हुनर को खांचों में डालना भारतीय खासियत, लेकिन कृपया फहाद फाजिल का अपमान मत करिए

प्रमुख न्यूज वेबसाइट thelallantop.com ने फहाद फाजिल की तुलना इरफान खान से की और उन्हें ‘दक्षिण का इरफान’ कहा। यह बिल्कुल उसी तरह से है कि हम रजनीकांत को दक्षिण का अमिताभ बच्चन कहें या फिर अमिताभ बच्चन को उत्तर का रजनीकांत।

फोटो: सोशल मीडिया
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सुभाष के झा

प्रमुख न्यूज वेबसाइट thelallantop.com ने फहाद फाजिल की तुलना इरफान खान से की और उन्हें ‘दक्षिण का इरफान’ कहा। यह बिल्कुल उसी तरह से है कि हम रजनीकांत को दक्षिण का अमिताभ बच्चन कहें या फिर अमिताभ बच्चन को उत्तर का रजनीकांत। यह उस तीव्र अंधभक्ति को प्रदर्शित करता है जिससे उत्तर भारत के अधिकतर मनोरंजन आउटलेट पीड़ित हैं।

वर्षों पहले वे कमल हासन को दक्षिण का नसीरुद्दीन शाह कहते थे। मैं स्क्रीन पर उनके रूपांतरण की कल्पना कर सकता हूं। लेकिन प्रतिभाशाली नसीर को उत्तर का कमल हासन क्यों नहीं कहा गया? या फिर बेहतर तो यह है कि किसी भी दो कलाकारों की तुलना क्यों की जानी चाहिए? क्या हम वीथोवेन की तुलना मोजार्ट से करते हैं?

या फिर मिशेल ओबामा की तुलना हिलेरी क्लिंटन से करते हैं? यह भारतीय खासियत है कि हम हुनर को खांचों में डाल देते हैं और फिर उनकी तुलना करते हैं। भारतीय मनोरंजन उद्योग में बहुत-सी समानताएं होने के बावजूद फहाद फाजिल को दक्षिण का इरफान कहना एक बहुत ही छोटी बात है। वास्तव में यह दोनों ही लीजेंडरी कलाकारों का अपमान है। इरफान के व्यक्तित्व और उनके काम की किसी भी प्रकार से फहाद के साथ तुलना नहीं की जा सकती है। वे अलग-अलग भू-राजनीतिक और भावनात्मक स्पेस में काम करते हैं। ‘महेशइंते प्रथिकाराम’, ‘वारातन’, ‘ज्ञान प्रकाशन’ और ‘कुंबलंगी नाइट्स’ जैसी फिल्मों में फहाद के अभिनय में हमें एक बहुत ही अतिसूक्ष्म और शानदार रेंज देखने को मिलती है जो दक्षिण भारत के किसी अन्य कलाकार के अभिनय में देखने को नहीं मिलती, सिवाय निविन पॉली के। वह तो मानो किसी भी भूमिका को निभा सकते हैं। जैसा कि हम जल्द ही रिलीज होने वाली उनकी फिल्म ‘मल्लिक’ के ट्रेलर में देखते हैं जिसमें उन्होंने सांप्रदायिक अलगाव जैसे खतरनाक विषय को लिया है।


बहुत ही विनम्रता के साथ फहाद मुझे बताते हैं कि, “मैं तो बहुत थोड़ी-सी ही चीजें कर पाता हूं। यह तो हमेशा से अपने अंदर हो रही जोड़-घटाने की यात्रा है। ग्रे से व्हाइट की तरफ और व्हाइट से ब्लैक की तरफऐसी बहुत सारी चीजें हैं जिनकी मैं इच्छा करता हूं कि मैंने की होतीं। लेकिन मेरे काम को इतनी सूक्ष्मता से देखने के लिए आपका धन्यवाद। मुझे लगता है कि मैं बहुत ही भाग्यशाली हूं क्योंकि मैं वह काम कर पाया जो मैं करना चाहता था। और यह इसीलिए संभव हो पाया क्योंकि मेरी अधिकांश सफल फिल्मों का निर्माता मैं खुद ही था।”

जहां तक इरफान से तुलना का सवाल है, मैं हैरान हूं। वे दोनों ही बहुत अलग प्रकार के कलाकार हैं। मैं उनकी बहुत इज्जत करता हूं। लेकिन इसके बावजूद एक संतरे की तुलना एक सेब से की ही क्यों जाए?

