'मंत्रियों के नाम के बाद, अब क्या उनके विभागों की ‘पर्ची’ भी ऊपर से आएगी', अखिलेश यादव का योगी सरकार पर तंज
सपा प्रमुख ने कहा, ‘‘दीर्घ प्रतीक्षा के बाद जो नए मंत्री बने हैं, वे बेचारे दर्शक दीर्घा में बैठकर गेंद को इधर-उधर आते-जाते देख रहे हैं। भाजपाई डबल इंजन बाकी मंत्रियों को ‘डब्बा’ कर देता है।’’

समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नीत सरकार में मंत्रिपरिषद विस्तार के छह दिन बाद भी मंत्रियों के विभागों का बंटवारा नहीं होने पर तंज कसते हुए शुक्रवार को सवाल उठाया कि क्या अब मंत्रियों के विभागों की ‘पर्ची’ भी ऊपर से आएगी।
अखिलेश यादव ने ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा, ‘‘यूपी में मंत्रियों के नाम के बाद, अब क्या उनके विभागों की ‘पर्ची’ भी ऊपर से आएगी?’’
उन्होंने आरोप लगाया कि मंत्रालयों के बंटवारे में देरी की असली वजह ‘‘कमीशन-कमाई के बंटवारे को लेकर डबल इंजन’’ सरकार के भीतर टकराव है।
सपा प्रमुख ने कहा, ‘‘दीर्घ प्रतीक्षा के बाद जो नए मंत्री बने हैं, वे बेचारे दर्शक दीर्घा में बैठकर गेंद को इधर-उधर आते-जाते देख रहे हैं। भाजपाई डबल इंजन बाकी मंत्रियों को ‘डब्बा’ कर देता है।’’
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जनता नए मंत्रियों को मिलने वाले विभागों पर पूरी निगरानी रखेगी, ताकि वे ‘‘अपने खजाने न भर सकें।’’
अखिलेश ने यह भी कहा, ‘‘इस बात के लिए कागजी प्रमाण के साथ-साथ और भी ऑडियो-वीडियो सबूत इकट्ठे किये जाएंगे और इन भाजपाइयों की कलई खोली जाएगी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अब जनता ही भाजपाइयों को अपने टैक्स के पैसों की लूट करने से रोकेगी, क्योंकि भ्रष्टाचार रोकने वाले बाकी सारे विभाग भाजपा ने बर्बाद कर दिए हैं। जनता को लगता है कि अब सोशल मीडिया और सिटिजन जर्नलिज्म के माध्यम से ही उन्हें न्याय मिल सकता है।’’
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि बीजेपी सरकार को पता है कि यह उसका ‘‘आखिरी कार्यकाल’’ है, इसलिए उसके नेता ‘‘दसों हाथों से पैसा बटोरना चाहते हैं।’’
उन्होंने कहा कि जागरूक जनता बीजेपी को उसके ‘‘गंदे मंसूबों’’ में सफल नहीं होने देगी।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ नीत उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रिमंडल विस्तार के तहत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने रविवार को ‘जन भवन’ में आयोजित समारोह में छह नए समेत कुल आठ मंत्रियों को शपथ दिलाई थी। हालांकि, अब तक मंत्रियों के विभागों का बंटवारा नहीं किया गया है।
पीटीआई के इनपुट के साथ
