मध्य प्रदेश चुनाव: जीत के लिए नवरात्रि पर देवी को खुश करने में लगे नेता, चोरी-छिपे करवा रहे तांत्रिक अनुष्ठान

धूमावती देवी का अनुष्ठान किसी को खुश करने, करीब लाने या दो लोगों में दूरियां बढ़ाने के लिए किया जाता है। चुनाव में राजनेता अपनी जीत के लिए अनुष्ठान करने में पीछे नहीं रहते और इस बार चुनाव से पहले नवरात्रि है, इसलिए गुप्त तौर पर अनुष्ठान कराए जा रहे हैं।

मध्य प्रदेश चुनाव में जीत के लिए नेता नवरात्रि पर चोरी-छिपे करवा रहे तांत्रिक अनुष्ठान
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नवजीवन डेस्क

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मध्य प्रदेश विधानसभा चुनाव में जीत के लिए उम्मीदवार तरह-तरह के दांव खेल रहे हैं। कई उम्मीदवार तो देवी-देवताओं को मनाने में भी पीछे नहीं हैं। दतिया की पीतांबरा पीठ में तो नवरात्रि के मौके पर अनुष्ठान का दौर चल रहा है। कई नेता तो जीत के लिए तांत्रिक अनुष्ठान भी करवा रहे हैं।

दरअसल दतिया के पीतांबरा पीठ में धूमावती देवी का अनुष्ठान किसी को खुश करने, अपने करीब लाने या दो लोगों में दूरियां बढ़ाने के लिए किया जाता है। चुनाव के मौके पर राजनेता अपनी जीत के लिए अनुष्ठान करने में पीछे नहीं रहते और इस बार चुनाव से पहले नवरात्रि है, इसलिए राजनेताओं ने गुप्त तौर पर अनुष्ठान कराए हैं।


पीतांबरा पीठ से जुड़े लोगों का कहना है कि खुले तौर पर तो कोई तांत्रिक अनुष्ठान नहीं करवाता है। मगर, अपनी मनोकामना पूरी करने के लिए तमाम लोग अनुष्ठान करवाते हैं। धूमावती ऐसी देवी हैं, जहां किए गए अनुष्ठान में लोगों को सफलता मिलती है। कहा तो यहां तक जाता है कि 1962 के चीन युद्ध के समय युद्ध विराम के लिए भी यहां अनुष्ठान हुआ था और 1971 में भी भारत-पाक युद्ध के समय अनुष्ठान कराया गया था।

जानकारों की माने तो राजनेता भी दो लोगों के बीच या दो राजनेताओं के बीच दूरी बढ़ाने के लिए यहां अनुष्ठान करते हैं या फिर दो के बीच करीबी बढ़ाने के लिए भी अनुष्ठान कराए जाने की मान्यता है। इसी तरह राजनेता चुनाव जीतने के लिए भी अनुष्ठान करवाते हैं। यही कारण है कि नवरात्रि पर खास अनुष्ठानों का दौर चला।

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