अर्थतंत्र

पेटीएम वाले विजय शेखर शर्मा का ई-कॉमर्स सपना चकनाचूर, कंपनी को करीब 2000 करोड़ रुपए का नुकसान   

भारत का ई-कॉमर्स बाजार लगातार बढ़ रहा है। 2017 में यह बाजार 24 अरब डॉलर का था, वो 2021 तक 84 अरब डॉलर का बनने वाला है। इसके बावजूद भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में पेटीएम मॉल की हिस्सेदारी घटती जा रही है।

फोटो: IANS

आईएएनएस

दो साल पहले ही पेटीएम के संस्थापक और सीईओ विजय शेखर शर्मा ने भारत में पैर पसार रहे ई-कॉमर्स के क्षेत्र में अपनी पारी की शुरुआत की थी। विजय शेखर शर्मा इस बात से आश्वस्त थे कि स्मार्टफोन का इस्तेमाल करने वालों की बढ़ती आबादी का उनको फायदा मिलेगा। नई कंपनी की शुरुआत मूल कंपनी पेटीएम-वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड की ही हिस्सेदारी से हुई और पेटीएम मॉल ने अलीबाबा, सॉफ्टबैंक और सैफ पार्टनर्स से 65 करोड़ डॉलर की रकम जुटाई।

ऑनलाइन-टू-ऑफलाइन बाजार की पुरोधा कंपनी अलीबाबा को जल्द ही मालूम हो गया कि ग्राहकों को लुभाने के लिए कैशबैक एक अल्पकालीन रणनीति है और इससे शर्मा को पेटीएम मॉल को भारत के उभरते ई-कॉमर्स बाजार में तीसरी बड़ी ताकत बनने में मदद नहीं मिलने वाली है।
हुई भी वैसा ही वित्त वर्ष 2018 में पेटीएम मॉल का घाटा बढ़ गया और कंपनी को करीब 1,800 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ।

फोरेस्टर रिसर्च के अनुसार, पेटीएम की बाजार हिस्सेदारी 2018 में पिछले साल से घटकर करीब आधी रह गई। मतलब 2017 में जहां कंपनी की बाजार हिस्सेदारी 5.6 फीसदी थी वह 2018 में घटकर तीन फीसदी रह गई।


जबकि भारत का ई-कॉमर्स बाजार लगातार बढ़ रहा है। 2017 में यह बाजार 24 अरब डॉलर का था, वो 2021 तक 84 अरब डॉलर का बनने वाला है। इसके बावजूद भारतीय ई-कॉमर्स बाजार में पेटीएम मॉल की हिस्सेदारी घटती जा रही है।

हालांकि शर्मा फिर भी आशावादी हैं और भारी स्पर्धा के बावजूद पेटीएम मॉल चलाना चाहते हैं जबकि विश्लेषक इसे आखिरी दौर में देख रहे हैं और उनका मानना है कि शर्मा को अब डिजिटल भुगतान बाजार पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए जिस पर अलीबाबा का हमेशा जोर रहा है।

इस संबंध में पेटीएम से संपर्क करने की कई बार कोशिश की गई। ईमेल और फोन के अलावा वन97 कम्युनिकेशंस लिमिटेड के नोएडा सेक्टर-5 स्थित दफ्तर का व्यक्तिगत तौर पर दौरा करने के बाद भी कंपनी की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिल पाई।

साइबर मीडिया रिसर्च के प्रमुख और सीनियर वाइस प्रेसिडेंट थॉमस जॉर्ज के अनुसार, पेटीएम के सामने इस समय कई चुनौतियां हैं। जॉर्ज ने न्यूज एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में कहा, "बाजार हिस्सेदारी के मामले में ई-कॉमर्स क्षेत्र की दो बड़ी कंपनियों के मुकाबले पेटीएम काफी पीछे है। इस क्षेत्र की शीर्ष कंपनियों की हिस्सेदारी जहां 30 फीसदी से ऊपर है वहां पेटीएम की हिस्सेदारी एकल अंक में है। साथ ही, बाजार की अग्रणी कंपनियों के सेवा मानक भी काफी प्रशंसनीय हैं।"

जॉर्ज ने कहा, "पेटीएम मॉल का मुख्य काम पेमेंट वालेट कस्टमर बेस है, जिसमें अपेक्षित बढ़ोतरी नहीं हो रही है।" पेटीएम पेमेंट बैंक का नजरिया भी जांच के घेरे में है।

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