राज्यसभा में उठा सोने-चांदी की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि का मुद्दा, कांग्रेस सांसद बोले- महिलाओं और विवाह...
उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस सदस्य नीरज डांगी ने यह मुद्दा उठाया और कहा कि देश में सोने एवं चांदी की बेकाबू कीमतों ने ग्रामीण भारत विशेषकर महिलाओं और विवाह वाले परिवारों की कमर तोड़ कर रख दी है।

राज्यसभा में बृहस्पतिवार को कांगेस के एक सदस्य ने सोने-चांदी की कीमतों में हाल में बेतहाशा वृद्धि पर चिंता जताई और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप करने की मांग की।
उच्च सदन में शून्यकाल के दौरान कांग्रेस सदस्य नीरज डांगी ने यह मुद्दा उठाया और कहा कि देश में सोने एवं चांदी की बेकाबू कीमतों ने ग्रामीण भारत विशेषकर महिलाओं और विवाह वाले परिवारों की कमर तोड़ कर रख दी है।
उन्होंने कहा कि पिछले 13 महीनों में यानी दिसंबर 2024 से जनवरी 2026 के बीच भारत में चांदी की कीमतों में करीब 306 प्रतिशत और सोने की कीमतों में 111 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि भारत में सोना-चांदी नारी की सुरक्षा, आत्मसम्मान और पारिवारिक भविष्य से जुड़ा है और ऐसे देश में इनकी कीमतों में इस कदर बेलगाम वृद्धि सरकार की गंभीर नीतिगत और आर्थिक असफलता को दर्शाता है।
डांगी ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में कई परिवार शादी के मौके पर न्यूनतम आभूषण भी नहीं खरीद पा रहे हैं, कई मध्यमवर्गीय परिवारों ने विवाह को टाल दिया है। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक ओर सरकार महिला सशक्तीकरण की बात कर रही है, दूसरी ओर उच्च आयात शुल्क, भारी जीएसटी, सट्टेबाजों और जमाखोरों पर लगाम नहीं लगाकर महिलाओं की बचत को लगातार मूल्यहीन बना रही है।
उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वर्तमान नीतियों में आम महिलाओं को सजा मिल रही है वहीं जमाखोरों को संरक्षण मिल रहा है। उन्होंने मांग की कि मौजूदा स्थिति को देखते हुए सरकार तुरंत हस्तक्षेप करे और सट्टेबाजों एवं जमाखोरों के खिलाफ कार्रवाई करे।
शून्यकाल में ही सीपीएम सदस्य वी शिवदासन ने देश में शिक्षा क्षेत्र को बढ़ावा देने की मांग की वहीं उनकी ही पार्टी के जॉन ब्रिटास ने हवाई किरायों को नियंत्रित करने तथा हवाई यात्रा को सुरक्षित बनाने की मांग की। उन्होंने हवाई यात्रियों के हितों की रक्षा किए जाने की मांग करते हुए कहा कि देश के हवाई यातायात क्षेत्र में कुछ कंपनियों का एकाधिकार है।
पीटीआई के इनपुट के साथ
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