महंगाई की बोझ से और दबेगा आम आदमी! GST की दरें बढ़ा सकती है मोदी सरकार, कीमतों में होगी बढ़ोतरी

इस समय में GST के टैक्स स्लैब में चार दरें- 5%, 12%, 18% और 28% हैं। आवश्यक वस्तुओं को इस टैक्स से छूट है या सबसे निचले स्लैब में रखा है। लग्जरी चीजों पर सबसे ऊंची टैक्स स्लैब में रखा गया है।

फोटो: Getty Images
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देश की आम जनता पर महंगाई की बोझ और बढ़ने वाली है। मोदी सरकार जीएसटी स्लैब को बढ़ाने वाली है। खबरों के मुताबिक, जीएसटी काउंसिल की होने वाली अगली बैठक में सबसे कम टैक्स स्लैब को 5 फीसदी से बढ़ाकर 8 फीसदी किया जा सकता है। जिसके बाद आने वाले दिनों में खाद्य तेल, मसाले, चाय, कॉफी, चीनी, मिठाई और इंसुलिन जैसी जीवन रक्षक दवाओं समेत तमाम चीजें महंगी हो सकती हैं।

इस समय में GST के टैक्स स्लैब में चार दरें- 5%, 12%, 18% और 28% हैं। आवश्यक वस्तुओं को इस टैक्स से छूट है या सबसे निचले स्लैब में रखा है। लग्जरी चीजों पर सबसे ऊंची टैक्स स्लैब में रखा गया है।


इनके बढ़ेंगे दाम

वहीं अब जीएसटी काउंसिल न्यूनतम टैक्स स्लैब की दरों को बढ़ाने का सुझाव देकर आम आदमी के लिए मुसीबतों में इजाफा कर रहा है। खाद्य तेल, मसाले, चाय, कॉफी, चीनी, मिठाई, काजू, इंसुलिन जैसी जीवन रक्षक ड्रग्स व मेडिसिन, सिक्के-पदक, बर्फ, वॉकिंग स्टिक, दिव्यांगों के काम आने वाली एक्सेसरीज, अप्लायंससेस, बायोगैस, फर्टिलाइजर्स, अगरबत्ती, कोयला, फ्लाई एश ब्लॉक्स, संगमरमर का मलबा, मैटिंग, कॉयर मैट्स और फ्लोर कवरिंग, ईंधन खर्च के बिना मोटर कैब किराए पर लेना, एसी वाहनों, रेडियो टैक्सियों से ट्रांसपोर्ट सर्विसेस, प्रिंट मीडिया एडवर्टाइजिंग स्पेस के दाम बढ़ सकते हैं। इस समय अनपैक्ड, अनब्रांडेड खाद्य और डेयरी वस्तुओं को जीएसटी से छूट दी गई है।

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