सिनेजीवन: राजपाल यादव को नहीं मिली जमानत और 'घूसखोर पंडत' पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

राजपाल यादव के वकील भाष्कर उपाध्याय ने बताया कि जमानत की सुनवाई को फिलहाल टालने का कारण यह है कि उन्हें दूसरी पार्टी को जवाब देना है। नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली फिल्म 'घूसखोर पंडत' को लेकर उठा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है।

फोटो: सोशल मीडिया
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नवजीवन डेस्क

चेक बाउंस केस: राजपाल यादव को नहीं मिली जमानत, 16 फरवरी को होगी अगली सुनवाई

बॉलीवुड के जाने-माने कॉमेडियन और अभिनेता राजपाल यादव लंबे समय से चल रहे चेक बाउंस मामले में तिहाड़ जेल में बंद हैं। उनकी जमानत याचिका पर गुरुवार को दिल्ली हाईकोर्ट में सुनवाई हुई, लेकिन कोर्ट ने उन्हें राहत देने से साफ इनकार कर दिया। अदालत ने मुरली प्रोजेक्ट कंपनी को नोटिस जारी किया।

अभिनेता राजपाल यादव ने शाहजहांपुर जाकर अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने के लिए जमानत की अपील की है, लेकिन कोर्ट ने अभी इस पर अंतिम निर्णय नहीं दिया है।

राजपाल यादव के वकील भाष्कर उपाध्याय ने बताया कि जमानत की सुनवाई को फिलहाल टालने का कारण यह है कि उन्हें दूसरी पार्टी को जवाब देना है।

वकील ने कहा कि जेल में जाकर राजपाल यादव से मिलने के बाद ही वे भुगतान संबंधी निर्देश प्राप्त करेंगे। जो पैसा पांच करोड़ रुपए की इन्वेस्टमेंट के रूप में लगाया गया था, उसे देने से अभिनेता ने कभी इनकार नहीं किया। पहले भी जब भुगतान की चर्चा हुई थी, तब कंपनी ने पैसे लेने से मना किया था।

भाष्कर उपाध्याय ने बताया कि 2012 के एग्रीमेंट के आधार पर मामला चल रहा है। इस दौरान राजपाल यादव ने पहले से ही तीन महीने की सजा काट ली है। राजपाल यादव को पैसे किसने दिए? इसके बारे में मैं कुछ नहीं कह सकता, क्योंकि यह पारिवारिक मामला है।

उन्होंने कहा कि फिलहाल पांच करोड़ में से ढाई करोड़ रुपए का भुगतान किया जा चुका है और सोमवार को कोर्ट में इस पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।

अलग-अलग शैलियों के गीत गाकर महसूस हुई भारतीय संगीत की असली ताकत : श्रेया घोषाल

सिनेजीवन: राजपाल यादव को नहीं मिली जमानत और 'घूसखोर पंडत' पर सुप्रीम कोर्ट सख्त

भारतीय संगीत की दुनिया में श्रेया घोषाल का नाम बेहद सम्मान के साथ लिया जाता है। पिछले दो दशकों से ज्यादा समय से श्रेया हिंदी सिनेमा के संगीत को अपनी आवाज से नए मुकाम पर पहुंचाती आई हैं।

उन्होंने कई भाषाओं में अपनी मधुर आवाज का जादू बिखेरा है। हाल के दिनों में उनके कई नए गाने रिलीज हुए हैं, जिनमें 'इंकलाबी जिद्दी', 'मातृभूमि', 'असलू सिनेमा', 'गाना गुंजूर', 'ओ माई री', और 'थलोड़ी मरायुवथेविदे नी' जैसे गीत शामिल हैं।

इनमें से किसी गाने में देशभक्ति और क्रांति का स्वर है, तो किसी में रिश्तों की कोमल भावनाएं और लोक संगीत की खुशबू है, तो वहीं किसी में आधुनिक सिनेमा की एनर्जी है।

इन गानों को लेकर श्रेया घोषाल ने कहा, ''एक के बाद एक इतने अलग-अलग तरह के गाने गाना मेरे लिए बेहद खास अनुभव रहा है। अलग-अलग भावनाओं और संगीत शैलियों के बीच लगातार काम करना यह एहसास कराता है कि भारतीय संगीत वास्तव में कितना विशाल और बहुआयामी है। हर गीत अपनी एक अलग संस्कृति और कहानी से जुड़ा होता है, लेकिन इन सबकी जड़ में भावना और कहानी ही होती है, जो सीधे दिल तक पहुंचती है।''

श्रेया ने कहा, ''एक गायक के तौर पर इतनी विविध कहानियों को आवाज देना बेहद संतोषजनक है। मैं खुद को सौभाग्यशाली मानती हूं कि मुझे ऐसे संगीत सफर का हिस्सा बनने का मौका मिला, जो भारतीय संगीत की एकता और समृद्धि को दर्शाता है। संगीत भाषा या क्षेत्र का मोहताज नहीं होता, बल्कि भावनाओं की सच्चाई ही उसे श्रोताओं से जोड़ती है।''