यह महान मलयालम कलाकार इतना व्यस्त पहले कभी नहीं रहा। उन्होंने एक के बाद एक करके दो फिल्मों- ‘इरुल’ और ‘जोजी’ की शूटिंग की और उन्हें पूरा किया। दोनों ही फिल्में दो हफ्तों के अंतराल में ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज हो गईं। और अभी इनकी एक और फिल्म ‘मल्लिक’ थियेटर में आने वाली है।

और एक और फिल्म ‘सी यू सन’ भी थी जो लॉकडाउन के शुरुआत में डिजिटल प्लेटफॉर्म पर रिलीज हुई थी। फहाद कहते हैं कि इतनी सारी फिल्मों का एक के बाद एक रिलीज होना बस एक संयोग है। वह मानते हैं कि लॉकडाउन के दौरान शूटिंग करना बिल्कुल भी आसान नहीं था। ‘जोजी’ में शक्से पीरियन हीरो की भूमिका निभाने के लिए उनकी बहुत प्रशंसा हुई। बिना किसी हिचकिचाहट के वह स्वीकारते हैं कि ‘इरुल’ में कुछ गड़बड़ी हो गई थी। वह कहते हैं, “ ‘इरुल’ उस प्रकार उभर कर नहीं आई जैसी हमने योजना बनाई थी। बहुत सारी चीजें गलत हो गईं। मैं स्वीकारता हूं कि वह हमारी योजना के अनुसार निकल कर नहीं आई लेकिन हमारे टारगेट ऑडियंस के एक हिस्से को वह फिर भी बहुत पसंद आई।”


फहाद महसूस करते हैं कि डिजिटल और थिएटरीकल में आपस में कुछ भी समानता नहीं है। वह कहते हैं, “ ‘जोजी’ और ‘इरुल’ विशषेरूप से ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए ही बनाई गई थीं। वे सिनेमाघरों में इतना अच्छा परिणाम नहीं दे सकती थीं। मेरी अगली रिलीज ‘मल्लिक’ हमने विशषेरूप से सिनेमाघरों के लिए डिजाइन किया है। यह स्टेट-बॉर्डर पॉलिटिक्स पर है। मैं मानता हूं कि ओटीटी प्लेटफॉर्म और थियेटर की अपनी अलग-अलग पहचान है और अपनी अलगअलग यात्रा है।”

वास्तव में फहाद ‘सी यू सून’ का एक संस्करण बड़े पर्दे के लिए बनाने की योजना बना रहे हैं। वह कहते हैं, “इसे हम बिल्कुल अलग पैमाने पर ज्यादा बड़े कैनवास पर बनाएंगे और इसकी शूटिंग आउटडोर लोकेशंस पर होगी। ‘सी यू सून’ के डिजिटल संस्करण की शूटिंग पूरी तरह से इनडोर हुई थी।”

फहाद स्वीकारते हैं कि वह अपने वास्तविक जीवन में किसी टाइम लाइन को फॉलो नहीं करते। वह अब कमल हासन के साथ सह-कलाकार के रूप में काम करने के लिए बिल्कुल तैयार हैं। वह कहते हैं, “हां, यह सच है कि मैं कमल हासन के साथ पहली फिल्म में काम करने जा रहा हूं जिसका नाम है विक्रम। मुझे अपनी भूमिका और इस फिल्म के बारे में बात करने की मनाही है लेकिन मैं इस फिल्म में कोई खलनायक की भूमिका नहीं निभा रहा हूं।”

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