजूद है और अगले दो महीनों तक कच्चे तेल की आपूर्ति को सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं। यह जानकारी केंद्र सरकार की ओर से बुधवार को दी गई।

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय की मार्केट एवं रिफाइनरी संयुक्त सचिव सुजाता शर्मा ने कहा कि सभी रिफाइनरियां अपनी अधिकतम क्षमता पर काम कर रही हैं और रिटेल आउटलेट पर ईंधन की कमी की कोई रिपोर्ट नहीं मिली है।

उन्होंने राष्ट्रीय राजधानी में अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग के दौरान कहा, “मैं यह भी बताना चाहूंगी कि लगभग दो महीने पहले ब्रेंट क्रूड लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल के आसपास था, जबकि आज यह 100 डॉलर प्रति बैरल को पार कर गया है। इस वृद्धि के बावजूद, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।”

उन्होंने आगे कहा कि पेट्रोल और डीजल की बिक्री में तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) को अंडर रिकवरी का सामना करना पड़ रहा है। एलपीजी के बारे में शर्मा ने कहा कि आपूर्ति सामान्य बनी हुई है।

शर्मा के मुताबिक, "एलपीजी के आयात पर हमारी निर्भरता लगभग 60 प्रतिशत है। पिछले महीने की तुलना में, अंतरराष्ट्रीय कीमतें, विशेष रूप से सऊदी सीपी बेंचमार्क की कीमतों में बड़ी वृद्धि हुई है, जो 522 डॉलर से बढ़कर 44 प्रतिशत बढ़कर 780 डॉलर हो गई है। इसके बावजूद, घरेलू उपभोक्ताओं के लिए एलपीजी सिलेंडर की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है।"

इस बीच, सरकार ने प्राकृतिक गैस नेटवर्क के विस्तार के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और मार्च में 3.3 लाख नए पीएनजी कनेक्शन जारी किए गए। घरेलू उपभोक्ताओं के साथ-साथ परिवहन क्षेत्र के लिए जरूरी सीएनजी की भी शत प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई है।


मध्य पूर्व में तनाव का असर! केंद्र ने एसईजेड यूनिट्स के लिए दरों में कटौती का ऐलान किया

केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने बुधवार को विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) की पात्र इकाइयों को घरेलू टैरिफ क्षेत्र में रियायती सीमा शुल्क दरों पर निर्मित वस्तुओं की बिक्री के लिए एकमुश्त राहत उपाय पेश किया है।

आधिकारिक बयान में कहा गया, यह कदम केंद्रीय बजट 2026-27 में की गई उस घोषणा के तहत उठाया गया है, जिसमें वैश्विक व्यापार में जारी व्यवधानों के कारण विशेष आर्थिक क्षेत्रों (एसईजेड) में विनिर्माण इकाइयों द्वारा सामना की जा रही चिंताओं को दूर करने का प्रावधान है।

इसे केंद्रीय बजट की घोषणा को सीमा शुल्क अधिनियम, 1962 की धारा 25 के तहत जारी छूट अधिसूचना के माध्यम से लागू किया जा रहा है, जो विशेष आर्थिक इकाइयों द्वारा घरेलू टैरिफ क्षेत्र को भेजे गए निर्मित माल पर लागू होगी और 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेगी (अधिसूचना संख्या 11/2026-सीमा शुल्क दिनांक 31.03.2026 )।

इस राहत योजना के अंतर्गत पात्र विशेष आर्थिक इकाइयों के लिए रियायती दरों का निर्धारण करते समय, घरेलू टैरिफ क्षेत्र में कार्यरत इकाइयों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने का पूरा ध्यान रखा गया है।

इस राहत योजना के तहत, जिन वस्तुओं पर वर्तमान में सीमा शुल्क 30 प्रतिशत से 40 प्रतिशत के बीच में है अब 20 प्रतिशत का सीमा शुल्क लगेगा।

ट्रंप के ईरान से हटने के संकेत के बाद कच्चातेल वायदा भाव लगभग 3 प्रतिशत टूटकर 9,265 रुपये प्रति बैरल पर

वायदा कारोबार में बुधवार को कच्चे तेल की कीमतें 3 प्रतिशत से ज़्यादा टूटकर 9,265 रुपये प्रति बैरल रह गईं, जहां इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सेना दो से तीन हफ़्तों में ईरान पर अपना हमला खत्म कर सकती है, जिसके बाद निवेशकों ने मुनाफ़ावसूली की।

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में कच्चा तेल के अप्रैल माह में डिलिवरी होने वाला अनुबंध 302 रुपये या 3.16 प्रतिशत की गिरावट के साथ 9,265 रुपये प्रति बैरल रह गया।

इसी प्रकार, कच्चा तेल के मई माह में डिलिवरी होने वाला अनुबंध 320 रुपये या 3.56 प्रतिशत की गिरावट के साथ 8,661 रुपये प्रति बैरल रह गया।

विश्लेषकों ने कहा कि सत्र के दौरान कच्चे तेल की कीमतों पर बिकवाली का दबाव रहा, क्योंकि कारोबार में सतर्कता का रुख था।

चॉइस ब्रोकिंग की कमोडिटी विश्लेषक कावेरी मोरे ने कहा कि बुधवार के सत्र में कच्चे तेल की कीमतों पर बिकवाली का दबाव रहा, क्योंकि पश्चिम एशिया में लगातार तनाव के बावजूद बाज़ार में सतर्कता का माहौल बन गया था।

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