आदित्य पंचोली केस : एफआईआर रद्द करने की मांग पर हाईकोर्ट सख्त, अभिनेत्री को फिर भेजा नोटिस

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मुंबई में अभिनेता आदित्य पंचोली से जुड़े बहुचर्चित दुष्कर्म मामले में एक बार फिर कानूनी हलचल तेज हो गई है। इस मामले में अब बॉम्बे हाईकोर्ट ने सुनवाई की। आदित्य पंचोली ने कोर्ट से अपने खिलाफ दर्ज एफआईआर को रद्द करने की मांग की है। अदालत में हुई सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से दी गई जानकारी और कोर्ट के निर्देशों ने इस केस को एक नया मोड़ दे दिया है। 

बॉम्बे हाईकोर्ट को बताया गया कि शिकायतकर्ता अभिनेत्री अब तक पुलिस के सामने बयान दर्ज कराने के लिए उपस्थित नहीं हुई हैं। अभिनेत्री को अब तक 11 बार नोटिस भेजे जा चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद वह पेश नहीं हुई है।

इस पर अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए एक बार फिर नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है और स्पष्ट किया है कि अगली तारीख पर उनकी उपस्थिति जरूरी होगी। इस मामले की अगली सुनवाई 24 फरवरी को निर्धारित की गई है।

यह मामला मुंबई के अंधेरी वेस्ट स्थित वर्सोवा पुलिस स्टेशन में दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता अभिनेत्री ने अपनी शिकायत में गंभीर आरोप लगाए। आरोप के मुताबिक, फिल्म इंडस्ट्री में करियर के शुरुआती दौर के दौरान आदित्य पंचोली ने उन्हें नशीला पदार्थ दिया और उनके साथ दुष्कर्म किया।

'घूसखोर पंडत' पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, कहा- 'अभिव्यक्ति की आजादी किसी वर्ग को अपमानित करने का लाइसेंस नहीं'

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नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने वाली फिल्म 'घूसखोर पंडत' को लेकर उठा विवाद अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है। अदालत ने इस फिल्म के टाइटल और कंटेंट को गंभीर मानते हुए फिल्म निर्माता को कड़ी फटकार लगाई है। 

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी का मतलब यह नहीं कि उसके नाम पर किसी समुदाय या वर्ग विशेष को नीचा दिखाया जाए। अदालत ने इस मामले को सामाजिक सौहार्द से जुड़ा हुआ बताते हुए सख्त रुख अपनाया है।

फिल्म के खिलाफ दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार, केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (सीबीएफसी), और फिल्म के निर्माता-निर्देशक नीरज पांडे को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि यह मामला केवल एक फिल्म या उसके नाम तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे समाज में पड़ने वाले व्यापक प्रभाव जुड़े हुए हैं।

कोर्ट ने इस केस की अगली सुनवाई 19 फरवरी को तय की है।

सुनवाई के दौरान जस्टिस बी. वी. नागरत्ना ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता समुदाय के किसी भी हिस्से को बदनाम करने का लाइसेंस नहीं है। ऐसे नाम देश में अशांति पैदा कर सकते हैं, खासकर तब जब समाज पहले से ही कई तरह के तनाव और विभाजन का सामना कर रहा हो। कोर्ट ने कहा, ''जब समाज में इतनी दरारें हैं, तो हम हाथ पर हाथ धरे कैसे बैठ सकते हैं?''


‘बंदवाले’ लेकर आ रहे स्वानंद किरकिरे, बताया- यह क्रिएटिव जर्नी का नेचुरल एक्सटेंशन

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म्यूजिक कंपोजर, सिंगर, गीतकार और एक्टर स्वानंद किरकिरे अब वेब सीरीज की दुनिया में क्रिएटर और लीड एक्टर के डबल रोल में नजर आएंगे। उनकी पहली वेब सीरीज ‘बंदवाले’ प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम होने के लिए तैयार है। इस सीरीज को स्वानंद किरकिरे ने अंकुर तिवारी के साथ मिलकर बनाया है।

स्वानंद ने बताया कि पहली सीरीज बनाना और उसमें लीड रोल करना उनके लिए बहुत खास और शानदार अनुभव रहा है।

स्वानंद किरकिरे ने बताया, “बहुत लंबे समय से कहानियां मेरे साथ रही हैं, कुछ म्यूजिक के जरिए, कुछ किरदारों के जरिए और कुछ चुपचाप मेरे दिमाग में हमेशा रही हैं। ‘बंदवाले’ उन कहानियों का नतीजा है, जिन्हें आखिरकार एक ऐसा रूप मिला, जो उन्हें समय के साथ सांस लेने देता है। अपनी पहली सीरीज बनाना और उसमें लीड रोल करना विनम्र और एक्साइटिंग दोनों रहा है।”

उन्होंने आगे बताया, "जब आप अपने अभिनय स्किल को जी रहे होते हैं और किरदार के रूप में उसके अंदर रह रहे होते हैं, तो यह अलग तरह की जिम्मेदारी बन जाती है।"

आईएएनएस के इनपुट के साथ