अर्थव्यवस्था पर कोरोना की मार से सरकार बेहाल, 11 साल के निचले स्तर पर इकोनॉमी, GDP 4.2 फीसदी पर सिमटी

जीडीपी ग्रोथ दर मार्च तिमाही में 3.1 फीसदी तक गिर गई । सांख्यिकी विभाग की ओर से जारी डेटा के मुताबिक वित्त वर्ष में जीडीपी वृद्धि दर महज 4.2 पर्सेंट रही, जबकि पिछले साल यह दर 6.1 पर्सेंट रही थी।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

कोरोना वायरस की मार सबसे ज्यादा अर्थव्यवस्था पर पड़ी है। भारत की वित्त वर्ष 2019-20 के दौरान ग्रोस डोमेस्टिक प्रोडेटक यानी जीडीपी 4.2 फीसदी रही है। वहीं चौथी तिमाही में यह केवल 3.1 फीसदी ही रही है। जीडीपी के यह आंकड़े सरकार की तरफ से आज यानी 29 मई 2020 को जारी किए गए हैं। बता दें कि जनवरी में सरकार ने कहा था कि वित्त वर्ष 2019-20 के लिए एडवांस जीडीपी का ग्रोथ रेट 5 फीसदी रहने का अनुमान है। लेकिन ताजा आंकड़े बताते हैं कि सरकार के अनुमान में 0.8 फीसदी कम है।

आंकड़ों के अनुसार बीते वित्त वर्ष 2019-20 में जीडीपी की वृद्धि दर घटकर 11 साल के निचले स्तर 4.2 प्रतिशत पर पहुंच गई है

वहीं अप्रैल 2020 में 8 बुनियादी क्षेत्रों यानी कोर सेक्टर के उत्पादन में रिकॉर्ड गिरावट आई है। कोर सेक्टर ग्रोथ में अप्रैल में 38.1 फीसदी घटी है। देशभर में कोरोना वायरस के चलते किए गए लॉकडाउन की वजह से कोयला, सीमेंट, स्टील, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी, क्रूड ऑयल आदि के ग्रोथ में काफी कमी देखी गई है। इससे पहले मार्च 2020 में आठ कोर सेक्टर के उत्पादन में 9 फीसदी की गिरावट आई थी। बता दें कि आठ बुनियादी उद्योग- कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, स्टील, सीमेंट और बिजली हैं।

गौरतलब है कि कोरोना वायरस पर काबू के लिए सरकार ने 25 मार्च को लॉकडाउन की घोषणा की थी। लेकिन जनवरी-मार्च के दौरान दुनियाभर में आर्थिक गतिविधियां सुस्त रहीं, जिसका असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर भी पड़ा। आरबीआई ने 2019-20 में आर्थिक वृद्धि दर पांच प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। एनएसओ ने इस साल जनवरी फरवरी में जारी पहले और दूसरे अग्रिम अनुमान में वृद्धि दर 5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया था। वहीं कोरोना वायरस महामारी की वजह से जनवरी-मार्च, 2020 के दौरान चीन की अर्थव्यवस्था में 6.8 प्रतिशत की गिरावट आई है।

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