अर्थ जगत की 5 बड़ी खबरें: ट्रेन 18 प्रोजेक्ट में चीनी कंपनी को शामिल करने पर सवाल और टमटार हुआ लाल

टमाटर की महंगाई थमने का नाम नहीं ले रहा है। थोक बाजार में आवक बढ़ने के बावजूद टमाटर का भाव कम नहीं हो रहा है। कैट ने मांग की है कि ट्रेन 18 परियोजना के लिए वैश्विक निविदा में भाग लेने के लिए चीन के स्वामित्व वाली कम्पनी सीआरआरसी कॉपोर्रेशन को भाग न लेने दिया जाए।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

थम नहीं रही टमाटर की महंगाई, आवक बढ़ने पर भी बढ़ा दाम

टमाटर की महंगाई थमने का नाम नहीं ले रहा है। थोक बाजार में आवक बढ़ने के बावजूद टमाटर का भाव कम नहीं हो रहा है। देश की राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाकों में टमाटर का खुदरा भाव 80 रुपये प्रति किलो हो गया है। टमाटर की महंगाई पर लगाम लगाने के लिए शायद सरकार भी अब कोई उपाय नहीं करने वाली है क्योंकि टमाटर, प्याज, आलू जैसे कृषि उत्पादों को आवश्यक वस्तु अधिनियम से हटा दिया गया है।

केंद्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री राम विलास पासवान के मुताबिक, किसानों को उनके उत्पादों का उचित दाम दिलाने के मकसद से इन कृषि उत्पादों को आवश्यक वस्तु अधिनियम से हटाया गया। केंद्रीय मंत्री ने एक दिन पहले एक प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि बरसात के दिनों में अक्सर उत्पादक क्षेत्रों में इन कृषि उत्पादों की कीमतें कम रहती थीं जबकि शहरों में इनके दाम बढ़ जाते थे। कारोबारी बताते हैं कि इस बार बरसात के साथ-साथ डीजल के दाम में हुई वृद्धि भी एक बड़ी वजह है जिसके कारण आवक बढ़ने के बावजूद टमाटर का दाम कम नहीं हो रहा है।

ईडी का टूर और ट्रैवल कंपनियों पर छापेमारी, 3.57 करोड़ रुपये जब्त

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने दिल्ली और गाजियाबाद में आठ अलग-अलग स्थानों पर छापे के दौरान कई टूर और ट्रैवल कंपनियों के निदेशकों से 3.5 करोड़ रुपये जब्त किए हैं। एजेंसी ने शनिवार को यह जानकारी दी। केंद्रीय जांच एजेंसी ने शनिवार को कहा कि उसने विदेशी विनिमय प्रबंधन कानून (फेमा) के तहत गुरुवार को दिल्ली और गाजियाबाद में आठ स्थानों पर छापेमारी की।

कई टूर और ट्रैवल कंपनियों के निदेशकों के निवास और कार्यालयों के अलावा ईडी ने उनके चार्टर्ड एकाउंटेंट के घरों और कार्यालयों में भी छापेमारी की। इस दौरान ईडी ने 3.57 करोड़ रुपये नकद और कुछ आपत्तिजनक दस्तावेज और डिजिटल रिकॉर्ड जब्त किया है। एजेंसी ने कहा कि उसे इस बात की सूचना मिली थी कि ये इकाइयां विदेशियों को ई-वीजा सेवाएं प्रदान करने के नाम पर पेमेंट गेटवे के जरिये विदेश से अनधिकृत तरीके से धन प्राप्त कर रही हैं।

ट्रेन 18 प्रोजेक्ट में चीनी कंपनी को शामिल न करें : कैट

चीनी वस्तुओं के बहिष्कार के अपने राष्ट्रीय अभियान 'भारतीय सामान हमारा अभिमान' के तहत कॉन्फेडरेशन ऑफ आल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने शनिवार को केंद्रीय रेल मंत्री पीयूष गोयल को एक पत्र भेजकर मांग की है कि भारतीय रेलवे के सेमी हाई स्पीड स्वदेशी ट्रेन 18 परियोजना के लिए वैश्विक निविदा में भाग लेने के लिए चीन के स्वामित्व वाली कम्पनी सीआरआरसी कॉपोर्रेशन को भाग न लेने दिया जाए। 44 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों के लिए इस परियोजना का कुल मूल्य 1500 करोड़ रुपये से अधिक है।

