अर्थ जगत की खबरें: शेयर बाजार लाल निशान में बंद और करोड़ों रुपये का चूना लगा रहीं फर्जी ईवी वेबसाइटें

फरवरी में विनिर्माण गतिविधि में आई तेजी की सकारात्मक खबर के बावजूद कमजोर वैश्विक संकेत से हतोत्साहित निवेशकों ने जमकर बिकवाली की, जिससे बुधवार को घरेलू शेयर बाजार गिरावट में बंद हुए।

फोटो: IANS
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नवजीवन डेस्क

शेयर बाजार दिनभर की उठापटक के बाद लाल निशान में बंद

फरवरी में विनिर्माण गतिविधि में आई तेजी की सकारात्मक खबर के बावजूद कमजोर वैश्विक संकेत से हतोत्साहित निवेशकों ने जमकर बिकवाली की, जिससे बुधवार को घरेलू शेयर बाजार गिरावट में बंद हुए। बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1.4 प्रतिशत यानी 778 अंक की गिरावट में 55,468 अंक पर और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 1.1 प्रतिशत यानी 188 अंक की गिरावट में 16,606 अंक पर बंद हुआ।

कमजोर वैश्विक रुख, कच्चे तेल की कीमतों में तूफानी तेजी, रूस-यूक्रेन युद्ध जैसे कारकों से निवेशकों का उत्साह ठंडा रहा। हालांकि दोपहर बाद जारी विनिर्माण गतिविधि के सूचकांक से बाजार में थोड़ी देर के लिए सकारात्मकता आई, लेकिन यह निवेश धारणा को मजबूत करने में कामयाब नहीं रहा।

बीएसई में बुधवार को 1,692 कंपनियों के शेयरों में तेजी और 1,652 कंपनियों के शेयरों के दाम में गिरावट रही। सेंसेक्स की 30 में से सात कंपनियां तेजी में और 23 लाल निशान में रहीं।

भारतीय ग्राहकों को करोड़ों रुपये का चूना लगा रहीं फर्जी ईवी वेबसाइटें : रिपोर्ट

भारत में इलेक्ट्रिक वाहन के वितरकों और ग्राहकों को लक्ष्य करके व्यापक पैमाने पर गूगल ऐड के जरिये फिशिंग कैम्पेन चलाया जा रहा है और लोगों को इससे अब तक चार से आठ करोड़ रुपये का चूना लग चुका है। सिक्योरिटी फर्म क्लाउडसेक ने बुधवार को बताया कि उसने एक ऐसे कैम्पेन का पर्दाफाश किया है, जिसमें गूगल ऐड का इस्तेमाल करके ग्राहकों से फर्जी वेबसाइट पर इलेक्ट्रिक वाहन की बुकिंग और डाउन पेमेंट के रूप में दो से चार लाख रुपये लिए जाते हैं।

कंपनी के मुताबिक इस हेराफेरी में लिप्त लोग गूगल ऐड के जरिये संभावित ग्राहकों को फिशिंग साइट यानी फर्जी वेबसाइट पर ले जाते हैं।

धोखाधड़ी करने वाले असली कंपनी के नाम से मिलताजुलता डोमेन नेम पंजीकृत कराते हैं और फिर उसके लिए गूगल ऐड देते हैं। ये लोग एसईओ यानी सर्च इंजन आप्टिमाइजेशन को भी चकमा देते हैं, यानी इंटरनेट पर कंपनी के बारे में सर्च करने पर फर्जी वेबसाइट को असली वेबसाइट के मुकाबले ज्यादा तरजीह दी जाती है।


रूस-यूक्रेन युद्ध : आपूर्ति संकट की आशंका से कच्चा तेल आठ साल के उच्चतम स्तर पर पहुंचा

रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण आपूर्ति संकट की आशंका से अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल बुधवार को आठ साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। रूस पर लगाये गये प्रतिबंधों का असर कच्चे तेल की कीमतों पर भी पड़ रहा है। पश्चिमी देशों ने हालांकि रूस के कच्चे तेल के निर्यात पर प्रत्यक्ष प्रतिबंध नहीं लगाया है, लेकिन उस पर लगाये अन्य आर्थिक प्रतिबंध कच्चे तेल की कीमतों को आसमान चढ़ा रहे हैं। इसके अलावा रूस का तेल निर्यात भी प्रतिबंध के दायरे में आ सकता है, इसकी आशंका से भी कच्चे तेल को बल मिला है।

अंतराष्ट्रीय बाजार में लंदन का ब्रेंट क्रूड बुधवार को पांच प्रतिशत की छलांग लगाकर 111 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गया, जो जुलाई 2014 के बाद का उच्चतम स्तर है।

अमेरिकी क्रूड भी करीब पांच फीसदी की तेजी से 108 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया, जो सितंबर 2013 के बाद का उच्चतम स्तर है।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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