रक्षा अभियानों के सीधे प्रसारण पर भड़के अखिलेश, कहा- देश और सैनिकों की सुरक्षा से कोई भी समझौता माफी के योग्य नहीं

सपा मुखिया ने कहा कि हमें उम्मीद है ठोस कार्रवाई होगी, जिससे जो भारत के दुश्मन हैं, जो मानवता के दुश्मन हैं, जो हमारे देश के भाईचारे को खराब करना चाहते हैं, ऐसी ताकतों का हमेशा के लिए सफाया किया जाए।

रक्षा अभियानों के सीधे प्रसारण पर भड़के अखिलेश यादव
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नवजीवन डेस्क

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समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि देश और सैनिकों की सुरक्षा से कोई भी समझौता माफ़ी के योग्य नहीं है। 

 सपा मुखिया अखिलेश यादव ने रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स पर लिखा कि सुरक्षा के दृष्टिकोण से स्पेशल ऑपरेशन्स की लाइव कवरेज की अनुमति क्या एक रणनीतिक लापरवाही थी या फिर ये राजनीतिक प्रचार से प्रेरित थी, ये बात सरकार तत्काल स्पष्ट करे। कल को फिर से सरकार ये कहेगी कि ‘एक चूक के बाद ये दूसरी चूक’ हो गई।

उन्होंने आगे लिखा कि इसका मतलब साफ है कि सुरक्षा जैसे अति संवेदनशील क्षेत्र में मीडिया का अवांछित अतिक्रमण है। लाइव कवरेज तो दुश्मन भी देखेंगे जिससे हमारे सुरक्षा बलों की लोकेशन उनको पता चल जाएगी और रणनीति भी, इससे देश की सुरक्षा और हमारे जवानों की जान भी खतरे में डाल दी जाएगी। इस तरह की लाइव कवरेज के लिए सख़्त दंडात्मक कार्रवाई होनी चाहिए। देश और सैनिकों की सुरक्षा से कोई भी समझौता माफ़ी के योग्य नहीं है।


इसके पहले उन्होंने एक जनसभा में कहा था कि इतनी बहादुर फौज दुनिया में किसी के पास नहीं जितनी भारत के पास है। इतनी कठिन परिस्थितियों में सीमा की सुरक्षा करते हैं, शायद दुनिया में ऐसे बॉर्डर नहीं होंगे। "टेररिस्ट जो हैं, उनको बख्शा नहीं जाना चाहिए और जो टेररिस्ट का साथ दे रहे हैं, उनके खिलाफ और ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।"

सपा मुखिया ने कहा कि हमें उम्मीद है ठोस कार्रवाई होगी, जिससे जो भारत के दुश्मन हैं, जो मानवता के दुश्मन हैं, जो हमारे देश के भाईचारे को खराब करना चाहते हैं, ऐसी ताकतों का हमेशा के लिए सफाया किया जाए।

ज्ञात हो कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में बीते दिनों आतंकियों ने पर्यटकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसा कर 26 लोगों की मौत के घाट उतार दिया। सेना की वर्दी में आए दहशतगर्दों ने पहलगाम की बैसरन घाटी में पर्यटकों से पहले उनका धर्म पूछा, परिचय पत्र देखे और फिर गोली मार दी।

आईएएनएस के इनपुट के साथ

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