अर्थ जगत की 5 बड़ी खबरें: लॉकडाउन से देश को हो सकता है 9 लाख करोड़ का नुकसान, टेलीकॉम सेक्टर में फेसबुक की एंट्री!

देश की इकोनॉमी बुरे दौर से गुजर रही है। इस बीच, देश में 21 दिन के लॉकडाउन का ऐलान किया गया है। इस लॉकडाउन की वजह से इकोनॉमी को 120 अरब डॉलर (करीब नौ लाख करोड़ रुपये) का नुकसान हो सकता है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

लॉकडाउन का असर देश की इकोनॉमी पर, 9 लाख करोड़ का हो सकता है नुकसान

देश की इकोनॉमी बुरे दौर से गुजर रही है। इस बीच, देश में 21 दिन के लॉकडाउन का ऐलान किया गया है। इस लॉकडाउन की वजह से इकोनॉमी को 120 अरब डॉलर (करीब नौ लाख करोड़ रुपये) का नुकसान हो सकता है। यह हिसाब बार्कलेज बैंक ने अपनी एक रिसर्च रिपोर्ट में लगाया है। नुकसान भारत के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के चार प्रतिशत के बराबर है। बार्कलेज ने कहा, ‘‘हमारा अनुमान है कि राष्ट्रव्यापी बंदी की कीमत करीब 120 अरब डॉलर यानी जीडीपी के चार प्रतिशत के बराबर रह सकती है।’’ कंपनी ने कहा कि केंद्र सरकार की तीन सप्ताह की बंदी से ही 90 अरब डॉलर का नुकसान होगा। इसके अतिरिक्त महाराष्ट्र जैसे कई राज्य पहले ही बंदी कर चुके हैं, उससे भी नुकसान होगा। इसके साथ ही बार्कलेज ने वित्त वर्ष 2020-21 के लिए वृद्धि दर के अनुमान में 1.7 प्रतिशत की कटौती कर दिया है।

भारत के टेलीकॉम सेक्टर में होगी फेसबुक की एंट्री!

सोशल मीडिया की दिग्गज बहुराष्ट्रीय कंपनी फेसबुक भारत के दिग्गज ग्रुप रिलायंस इंडस्ट्रीज की टेलीकॉम कंपनी रिलायंस जियो में 10 फीसदी हिस्सेदारी खरीद सकती है। एक अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अखबार के मुताबिक दोनों समूह जल्दी ही समझौता कर सकते हैं। लंदन के अखबार फाइनेंशियल टाइम्स के अनुसार, मार्क जकरबर्ग के नेतृत्व वाली कंपनी फेसबुक जल्दी ही मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाले जियो में 10 फीसदी हिस्सेदारी के लिए एक प्रारंभिक समझौता कर सकती है। यह सौदा अरबों डॉलर का हो सकता है। रिलायंस जियो के पास भारत में करीब 37 करोड़ ग्राहकों का आधार है। एनालिस्ट बर्नसटीन ने इस कंपनी का वैल्युएशन करीब 60 अरब डॉलर का किया है यानी इसकी 10 फीसदी हिस्सेदारी का सौदा करीब 6 अरब डॉलर में हो सकता है।

अमेरिकी कंपनी ने चीन पर ठोका 20 ट्रिलियन डॉलर का मुकदमा, जानबूझकर कोरोना वायरस फैलाने का आरोप

दुनिया भर में कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए अमेरिका की एक कंपनी चीन सरकार पर 20 ट्रिलियन डॉलर हर्जाने का मुकदमा ठोक दिया है। इस कंपनी का आरोप है कि चीन ने इस वायरस का प्रसार एक जैविक हथियार के रूप में किया है। अमेरिका के टेक्सास की कंपनी बज फोटोज, वकील लैरी क्लेमैन और संस्था फ्रीडम वाच ने मिलकर चीन सरकार, चीनी सेना, वुहान इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी, वुहान इंस्टीट्यूट के डायरेक्टर शी झेनग्ली और चीनी सेना के मेजर जनरल छेन वेई के खिलाफ यह मुकदमा किया है।

सेंसेक्स 1862 अंक चढ़ा, निफ्टी 517 अंक उपर बंद

विदेशी बाजारों से मिले मजबूत संकेतों से भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को जोरदार रिकवरी आई और सेंसेक्स 1862 अंकों की तेजी के साथ 28536 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 517 अंकों की तेजी के साथ 8318 पर बंद हुआ। कोरोना के प्रकोप से मची तबाही से उबरने के लिए भारत समेत दुनिया के अन्य देशों की सरकारों द्वारा राहत पैकेज की घोषणा की उम्मीदों से शेयर बाजारों में तेजी लौटी है। उतार-चढ़ाव के बीच बीएसई का प्रमुख संवेदी सूचकांक सेंसेक्स पिछले सत्र से 1,861.75 अंकों यानी 6.98 फीसदी की तेजी के साथ 28,535.78 पर बंद हुआ। एनएसई का प्रमुख संवेदी सूचकांक निफ्टी भी 516.80 अंकों यानी 6.62 फीसदी की तेजी के साथ 8,317.85 पर बंद हुआ।

कोरोना को लेकर ट्रंप का ऐतिहासिक ऐलान- हर युवा को 1200 और बच्चे को 500 डॉलर देंगे

जानलेवा कोरोना वायरस पूरी दुनिया में फैल चुका है, लेकिन कुछ देशों की स्थिति बेहद खराब है। तमाम देशों में कोरोना संक्रमित लोगों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। इनमें से एक देश अमेरिका भी है। अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस महामारी को रोकने के लिए अमेरिकी इतिहास के सबसे बड़े आर्थिक पैकेज का ऐलान कर दिया है। ट्रंप प्रशासन ने 2 लाख करोड़ डॉलर के ऐतिहासिक पैकेज का ऐलान किया है। इस आर्थिक पैकेज में अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए एक रकम तय की है. हर अमेरिकी युवा को 1200 डॉलर मिलेगा, जबकि हर बच्चे को 500 डॉलर दिया जाएगा। ट्रंप सरकार ये आर्थिक मदद लाभार्थियों के खाते में सीधे डालेगी।

कोरोना से लड़ने के लिए अमेरिकी व्हाइट हाउस ने यह फैसला लिया है, जिस पर डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं ने भी सहमति जताई है। अमेरिका का कहना है कि इस मदद से बिजनेस, वर्कर्स और हेल्थ केयर सिस्टम को सपोर्ट मिलेगा।

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