कैट के राष्ट्रीय अध्यक्ष बी सी भरतिया ने गोयल को भेजे पत्र में कहा, "चीन की कम्पनी सीआरआरसी कॉपोर्रेशन गुड़गांव स्थित एक फर्म के साथ एक संयुक्त उद्यम के साथ उक्त रेलों की प्रणोदन प्रणाली या इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन की खरीद के लिए जारी टेंडर में छह दावेदारों में से एक है। 44 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन या ट्रेन के लिए किट चूंकि भारतीय रेलवे की यह परियोजना प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया आवाहन का एक हिस्सा है, इसलिए इस तथ्य और वर्तमान में चल रही परिस्थितियों को देखते हुए चीनी कम्पनी को इस परियोजना में भाग नहीं लेने देना चाहिए बल्कि इस रेल परियोजना के लिए किसी भारतीय कंपनियों पर ही रेल मंत्रालय को अधिक जोर दिया जाना चाहिए।"

13.3 इंच मैकबुक प्रो एप्पल सिलिकॉन चिप के साथ पेश होने वाली पहली डिवाइस

प्पल अपने मैक कम्प्यूटर्स के लिए इंटेल प्रोसेसर से खुद को अपने यहां उत्पादित सिलिकॉन चिप्स की ओर स्थानांतरित कर रही है, कंपनी की गतिविधियों पर करीब से नजर रखने वाले प्रसिद्ध विश्लेषक मिंग-ची कुओ कहते हैं कि 13.3 इंच मैकबुक प्रो मौजूदा 13.3 इंच डिवाइस की ही तरह होगा, हालांकि यह पहला ऐसा डिवाइस होगा ,जो एप्पल द्वारा डिजाइन किए गए आर्म-बेस्ड सिलिकॉन चिप के साथ उपलब्ध होगा। टीएफ इंटरनेशनल सिक्योरिटीज के साथ एक रिसर्च नोट में कुओ ने कहा कि एप्पल सिलिकॉन चिप वाले 13.3 इंच मैकबुक प्रो के बड़े पैमाने पर उत्पादन की शुरूआत साल की चौथी तिमाही में होगी।

कुओ ने इस बात की भी भविष्यवाणी की कि एप्पल के चाहने वाले आर्म-बेस्ड मैकबुक को या तो इस साल के अंत तक या अगले साल की शुरूआत तक देखने में सक्षम हो सकेंगे।

आईएमएफ, विश्व बैंक की वार्षिक बैठकें वर्चुअल होंगी

अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) और विश्व बैंक समूह की 2020 की वार्षिक बैठकें कोरानावायरस महामारी के कारण वर्चुअल प्रारूप में आयोजित की जा सकती हैं। दोनों संस्थानों के नेताओं ने इसकी घोषणा की है। आईएमएफ की प्रबंध निदेशक क्रिस्टालिना जॉर्जीवी और विश्व बैंक स्मूह के अध्यक्ष डेविड मालपास ने कहा है कि वे मौजूदा वैश्विक स्वास्थ्य संकट के कारण 12-18 अक्टूबर तक प्रस्तावित वार्षिक बैठकों को प्राथमिक रूप से वर्चुअल प्रारूप में आयोजित किए जाने की सिफारिश करते हैं।

समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, बयान में कहा गया है, "हम फिलहाल एक वर्चुअल परिदृश्य के लिए तैयारी कर रहे हैं, लेकिन हम घटनाक्रम के अनुरूप बैठकों के प्रारूप को लेकर लचीला बने रहेंगे और हमारी सदस्यता की जरूरतों को समाहित करने के लिए अपने कार्यकारी बोर्ड के साथ परामर्श कर काम करेंगे।"

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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